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अधर में लटका पांच हजार पात्रों का आवास पूरा होने का सपना
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अंबेडकरनगर के अकबरपुर में पैसा न मिलने सेअधर में लटका प्रधानमंत्री आवास योजना में निर्माण का का?
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
अंबेडकरनगर। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के पक्के आवास में रहने का सपना पूरा करने को लेकर केंद्र सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री शहरी आवासीय योजना जिले में पूरी तरह धराशायी हो गई है। वर्ष 2017-18 में जिले को मिले 4,942 आवास की तुलना में 2787 पात्रों के खाते में धनाभाव के चलते दूसरी किस्त की राशि अब तक नहीं भेजी जा सकी है। नतीजतन संबंधित पात्रों के आवास का निर्माण अधूरा पड़ा है। दूसरी किस्त के लिए पात्र कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उन्हें मायूसी ही हाथ लग रही है।
शहरी आवासीय योजना के तहत पात्र को ढाई लाख जबकि ग्रामीण आवास योजना के तहत पात्र को एक लाख 20 हजार रुपये मिलता है। वर्ष 2017-18 में प्रधानमंत्री शहरी आवासीय योजना के तहत जिले को 4942 आवास का लक्ष्य मिला था। पात्रों का सत्यापन करने के बाद पहली किस्त के रूप में सभी के खाते में 50-50 हजार रुपये की राशि भेज दी गई। इससे निर्माण कराने के बाद उपभोग प्रमाणपत्र डूडा विभाग को उपलब्ध करा दिया।
2,155 पात्रों के खाते में द्वितीय किस्त की राशि डेढ़ लाख रुपये भेज दी गई जबकि 2,787 पात्र अब तक दूसरी किस्त की आस लगाए बैठे हैं। विभाग के अनुसार शासन से राशि न मिलने के चलते ही संबंधित पात्रों के खाते में दूसरी किस्त नहीं भेजी जा सकी है। इसके लिए संबंधित पात्र कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उन्हें मायूसी ही हाथ लग रही है।
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अकबरपुर नगर की मीरानपुर निवासी फूलकुमारी ने कहा कि प्रथम किस्त के रूप में जो 50 हजार की राशि मिली थी, उससे सिर्फ नींव तक का ही कार्य हो सका है। दूसरी किस्त न मिलने से निर्माण कार्य ठप पड़ा है। दूसरी किस्त के लिए संबंधित कार्यालय का चक्कर लगा रही हूं लेकिन कोई सुध नहीं ली जा रही है।
अकबरपुर नगर के पेवाड़ा निवासी पप्पू ने कहा कि द्वितीय किस्त का उपभोग प्रमाणपत्र दिए जाने के बाद भी तीसरी किस्त नहीं मिल सकी है। शहजादपुर के राजाराम ने कहा कि पहली किस्त से कार्य कराने के बाद उपभोग प्रमाणपत्र विभाग को सौंप दिया था। दूसरी किस्त न मिलने से निर्माण कार्य पूरी तरह ठप पड़ा है।
डूडा के प्रबंधक उमेश सिंह ने बताया कि धनाभाव के चलते पात्रों को दूसरी व तीसरी किस्त की राशि नहीं दी जा सकी है। इसके लिए शासन को पत्र भेजा गया है। राशि मिलते ही संबंधित पात्रों के खाते में दूसरी व तीसरी किस्त भेज दी जाएगी।
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शहरी आवासीय योजना के तहत पात्र को ढाई लाख जबकि ग्रामीण आवास योजना के तहत पात्र को एक लाख 20 हजार रुपये मिलता है। वर्ष 2017-18 में प्रधानमंत्री शहरी आवासीय योजना के तहत जिले को 4942 आवास का लक्ष्य मिला था। पात्रों का सत्यापन करने के बाद पहली किस्त के रूप में सभी के खाते में 50-50 हजार रुपये की राशि भेज दी गई। इससे निर्माण कराने के बाद उपभोग प्रमाणपत्र डूडा विभाग को उपलब्ध करा दिया।
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2,155 पात्रों के खाते में द्वितीय किस्त की राशि डेढ़ लाख रुपये भेज दी गई जबकि 2,787 पात्र अब तक दूसरी किस्त की आस लगाए बैठे हैं। विभाग के अनुसार शासन से राशि न मिलने के चलते ही संबंधित पात्रों के खाते में दूसरी किस्त नहीं भेजी जा सकी है। इसके लिए संबंधित पात्र कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उन्हें मायूसी ही हाथ लग रही है।
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अकबरपुर नगर की मीरानपुर निवासी फूलकुमारी ने कहा कि प्रथम किस्त के रूप में जो 50 हजार की राशि मिली थी, उससे सिर्फ नींव तक का ही कार्य हो सका है। दूसरी किस्त न मिलने से निर्माण कार्य ठप पड़ा है। दूसरी किस्त के लिए संबंधित कार्यालय का चक्कर लगा रही हूं लेकिन कोई सुध नहीं ली जा रही है।
अकबरपुर नगर के पेवाड़ा निवासी पप्पू ने कहा कि द्वितीय किस्त का उपभोग प्रमाणपत्र दिए जाने के बाद भी तीसरी किस्त नहीं मिल सकी है। शहजादपुर के राजाराम ने कहा कि पहली किस्त से कार्य कराने के बाद उपभोग प्रमाणपत्र विभाग को सौंप दिया था। दूसरी किस्त न मिलने से निर्माण कार्य पूरी तरह ठप पड़ा है।
डूडा के प्रबंधक उमेश सिंह ने बताया कि धनाभाव के चलते पात्रों को दूसरी व तीसरी किस्त की राशि नहीं दी जा सकी है। इसके लिए शासन को पत्र भेजा गया है। राशि मिलते ही संबंधित पात्रों के खाते में दूसरी व तीसरी किस्त भेज दी जाएगी।