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गांवों को इंटरनेट सेवा से जोड़ने की योजना धराशायी

Sun, 15 May 2022 11:09 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 15 May 2022 11:09 PM IST
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Plan to connect villages with internet service collapsed
आलापुर (अंबेडकरनगर)। डिजिटल इंडिया के तहत गांवों में इंटरनेट सेवा से जोड़ने वाली वाईफाई चौपाल योजना तहसील क्षेत्र में पूरी तरह फेल हो गई है। तहसील के दो ब्लॉक रामनगर व जहांगीरगंज की 176 ग्राम पंचायतों में फाइबर केबल बिछाने व जरूरी उपकरण लगाने का कार्य तो पूरा कर लिया गया है, लेकिन इंटरनेट सेवा देने वाली कंपनी से करार न हो पाने के चलते गांवों में लाखों रुपये खर्च कर लगाए गए उपकरण व केबल बेकार साबित हो रहे हैं। इससे आम नागरिकों को इंटरनेट सेवा से जोड़ने की मंशा को भी तगड़ा झटका लग रहा है। लोगों ने शासन व प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए अविलंब सेवा शुरू करने की मांग की है।
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केंद्र सरकार ने गांवों को इंटरनेट सेवा से जोड़ने व ग्रामीणों को सस्ते दर पर इंटरनेट की सुविधा प्रदान करने की योजना का शुभारंभ 2014-15 में किया था। डिजिटल इंडिया के तहत वर्ष 2018 में आलापुर तहसील के विकास खंड रामनगर की 86 व जहांगीरगंज विकास खंड की 90 ग्राम पंचायतों में इस सेवा को शुरू करने की योजना पर काम प्रारंभ हुआ। चार वर्ष से अधिक बीत गए, लेकिन अब तक सभी गांवों में इंटरनेट सेवा का शुभारंभ नहीं हुआ।
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रामनगर व जहांगीरगंज विकास खंड के कुछ गांवों में बीते दिनों इंटरनेट की सेवा शुुरू की गई थी। परंतु बताया जाता है कि इंटरनेट सेवा का लाभ देने वाली कंपनी से जो कांट्रैक्ट हुआ था, वह खत्म हो गया। इससे जिन करीब 40 गांवों में यह सुविधा शुरू हुई थी, वह भी करीब चार माह पहले ठप हो गई। इससे मौजूदा समय में यह योजना तहसील क्षेत्र में पूरी तरह धराशायी साबित हो रही है।
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सरकार ने इस योजना की शुरुआत न सिर्फ ग्राम पंचायत भवनों को इंटरनेट से जोड़ने के लिए की थी, बल्कि ग्रामीणों को भी सस्ते दर पर वाईफाई के जरिए इंटरनेट सेवा देने की तैयारी की थी। परंतु सरकार की खास दिलचस्पी न होने की वजह से यह योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। इसके चलते सभी 176 गांवों में फाइबर केबल व अन्य उपकरण लाखों रुपये खर्च कर लगाने के बाद भी इंटरनेट सेवा शुरू नहीं हो पा रही है।
सूत्रों की मानें तो वीवीएनएल से कांट्रैक्ट खत्म होने के बाद सरकार बीएसएनएल को कांट्रैक्ट देने की तैयारी में है। परंतु कुछ तकनीकी खामियों के चलते प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। इसके चलते ही करीब चार माह से जिन 40 गांवों में इंटरनेट सेवा चल रही थी, वहां भी ठप पड़ी है। बाकी के अन्य गांवों के ग्रामीणों को अपने गांव में अभी इंटरनेट सेवा शुरू होने का इंतजार बना हुआ है।
लोग बोले, बेहतर है सरकार की योजना
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सरकार की यह योजना काफी बेहतर है। परंतु सरकार की उदासीनता के चलते योजना धराशायी हो गई है। यदि गांवों में इंटरनेट सेवा शुरू होती तो ग्रामीण न सिर्फ घर बैठे देश व दुनिया की खबर जान पाते, बल्कि सरकार की योजनाओं के बारे में आसानी से जानकारी भी हासिल कर पाते। मसेना मिर्जापुर के आद्या पाल, नरियांव के योगेंद्र पांडेय, सरावां के पप्पू तिवारी, विमावल की शिवांगी तिवारी, हथिनाराज के अभिषेक कुमार, इंदईपुर के अरुण मौर्य आदि ने सरकार से अविलंब इस योजना को सुचारु रूप से चलाए जाने की मांग की है। कहा कि सरकार को इस पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।

जल्द बहाल कर दी जाएगी सेवा
ग्राम पंचायतों में केबल बिछाने के साथ ही मशीन भी लगा दी गई है। इंटरनेट सेवा देने के लिए जरूरी प्रयास चल रहा है। कुछ तकनीकी दिक्कत के चलते काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। जल्द ही समाधान कर सेवा बहाल कर दी जाएगी।
अमन मिश्र, जिला प्रबंधक डिजिटल इंडिया
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