फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   Persecution of farmers is not tolerated

किसानों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं

Mon, 08 Feb 2021 11:23 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 08 Feb 2021 11:23 PM IST
विज्ञापन
Persecution of farmers is not tolerated
अंबेडकरनगर कलेक्ट्रेट के निकट तहसीलदार को ज्ञापन देते विभिन्न संगठन के पदाधिकारी। - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
अंबेडकरनगर। कृषि कानून के विरोध में सोमवार को जन अधिकार पार्टी, अपना दल व भारतीय समाज पार्टी कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से कलेक्ट्रेट के पास धरना दिया। इस दौरान पदाधिकारियों ने कहा कि कृषि कानून की आड़ में सरकार किसानों को बंधुआ मजदूर बनाना चाहती है। जो भी इसे लेकर आवाज बुलंद करता है, उसकी आवाज को बलपूर्वक दबाने की कोशिश की जा रही है। किसानों का उत्पीड़न कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया गया तो उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा। बाद में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा।
विज्ञापन

जन अधिकार पार्टी के जिला सलाहकार हरिगोपाल मौर्य ने कहा कि किसान विभिन्न प्रकार की मुश्किलों से जूझ रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार उनकी समस्याओं का निस्तारण करने की बजाय कृषि कानून लाकर उन्हें बंधुआ मजदूर बनाना चाहती है। किसान अपने अधिकार को बचाने के लिए अरसे से सड़क पर हैं, लेकिन उनकी सुध लेने की बजाय उनके आंदोलन को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही उनकी आवाज को बलपूर्वक दबाने की कोशिश की जा रही है।
विज्ञापन

अपना दल के जिलाध्यक्ष जयप्रकाश पटेल ने कहा कि केंद्र सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए सरकारी विभागों का निजीकरण करने में लगी है। इससे देश का विकास नहीं होने वाला नहीं है। न सिर्फ निजीकरण प्रक्रिया को रोका जाए, बल्कि कृषि कानूनों को भी वापस लिया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

भारतीय समाज पार्टी के अशोक कुमार ने कहा कि डीजल व पेट्रोल के साथ ही एलपीजी के दाम में लगातार वृद्धि की जा रही है। इससे महंगाई बढ़ती जा रही है। आमजन के हित को देखते हुए तत्काल न सिर्फ पेट्रो पदार्थों के दाम पर अंकुश लगाया जाए, बल्कि कृषि कानूनों को भी वापस लिया जाए। चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही उनकी मांगों का निस्तारण नहीं किया तो उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस मौके पर अनिल मौर्य, अमित कुमार, कृपाशंकर, अजय कुमार, गुलाम मोहम्मद, हरिनाथ, शशिकांत, रणजीत सिंह, संदीप आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed