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Ambedkar Nagar News: लेखपालों ने किया समाधान दिवस का बहिष्कार
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अकबरपुर तहसील में शनिवार को प्रदर्शन करते लेखपाल। संवाद
अंबेडकरनगर। लंबित मांगों के निस्तारण में देरी से नाराज लेखपालों का विरोध प्रदर्शन शनिवार को भी जारी रहा। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर जिलेभर के लेखपालों ने संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार किया। तहसील परिसरों में धरना देकर शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का एलान किया।
लेखपाल 22 सितंबर से अतिरिक्त हल्का कार्य का बहिष्कार कर रहे हैं। अकबरपुर तहसील परिसर में प्रदर्शन के दौरान लेखपालों ने कहा कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन शासन स्तर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। संघ की प्रमुख मांगों में प्रारंभिक वेतनमान में सुधार कर 2800 ग्रेड पे देने, वेतन विसंगति दूर करने, आठ वर्षों से लंबित अंतरमंडलीय स्थानांतरण और दो वर्षों से लंबित पदोन्नति सूची जारी करने की मांग शामिल है। इसके अलावा 16 वर्षों से भत्तों में बढ़ोतरी न होने का मुद्दा भी उठाया गया। धरने में खंड मंत्री रुपेश यादव, जिलाध्यक्ष जितेंद्र यादव, शिवप्रकाश तिवारी और अखिलेश चौरसिया समेत अन्य लेखपाल मौजूद रहे।
जलालपुर में लेखपालों ने समाधान दिवस का बहिष्कार कर तहसील परिसर में धरना दिया। तहसील लेखपाल संघ अध्यक्ष जयकरन पाल ने कहा कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। धरने में विवेक यादव, रणजीत वर्मा, गौरीशंकर वर्मा, कन्हैया लाल पांडेय, बृजेश कुमार वर्मा, संतराज, ममता विश्वकर्मा, निधि सिंह और प्रतिमा मौर्य मौजूद रहीं।
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आलापुर में तहसील अध्यक्ष विपिन त्रिपाठी ने बताया कि आठ अक्तूबर को ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार, 10 अक्तूबर को काली पट्टी बांधकर कार्य और 14 अक्तूबर को बाइक रैली निकाली जाएगी। 17 से 23 अक्तूबर तक तहसील मुख्यालय पर धरना होगा। 24 अक्तूबर से जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की घोषणा की गई है।
विद्युतनगर में टांडा तहसील मुख्यालय पर लेखपालों ने धरना देकर प्रशासनिक कार्यों का बहिष्कार किया। एसडीएम संजीव सिंह को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। भीटी में भी लेखपालों ने एकदिवसीय धरना देकर एसडीएम तृप्ति गुप्ता को ज्ञापन सौंपा। तहसील अध्यक्ष प्रवीण शुक्ल समेत अन्य लेखपाल मौजूद रहे।
ये काम प्रभावित
आय, निवास और जाति प्रमाणपत्र, नामांतरण-वरासत, भूमि पैमाइश, राजस्व अभिलेखों से जुड़े कार्य, भूमि संबंधी रिपोर्ट व सत्यापन, सरकारी योजनाओं के लिए राजस्व रिपोर्ट तथा अतिरिक्त हल्का क्षेत्रों के राजस्व कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
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लेखपाल 22 सितंबर से अतिरिक्त हल्का कार्य का बहिष्कार कर रहे हैं। अकबरपुर तहसील परिसर में प्रदर्शन के दौरान लेखपालों ने कहा कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन शासन स्तर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। संघ की प्रमुख मांगों में प्रारंभिक वेतनमान में सुधार कर 2800 ग्रेड पे देने, वेतन विसंगति दूर करने, आठ वर्षों से लंबित अंतरमंडलीय स्थानांतरण और दो वर्षों से लंबित पदोन्नति सूची जारी करने की मांग शामिल है। इसके अलावा 16 वर्षों से भत्तों में बढ़ोतरी न होने का मुद्दा भी उठाया गया। धरने में खंड मंत्री रुपेश यादव, जिलाध्यक्ष जितेंद्र यादव, शिवप्रकाश तिवारी और अखिलेश चौरसिया समेत अन्य लेखपाल मौजूद रहे।
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जलालपुर में लेखपालों ने समाधान दिवस का बहिष्कार कर तहसील परिसर में धरना दिया। तहसील लेखपाल संघ अध्यक्ष जयकरन पाल ने कहा कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। धरने में विवेक यादव, रणजीत वर्मा, गौरीशंकर वर्मा, कन्हैया लाल पांडेय, बृजेश कुमार वर्मा, संतराज, ममता विश्वकर्मा, निधि सिंह और प्रतिमा मौर्य मौजूद रहीं।
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आलापुर में तहसील अध्यक्ष विपिन त्रिपाठी ने बताया कि आठ अक्तूबर को ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार, 10 अक्तूबर को काली पट्टी बांधकर कार्य और 14 अक्तूबर को बाइक रैली निकाली जाएगी। 17 से 23 अक्तूबर तक तहसील मुख्यालय पर धरना होगा। 24 अक्तूबर से जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की घोषणा की गई है।
विद्युतनगर में टांडा तहसील मुख्यालय पर लेखपालों ने धरना देकर प्रशासनिक कार्यों का बहिष्कार किया। एसडीएम संजीव सिंह को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। भीटी में भी लेखपालों ने एकदिवसीय धरना देकर एसडीएम तृप्ति गुप्ता को ज्ञापन सौंपा। तहसील अध्यक्ष प्रवीण शुक्ल समेत अन्य लेखपाल मौजूद रहे।
ये काम प्रभावित
आय, निवास और जाति प्रमाणपत्र, नामांतरण-वरासत, भूमि पैमाइश, राजस्व अभिलेखों से जुड़े कार्य, भूमि संबंधी रिपोर्ट व सत्यापन, सरकारी योजनाओं के लिए राजस्व रिपोर्ट तथा अतिरिक्त हल्का क्षेत्रों के राजस्व कार्य प्रभावित हो रहे हैं।