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तीन वर्ष पूर्व रची गई थी हत्या की साजिश
अमर उजाला ब्यूरो/ अंबेडकरनगर
Updated Sat, 27 Jun 2015 11:32 PM IST
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आठ लाख रुपए में शाहिद के साथ यह योजना तैयार की गई। इसमें से 75 हजार रुपए एडवांस के तौर पर हंसवर निवासी शाहिद को दिया गया था। शाहिद ने माफिया सरगना खान मुबारक के सहयोगी व हंसवर निवासी हिस्ट्रीशीटर सतीश यादव को इसमें से 70 हजार रुपए घटना के लिए पेशगी के तौर पर दिया।
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इसी बीच ऐनुद्दीन हत्याकांड में सतीश जेल चला गया। इसके चलते घटना को अंजाम नहीं दे सका। अप्रैल 2015 में मसरुफ ने अपने पुत्र अजहद के माध्यम से शाहिद से संपर्क साधा और उसे दो लाख रुपए भिजवाया।
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बाकी की रकम घटना के 10 दिन बाद कही गई। पुलिस के मुताबिक घटना के दिन अजहद ही अपने बोलेरो वाहन से पेट्रोल पंप व्यवसायी शोएब खान के आगे पीछे चलकर घटना को अंजाम दिलाने में सहयोग कर रहा था। पुलिस ने यह भी बताया कि सतीश इन दिनों एक अन्य माफिया अजय सिंह सिपाही के लिए काम करने लगा था।
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