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20 हजार ग्रामीणों को मिला शहरी होने का दर्जा
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जहांगीरगंज/राजेसुल्तानपुर। जिले के लगभग 20 हजार ग्रामीणों को अब सीधे तौर पर शहरी होने का दर्जा मिल गया है। दरअसल, आलापुर तहसील को दो नई नगर पंचायतों का तोहफा मिला है। इसे लेकर लंबे समय से चली आ रही कवायद अब जाकर पूरी हुई है। शासन ने बाकायदा जहांगीरगंज व राजेसुल्तानपुर बाजार को नई नगर पंचायत अंतिम तौर पर घोषित कर दिया है। दोनों नगर पंचायतों में एक एक दर्जन गांव शामिल किए गए हैं। शासन के इस निर्णय से अब जिले में नगर पंचायतों की संख्या बढ़कर चार हो गई है।
आलापुर विधानसभा क्षेत्र के लगभग 20 हजार ग्रामीणों के लिए बड़ी खुशखबरी का मौका आया है। ऐसा इसलिए क्योंकि क्षेत्र की दो बड़ी बाजारों को शासन ने नगर पंचायत का दर्जा प्रदान कर दिया है। एक दिन पहले सोमवार को शासन ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों में कुल 28 नई नगर पंचायतों के गठन को अंतिम रूप दे दिया। इसमें अंबेडकरनगर की जहांगीरगंज व राजेसुल्तानपुर बाजार को भी नगर पंचायत के तौर पर शामिल किया गया। बताते चलें कि विधायक अनीता कमल नगर पंचायतों के गठन को लेकर अत्यन्त सक्रिय थीं। उन्होंने शासन को बाकायदा प्रस्ताव भेजा था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर विधायक ने कहा था कि आलापुर विधानसभा क्षेत्र में विकास की ज्यादा जरूरत अन्य इलाकों के सापेक्ष है। तहसील व विधानसभा क्षेत्र में कोई भी नगर पंचायत व नगर पालिका परिषद नहीं है। विधायक के प्रयासों के चलते 28 दिसंबर 2019 को जहांगीरगंज व राजेसुल्तानपुर बाजार को नगर पंचायत घोषित करने की अधिसूचना जारी हुई थी। राजेसुल्तानपुर में लगभग डेढ़ दर्जन गांव तो जहांगीरंज में एक दर्जन से अधिक गांवों को शामिल किए जाने का प्रस्ताव तैयार हुआ। इस पर आपत्तियां ली गईं। आपत्तियों के निस्तारण में सूची संशोधित हुई। इसके बाद पूरा मामला शासन के पाले में चला गया।
इस बीच सोमवार देर शाम इंतजार की घड़ी समाप्त हुई। शासन ने बाकायदा दोनों नई नगर पंचायतों के गठन की अंतिम घोषणा कर दी। इससे दोनों बाजारवासियों समेत आसपास के गांवों के वाशिन्दों की बांछें खिल गई हैं। अब उन्हें मार्ग प्रकाश, जल निकासी, आवागमन व पेयजल की बेहतर सुविधा का लाभ आने वाले दिनों में मिल सकेगा।
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जिले में दो नई नगर पंचायत की घोषणा होने से उनकी संख्या बढ़कर चार हो गई है। अभी तक टांडा तहसील में इल्तिफातगंज व अशरफपुर किछौछा दो अलग अलग नगर पंचायत थीं। अकबरपुर तहसील व टांडा तहसील में सिर्फ एक एक नगर पालिका परिषद है। यहां कोई भी नगर पंचायत नहीं है। आलापुर तहसील में दो नई नगर पंचायत होने से अब नगर पंचायत चार हो गई हैं। आलापुर में एक भी नगर पालिका परिषद नहीं है। भीटी तहसील में न तो नगरपालिका परिषद है और न ही नगर पंचायत।
प्रदेश में पंचायत चुनाव की सुगबुगाहट शुरू हो चुकी है। इसके लिए सभी जरूरी तैयारियां चल रही हैं। गांवों में अलग अलग दावेदारों द्वारा मतदाताओं को अपने पाले में करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। इन सब के बीच शासन द्वारा कई गांवों को मिलाकर दो नई ग्राम पंचायत बना दिए जाने से अब आलापुर तहसील क्षेत्र के लगभग दो दर्जन गांवों में प्रधान के साथ ही बीडीसी व ग्राम पंचायत सदस्य के लिए वोट नहीं डाले जा सकेंगे। इन गांव के वाशिंदे पंचायत प्रतिनिधि चुनने के बजाए अपना सभासद चुनेंगे।
मैंने आलापुर विधानसभा क्षेत्र की जनता के लिए विकास का बड़ा वादा पूरा किया है। दो नई नगर पंचायतों के गठन का लाभ सिर्फ जहांगीरगंज व राजेसुल्तानपुर बाजार समेत आसपास के ग्रामीणों को नहीं मिलेगा। नई नगर पंचायत क्षेत्र का विकास होने पर यहां आने वाले नागरिकों, यात्रियों व ग्राहकों को भी व्यापक सुविधा हासिल होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आलापुर की जनता को जो सौगात दिया है, जनता उसे याद रखेगी। आने वाले समय में विकास के और भी बड़े कार्य क्षेत्र में होंगे। सड़कों का निर्माण तेजी से कराया ही जा रहा है। कोशिश यह होगी कि नई नगर पंचायतों में भी विकास के सभी जरूरी कार्य अत्यन्त प्राथमिकता के साथ हों।
- अनीता कमल, विधायक, आलापुर
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आलापुर विधानसभा क्षेत्र के लगभग 20 हजार ग्रामीणों के लिए बड़ी खुशखबरी का मौका आया है। ऐसा इसलिए क्योंकि क्षेत्र की दो बड़ी बाजारों को शासन ने नगर पंचायत का दर्जा प्रदान कर दिया है। एक दिन पहले सोमवार को शासन ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों में कुल 28 नई नगर पंचायतों के गठन को अंतिम रूप दे दिया। इसमें अंबेडकरनगर की जहांगीरगंज व राजेसुल्तानपुर बाजार को भी नगर पंचायत के तौर पर शामिल किया गया। बताते चलें कि विधायक अनीता कमल नगर पंचायतों के गठन को लेकर अत्यन्त सक्रिय थीं। उन्होंने शासन को बाकायदा प्रस्ताव भेजा था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर विधायक ने कहा था कि आलापुर विधानसभा क्षेत्र में विकास की ज्यादा जरूरत अन्य इलाकों के सापेक्ष है। तहसील व विधानसभा क्षेत्र में कोई भी नगर पंचायत व नगर पालिका परिषद नहीं है। विधायक के प्रयासों के चलते 28 दिसंबर 2019 को जहांगीरगंज व राजेसुल्तानपुर बाजार को नगर पंचायत घोषित करने की अधिसूचना जारी हुई थी। राजेसुल्तानपुर में लगभग डेढ़ दर्जन गांव तो जहांगीरंज में एक दर्जन से अधिक गांवों को शामिल किए जाने का प्रस्ताव तैयार हुआ। इस पर आपत्तियां ली गईं। आपत्तियों के निस्तारण में सूची संशोधित हुई। इसके बाद पूरा मामला शासन के पाले में चला गया।
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इस बीच सोमवार देर शाम इंतजार की घड़ी समाप्त हुई। शासन ने बाकायदा दोनों नई नगर पंचायतों के गठन की अंतिम घोषणा कर दी। इससे दोनों बाजारवासियों समेत आसपास के गांवों के वाशिन्दों की बांछें खिल गई हैं। अब उन्हें मार्ग प्रकाश, जल निकासी, आवागमन व पेयजल की बेहतर सुविधा का लाभ आने वाले दिनों में मिल सकेगा।
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जिले में दो नई नगर पंचायत की घोषणा होने से उनकी संख्या बढ़कर चार हो गई है। अभी तक टांडा तहसील में इल्तिफातगंज व अशरफपुर किछौछा दो अलग अलग नगर पंचायत थीं। अकबरपुर तहसील व टांडा तहसील में सिर्फ एक एक नगर पालिका परिषद है। यहां कोई भी नगर पंचायत नहीं है। आलापुर तहसील में दो नई नगर पंचायत होने से अब नगर पंचायत चार हो गई हैं। आलापुर में एक भी नगर पालिका परिषद नहीं है। भीटी तहसील में न तो नगरपालिका परिषद है और न ही नगर पंचायत।
प्रदेश में पंचायत चुनाव की सुगबुगाहट शुरू हो चुकी है। इसके लिए सभी जरूरी तैयारियां चल रही हैं। गांवों में अलग अलग दावेदारों द्वारा मतदाताओं को अपने पाले में करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। इन सब के बीच शासन द्वारा कई गांवों को मिलाकर दो नई ग्राम पंचायत बना दिए जाने से अब आलापुर तहसील क्षेत्र के लगभग दो दर्जन गांवों में प्रधान के साथ ही बीडीसी व ग्राम पंचायत सदस्य के लिए वोट नहीं डाले जा सकेंगे। इन गांव के वाशिंदे पंचायत प्रतिनिधि चुनने के बजाए अपना सभासद चुनेंगे।
मैंने आलापुर विधानसभा क्षेत्र की जनता के लिए विकास का बड़ा वादा पूरा किया है। दो नई नगर पंचायतों के गठन का लाभ सिर्फ जहांगीरगंज व राजेसुल्तानपुर बाजार समेत आसपास के ग्रामीणों को नहीं मिलेगा। नई नगर पंचायत क्षेत्र का विकास होने पर यहां आने वाले नागरिकों, यात्रियों व ग्राहकों को भी व्यापक सुविधा हासिल होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आलापुर की जनता को जो सौगात दिया है, जनता उसे याद रखेगी। आने वाले समय में विकास के और भी बड़े कार्य क्षेत्र में होंगे। सड़कों का निर्माण तेजी से कराया ही जा रहा है। कोशिश यह होगी कि नई नगर पंचायतों में भी विकास के सभी जरूरी कार्य अत्यन्त प्राथमिकता के साथ हों।
- अनीता कमल, विधायक, आलापुर