फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   Police would not have been killed if brothers had been killed

चेत जाती पुलिस, तो रोकी जा सकती थी सगे भाइयों की हत्या

Tue, 05 Jan 2021 11:26 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 05 Jan 2021 11:26 PM IST
विज्ञापन
Police would not have been killed if brothers had been killed
आलापुर (अंबेडकरनगर)। चुनावी रंजिश को लेकर दो सगे भाइयों की नृशंस हत्या रोकने में राजेसुल्तानपुर व जहांगीरगंज पुलिस की लापरवाही सामने आई है। ऐसा इसलिए क्योंकि सोमवार को हत्याकांड से ठीक पहले आलापुर तहसील मुख्यालय पर असलहों का प्रदर्शन हुआ था। तनातनी राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र से लेकर जहांगीरगंज थाना क्षेत्र तक व्याप्त रही, लेकिन पुलिस को कानोंकान खबर नहीं हो सकी। यह तनातनी सिर्फ सोमवार की ही नहीं थी। पहले से ही दोनों पक्षों में विवाद की स्थिति थी, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने मामले में प्रभावी दखल देने की कोई जरूरत महसूस नहीं की। नतीजा यह कि सोमवार शाम अंतत: दिल दहला देने वाली घटना को अंजाम दे दिया गया। उधर, राजेसुल्तानपुर में पूर्व प्रधान प्रतिनिधि व उनके भाई की हत्या मामले में पुलिस ने बड़े भाई की तहरीर पर छह नामजद व एक अज्ञात समेत कुल सात लोगों के विरुद्ध हत्या समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया।
विज्ञापन

पंचायत चुनाव की रंजिश में सोमवार को दो सगे भाइयों की हत्या में पुलिस की साफ लापरवाही उजागर हुई है। राजेसुल्तानपुर पुलिस टीम लगातार दो बड़े पक्षों के बीच तनाव की स्थिति के बावजूद उसे नजरअंदाज करती रही। दोनों ही पक्ष अत्यंत प्रभावशाली माने जाते हैं। इसके बावजूद पुलिस किसी अनहोनी की आशंका को नहीं भांप सकी। राजेसुल्तानपुर पुलिस यह आकलन करने में भी विफल रही कि तनातनी के बीच मल्लूपुर मजगवां में बने अस्थायी निर्माण में अवैध असलहे लेकर भी प्रतिदिन कई व्यक्ति मौजूद रहते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार इस अस्थायी निर्माण में प्रतिदिन कई अराजकतत्वों का जमावड़ा रहता था। इसके बावजूद उन पर कार्रवाई करने की जरूरत इलाकाई पुलिस ने महसूस नहीं की। उधर, जहांगीरगंज पुलिस की लापरवाही यह कि सोमवार को हत्याकांड से पहले आलापुर तहसील मुख्यालय पर असलहों का प्रदर्शन हुआ था। दरअसल मतदाता सूची में नाम बढ़वाने को लेकर लगाई गई आपत्ति के समर्थन में अनिल व सुरेंद्र पहुंचे थे। जबकि नाम बढ़वाने के लिए अमित सिंह व उनके समर्थक भी वहां लामबंद थे।
विज्ञापन

ऐसे में सोमवार दोपहर से ही यह आशंका उत्पन्न हो गई थी कि अब स्थिति विस्फोटक होने जा रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि मतदाता सूची में नाम बढ़ाने के लिए जरूरी जांच करने मंगलवार को नायब तहसीलदार को मौके पर पहुंचना था। इससे पहले ही यह घटना हो गई। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि तहसील में हुए असलहों के प्रदर्शन को लेकर यदि जहांगीरगंज पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की होती या फिर तनानती को भांपकर जरूरी इनपुट पुलिस अधिकारियों को दिया होता, तो तत्काल जरूरी एक्शन लिया जा सकता था। लेकिन जहांगीरगंज व राजेसुल्तानपुर पुलिस अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का समुचित निर्वहन नहीं कर पाईं। नतीजा अंतत: दोहरे हत्याकांड के तौर पर सामने आया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed