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Ambedkar Nagar News: एक एक वोट के लिए पसीना बहाते दिखे लोग
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अंबेडकरनगर। सभी सात निकायों में अध्यक्ष पद के लिए भाजपा, सपा व बसपा ने पूरी ताकत लगा दी है। एक-एक वोट के लिए इन दलों ने अंतिम समय तक पसीना बहाया। इन सबके बीच अकबरपुर व टांडा नगर परिषद अध्यक्ष पद की सीट पर निर्दलीयों ने भी प्रमुख दलों के प्रत्याशियों को कड़ी चुनौती दे रखी है।
नगर पालिका परिषद व नगर पंचायत अध्यक्ष पद के प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव में राजनीतिक दलों ने अंतिम दौर में पूरी ताकत झोंक दी। चुनाव प्रचार व योजना की बात की जाए तो सिर्फ भारतीय जनता पार्टी ने अत्यंत सुनियोजित ढंग से काम किया है। सिर्फ भाजपा की तरफ से ही केंद्रीय व प्रांतीय नेताओं समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं की टीम जिले में उतरी। प्रचार के अंतिम दिन मंगलवार तक भाजपा नेताओं ने पूरी मजबूती से कमान संभाले रखा। पांच पहले हुए निकाय चुनावों से भी ज्यादा संगठित तरीके से भाजपा ने इस बार जिले में चुनाव लड़ा है।
नतीजे भाजपा के लिए चाहे जो हों लेकिन स्थानीय मुद्दों पर लड़े जाने वाले इस चुनाव को वह पीएम मोदी व सीएम योगी के कार्यों व संकल्पों से जोड़ने में सफल रही है। सारे नारे, पोस्टर व बैनर मोदी व योगी के ईदगिर्द ही घूमते रहे। मतलब साफ था कि आम लोगों को इन करिश्माई नेतृत्व से जोड़कर वोट भाजपा प्रत्याशियों के पाले में किया जा सके। समाजवादी पार्टी भी चुनाव को पूरी मजबूती से लड़ती दिखी। हालांकि कई सीटों पर अंतर्विरोध खूब रहा लेकिन फिर भी विधायकों व वरिष्ठ नेताओं ने मोर्चा संभाले रखा। यही हाल बसपा नेताओं का भी रहा। कांग्रेस ने भी प्रचार के अंतिम दिन ताकत का प्रदर्शन कर जताया कि वह भी मजबूती से चुनाव लड़ रही है।
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प्रमुख दलों के प्रत्याशियों के बीच टांडा व अकबरपुर में निर्दलीयों ने भी मजबूत टक्कर दे रखी है। दोनों सीटों पर कई निर्दलीय कुछ प्रत्याशियों का समीकरण बिगाड़ते दिखे।
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नगर पालिका परिषद व नगर पंचायत अध्यक्ष पद के प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव में राजनीतिक दलों ने अंतिम दौर में पूरी ताकत झोंक दी। चुनाव प्रचार व योजना की बात की जाए तो सिर्फ भारतीय जनता पार्टी ने अत्यंत सुनियोजित ढंग से काम किया है। सिर्फ भाजपा की तरफ से ही केंद्रीय व प्रांतीय नेताओं समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं की टीम जिले में उतरी। प्रचार के अंतिम दिन मंगलवार तक भाजपा नेताओं ने पूरी मजबूती से कमान संभाले रखा। पांच पहले हुए निकाय चुनावों से भी ज्यादा संगठित तरीके से भाजपा ने इस बार जिले में चुनाव लड़ा है।
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नतीजे भाजपा के लिए चाहे जो हों लेकिन स्थानीय मुद्दों पर लड़े जाने वाले इस चुनाव को वह पीएम मोदी व सीएम योगी के कार्यों व संकल्पों से जोड़ने में सफल रही है। सारे नारे, पोस्टर व बैनर मोदी व योगी के ईदगिर्द ही घूमते रहे। मतलब साफ था कि आम लोगों को इन करिश्माई नेतृत्व से जोड़कर वोट भाजपा प्रत्याशियों के पाले में किया जा सके। समाजवादी पार्टी भी चुनाव को पूरी मजबूती से लड़ती दिखी। हालांकि कई सीटों पर अंतर्विरोध खूब रहा लेकिन फिर भी विधायकों व वरिष्ठ नेताओं ने मोर्चा संभाले रखा। यही हाल बसपा नेताओं का भी रहा। कांग्रेस ने भी प्रचार के अंतिम दिन ताकत का प्रदर्शन कर जताया कि वह भी मजबूती से चुनाव लड़ रही है।
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प्रमुख दलों के प्रत्याशियों के बीच टांडा व अकबरपुर में निर्दलीयों ने भी मजबूत टक्कर दे रखी है। दोनों सीटों पर कई निर्दलीय कुछ प्रत्याशियों का समीकरण बिगाड़ते दिखे।