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Ambedkar Nagar News: पीएचसी को इलाज की दरकार, अव्यवस्थाओं का अंबार
Mon, 26 May 2025 10:44 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Mon, 26 May 2025 10:44 PM IST
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प्रसव कराने वाले कक्ष में नहीं लगा दरवाजा
जलालपुर (अंबेडकरनगर)। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कर्बला कासिमपुर में इन दिनों अव्यवस्थाओं का अंबार है। यहां पर न तो मरीजों के पीने के लिए पानी की बेहतर सुविधा है और न ही अन्य सुविधाएं। प्रसव कक्ष में दरवाजा तक नहीं लगा है। इसकी वजह से प्रसूताओं की निजता का हनन हो रहा है।
लगभग पांच हजार की आबादी इस अस्पताल से जुड़ी है। रोजाना 200 से 300 मरीज इलाज के लिए अस्पताल आते हैं। प्रतिदिन पांच से 10 प्रसव भी कराए जाते हैं। जिस कमरे को लेबर रूम बनाया गया है, उसको यहां के जिम्मेदारों ने स्टोर रूम बना रखा है, जबकि जहां अभी प्रसव कराया जाता है वहां पर दरवाजा तक नहीं लगा है ऐसे में परदा डाला गया है। ऐसे में कोई भी कभी भी अंदर जा सकता है।
अस्पताल में आने वाले मरीजों को सही से पेयजल की व्यवस्था तक नहीं है। अस्पताल में लगी आरओ मशीन एक माह से खराब है, इसके चलते आने वाले मरीजों व उनके तीमारदारों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल रहा है। ऐसे में लोगों को पानी के लिए हैंडपंप का सहारा लेना पड़ता है। जिस बिल्डिंग में अस्पताल का संचालन हो रहा है उसकी भी हालत काफी दयनीय है।
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अस्पताल की छत बारिश के दिनों में छत टपकती है, जिसके कारण बरसात के दिनों में काफी मुश्किल हो जाती है। अस्पताल की बाउंड्रीवाॅल भी पूरी तरीके से धराशायी हो गई है, जिसके कारण रात में अराजकतत्वों का बोलबाला रहता है।
वर्जन
अस्पताल में जो भी समस्याएं हैं, उनको अधिकारियों से अवगत कराया जाएगा। जल्द ही सभी समस्याओं का समाधान कराया जाएगा। जिससे मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
-डॉ. जयप्रकाश, सीएचसी अधीक्षक नगपुर
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लगभग पांच हजार की आबादी इस अस्पताल से जुड़ी है। रोजाना 200 से 300 मरीज इलाज के लिए अस्पताल आते हैं। प्रतिदिन पांच से 10 प्रसव भी कराए जाते हैं। जिस कमरे को लेबर रूम बनाया गया है, उसको यहां के जिम्मेदारों ने स्टोर रूम बना रखा है, जबकि जहां अभी प्रसव कराया जाता है वहां पर दरवाजा तक नहीं लगा है ऐसे में परदा डाला गया है। ऐसे में कोई भी कभी भी अंदर जा सकता है।
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अस्पताल में आने वाले मरीजों को सही से पेयजल की व्यवस्था तक नहीं है। अस्पताल में लगी आरओ मशीन एक माह से खराब है, इसके चलते आने वाले मरीजों व उनके तीमारदारों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल रहा है। ऐसे में लोगों को पानी के लिए हैंडपंप का सहारा लेना पड़ता है। जिस बिल्डिंग में अस्पताल का संचालन हो रहा है उसकी भी हालत काफी दयनीय है।
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अस्पताल की छत बारिश के दिनों में छत टपकती है, जिसके कारण बरसात के दिनों में काफी मुश्किल हो जाती है। अस्पताल की बाउंड्रीवाॅल भी पूरी तरीके से धराशायी हो गई है, जिसके कारण रात में अराजकतत्वों का बोलबाला रहता है।
वर्जन
अस्पताल में जो भी समस्याएं हैं, उनको अधिकारियों से अवगत कराया जाएगा। जल्द ही सभी समस्याओं का समाधान कराया जाएगा। जिससे मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
-डॉ. जयप्रकाश, सीएचसी अधीक्षक नगपुर