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आउट सोर्सिग कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर बुलंद की हक की आवाज
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अंबेडकरनगर जिला अस्पताल में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते पैरा मेडिकल कर्मी।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
अंबेडकरनगर। संयुक्त स्वास्थ्य आउट सोर्सिग संविदा कर्मचारी संघ के तत्वावधान में बुधवार को कर्मचारियों ने जिला अस्पताल परिसर में प्रदर्शन किया। कहा गया कि पैरा मेडिकल कर्मचारियों की सेवा विस्तार व नॉन पैरा मेडिकल कर्मचारियों की सेवा बहाल की जाए। एनएचएम के तहत कर्मचारियों का समायोजन किया जाए।
तय किया गया कि मांगों को लेकर गुरुवार से विधानभवन लखनऊ के सामने शुरू हो रहे अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए जिले की भागीदारी प्रमुखता से की जाएगी। उधर, स्टाफ की कमीं के चलते जिला अस्पताल में बुधवार को भी न सिर्फ विभिन्न प्रकार की जांच प्रभावित हुई, बल्कि मरीजों के समुचित इलाज में भी समस्या उत्पन्न हुई।
कर्मचारी संघ संरक्षक डॉ. नंदलाल ने कहा कि कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी का निर्वह्न पूरी ईमानदारी के साथ कर रहे थे। किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं थी। इसके बावजूद उनका कार्यकाल बढ़ाने को लेकर किसी प्रकार की गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। शासन प्रशासन को यह सोचना चाहिए कि नौकरी जाने के बाद यह कर्मचारी क्या करेंगे। कर्मचारियों की समस्या व उनके हित को देखते हुए अनुभव के आधार पर कार्यकाल बढ़ाया जाना जरूरी है।
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अध्यक्ष अजीत पाल ने कहा कि पैरामेडिकल कर्मचारियों का सेवा विस्तार करने के साथ ही नॉन पैरामेडिकल कर्मचारियों की सेवा बहाली की जाए। मांग करते हुए कहा कि बिना किसी शर्त के एनएचएम में संविदा के पद पर कर्मचरियों का समायोजन किया जाए। न्यायालय के समान कार्य, समान वेतन निर्देश का पालन करते हुए उन्हें इसका लाभ दिलाया जाए। 60 वर्ष तक उनकी नौकरी कार्यकाल को सुनिश्चित किया जाए।
कर्मचारियों से आह्वान किया कि 7 नवंबर गुरुवार से विधानभवन लखनऊ के समक्ष शुरू हो रहे अनिश्चितकालीन धरने को सफल बनाने के लिए जिले से कर्मचारियों की बढ़ चढ़कर भागीदारी सुनिश्चित करें। बाद में कर्मचारियों के प्रतिनिधिमण्डल ने सीएमओ से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान ज्योति, शेषमणि, अमरदीप, अलका, साहिल, नितीश आदि मौजूद रहे।
प्रभावित रहा जांच का कार्य
स्टॉफ की कमीं के चलते बुधवार को भी जिला अस्पताल में विभिन्न प्रकार की जांच प्रभावित रही। इसके अलावा पर्ची व दवा वितरण काउंटर पर भी सुबह से ही मरीजों व तीमारदारों की लंबी लाइन लगी। इमरजेंसी वार्ड में बुधवार को वार्ड संख्या एक व दो खुले जरूर, लेकिन पहले की तरह मरीजों का समुचित इलाज सुनिश्चित नहीं हो सका। मार्ग दुर्घटना में घायल होकर जिला अस्पताल पहुंचे सैदापुर के लालमन के तीमारदार आनंद व अखिलेश ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि स्टॉफ की कमीं के चलते इलाज में विलंब हुआ।
सीएमएस डॉ. एसपी गौतम ने बताया किस्टॉफ की कमीं जरूर है, लेकिन जो भी स्टॉफ है, उसके द्वारा मरीजों का सुचारु रूप से इलाज सुनिश्चित किया जा रहा है। जांच कार्य में कुछ बाधा उत्पन्न हो रही है।
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तय किया गया कि मांगों को लेकर गुरुवार से विधानभवन लखनऊ के सामने शुरू हो रहे अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए जिले की भागीदारी प्रमुखता से की जाएगी। उधर, स्टाफ की कमीं के चलते जिला अस्पताल में बुधवार को भी न सिर्फ विभिन्न प्रकार की जांच प्रभावित हुई, बल्कि मरीजों के समुचित इलाज में भी समस्या उत्पन्न हुई।
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कर्मचारी संघ संरक्षक डॉ. नंदलाल ने कहा कि कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी का निर्वह्न पूरी ईमानदारी के साथ कर रहे थे। किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं थी। इसके बावजूद उनका कार्यकाल बढ़ाने को लेकर किसी प्रकार की गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। शासन प्रशासन को यह सोचना चाहिए कि नौकरी जाने के बाद यह कर्मचारी क्या करेंगे। कर्मचारियों की समस्या व उनके हित को देखते हुए अनुभव के आधार पर कार्यकाल बढ़ाया जाना जरूरी है।
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अध्यक्ष अजीत पाल ने कहा कि पैरामेडिकल कर्मचारियों का सेवा विस्तार करने के साथ ही नॉन पैरामेडिकल कर्मचारियों की सेवा बहाली की जाए। मांग करते हुए कहा कि बिना किसी शर्त के एनएचएम में संविदा के पद पर कर्मचरियों का समायोजन किया जाए। न्यायालय के समान कार्य, समान वेतन निर्देश का पालन करते हुए उन्हें इसका लाभ दिलाया जाए। 60 वर्ष तक उनकी नौकरी कार्यकाल को सुनिश्चित किया जाए।
कर्मचारियों से आह्वान किया कि 7 नवंबर गुरुवार से विधानभवन लखनऊ के समक्ष शुरू हो रहे अनिश्चितकालीन धरने को सफल बनाने के लिए जिले से कर्मचारियों की बढ़ चढ़कर भागीदारी सुनिश्चित करें। बाद में कर्मचारियों के प्रतिनिधिमण्डल ने सीएमओ से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान ज्योति, शेषमणि, अमरदीप, अलका, साहिल, नितीश आदि मौजूद रहे।
प्रभावित रहा जांच का कार्य
स्टॉफ की कमीं के चलते बुधवार को भी जिला अस्पताल में विभिन्न प्रकार की जांच प्रभावित रही। इसके अलावा पर्ची व दवा वितरण काउंटर पर भी सुबह से ही मरीजों व तीमारदारों की लंबी लाइन लगी। इमरजेंसी वार्ड में बुधवार को वार्ड संख्या एक व दो खुले जरूर, लेकिन पहले की तरह मरीजों का समुचित इलाज सुनिश्चित नहीं हो सका। मार्ग दुर्घटना में घायल होकर जिला अस्पताल पहुंचे सैदापुर के लालमन के तीमारदार आनंद व अखिलेश ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि स्टॉफ की कमीं के चलते इलाज में विलंब हुआ।
सीएमएस डॉ. एसपी गौतम ने बताया किस्टॉफ की कमीं जरूर है, लेकिन जो भी स्टॉफ है, उसके द्वारा मरीजों का सुचारु रूप से इलाज सुनिश्चित किया जा रहा है। जांच कार्य में कुछ बाधा उत्पन्न हो रही है।