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Ambedkar Nagar News: बिना मान्यता संचालित पैरामेडिकल कॉलेज, संचालक पर धोखाधड़ी का केस
Sun, 03 Aug 2025 11:00 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Sun, 03 Aug 2025 11:00 PM IST
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अंबेडकरनगर। जिले में बिना मान्यता चल रहे पैरामेडिकल कॉलेज की भरमार हो गई है। राममगन त्रिपाठी विद्या देवी पैरामेडिकल कॉलेज देवीपुर टांडा में एएनएम में दाखिला लेने के बाद परीक्षा नहीं कराए जाने की शिकायत की जांच में कॉलेज फर्जी निकला। सीएमओ के निर्देश पर सीएचसी अधीक्षक ने कॉलेज संचालक के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कराया है।
अकबरपुर के रतनपुर निवासी अंजली के मुताबिक 26 मई 2022 को अपनी बहन प्रियंका का एएनएम में दाखिला कराने गई थीं। वहां प्रधानाचार्य शिवम त्रिपाठी से उनकी मुलाकात हुई। उन्होंने कॉलेज की मान्यता होने की बात बताई थी। एडमिशन के लिए 40 हजार रुपये जमा कराने के बाद 25 हजार रुपये की ही रसीद दी। शेष फीस की रसीद भी नहीं दी गई। इसके बाद न तो परीक्षा हुई न ही कोई सर्टिफिकेट ही दिया गया। लगातार कॉलेज के चक्कर काटते वर्ष बीत जाने के बाद कॉलेज प्रशासन ने मेडिकल फैकल्टी से कॉलेज की मान्यता न होने की जानकारी दी। ऐसे में खुद को ठगा महसूस कर वापस लौट आईं। 10 जून 2025 को सीएमओ से इसकी लिखित शिकायत की। सीएमओ कार्यालय ने रजिस्ट्रार उप्र नर्सिंग फैकल्टी लखनऊ से कॉलेज की मान्यता के विषय में जानकारी मांगी, तो कॉलेज की कोई भी मान्यता न होने की जानकारी दी गई। इसके बाद सीएमओ ने 24 जुलाई 2025 को कॉलेज प्रशासन को अपना पक्ष रखने का मौका दिया। इसके बाद भी कोई जवाब नहीं दिया गया। 30 जुलाई को छात्रा ने सीएमओ के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया। सीएचसी अधीक्षक टांडा डॉ. अजय कुमार की तहरीर पर अकबरपुर कोतवाली में कॉलेज संचालक राममगन त्रिपाठी के खिलाफ केस दर्ज किया गया। कोतवाल श्रीनिवास पांडेय ने बताया कि संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
पहले भी एक अन्य कॉलेज पर हो चुकी है कार्रवाई
लगभग बीस दिन पहले अकबरपुर के सदरपुर-अकबरपुर रोड पर अस्पताल की आड़ में फर्जी पैरामेडिकल कॉलेज संचालित करने का खुलासा हुआ था। सीएमओ स्तर से हुई जांच में सामने आया था कि यह पैरामेडिकल कॉलेज बिना किसी मान्यता के आरके हॉस्पिटल एंड मेडिकल सेंटर की आड़ में चलाया जा रहा है। जहां पर बिना वैध मान्यता के ही नर्सिंग और फार्मेसी कोर्स चला कर छात्रों से मोटी फीस लेकर उन्हें फर्जी मार्कशीट थमाई जा रही थी। शिकायत के बाद सीएमओ ने जांच कराई तो मामला फर्जी पाया गया। जिसके बाद पैरामेडिकल कॉलेज संचालकों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था।
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अकबरपुर के रतनपुर निवासी अंजली के मुताबिक 26 मई 2022 को अपनी बहन प्रियंका का एएनएम में दाखिला कराने गई थीं। वहां प्रधानाचार्य शिवम त्रिपाठी से उनकी मुलाकात हुई। उन्होंने कॉलेज की मान्यता होने की बात बताई थी। एडमिशन के लिए 40 हजार रुपये जमा कराने के बाद 25 हजार रुपये की ही रसीद दी। शेष फीस की रसीद भी नहीं दी गई। इसके बाद न तो परीक्षा हुई न ही कोई सर्टिफिकेट ही दिया गया। लगातार कॉलेज के चक्कर काटते वर्ष बीत जाने के बाद कॉलेज प्रशासन ने मेडिकल फैकल्टी से कॉलेज की मान्यता न होने की जानकारी दी। ऐसे में खुद को ठगा महसूस कर वापस लौट आईं। 10 जून 2025 को सीएमओ से इसकी लिखित शिकायत की। सीएमओ कार्यालय ने रजिस्ट्रार उप्र नर्सिंग फैकल्टी लखनऊ से कॉलेज की मान्यता के विषय में जानकारी मांगी, तो कॉलेज की कोई भी मान्यता न होने की जानकारी दी गई। इसके बाद सीएमओ ने 24 जुलाई 2025 को कॉलेज प्रशासन को अपना पक्ष रखने का मौका दिया। इसके बाद भी कोई जवाब नहीं दिया गया। 30 जुलाई को छात्रा ने सीएमओ के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया। सीएचसी अधीक्षक टांडा डॉ. अजय कुमार की तहरीर पर अकबरपुर कोतवाली में कॉलेज संचालक राममगन त्रिपाठी के खिलाफ केस दर्ज किया गया। कोतवाल श्रीनिवास पांडेय ने बताया कि संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
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पहले भी एक अन्य कॉलेज पर हो चुकी है कार्रवाई
लगभग बीस दिन पहले अकबरपुर के सदरपुर-अकबरपुर रोड पर अस्पताल की आड़ में फर्जी पैरामेडिकल कॉलेज संचालित करने का खुलासा हुआ था। सीएमओ स्तर से हुई जांच में सामने आया था कि यह पैरामेडिकल कॉलेज बिना किसी मान्यता के आरके हॉस्पिटल एंड मेडिकल सेंटर की आड़ में चलाया जा रहा है। जहां पर बिना वैध मान्यता के ही नर्सिंग और फार्मेसी कोर्स चला कर छात्रों से मोटी फीस लेकर उन्हें फर्जी मार्कशीट थमाई जा रही थी। शिकायत के बाद सीएमओ ने जांच कराई तो मामला फर्जी पाया गया। जिसके बाद पैरामेडिकल कॉलेज संचालकों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था।
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