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कहीं कैश नहीं तो कहीं सर्वर हुआ फेल
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
Updated Tue, 15 Nov 2016 11:08 PM IST
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अंबेडकरनगर में मंगलवार को शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के विभिन्न बैकों के बाहर लगी लोगों की लाइन।
- फोटो : अमर उजाला
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कहीं धनाभाव के चलते धननिकासी नहीं हो सकी, तो कहीं सर्वर खराबी के चलते बैंक से धन नहीं निकल सका। जिन बैंकों में धननिकासी हुई भी, उनमें से कुछ में पूर्वाह्न 11 बजे पैसे खत्म हो गए। इससे जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित विभिन्न बैंको की शाखाओं पर धननिकासी के लिए लाइन में लगे उपभोक्ताओं में संबंधित बैंक प्रशासन के प्रति नाराजगी व्याप्त हो गई।
उनका कहना था कि उपभोक्ताओं की समस्या को देखते हुए बैंकों में पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उधर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मियों को भी काफी मशक्कत का सामना करनी पड़ा।
सोमवार को गुरुनानक जयंती पर अवकाश के बाद मंगलवार को बैंक शाखाएं खुलने पर उम्मीद के अनुसार सुबह से ही धननिकासी के लिए जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित विभिन्न बैंक शाखाओं में उपभोक्ताओं की लंबी लाइन लग गई। वैसे तो बैंक खुलने का समय 10 बजे था, लेकिन इससे काफी पहले ही उपभोक्ता लाइन में लगे थे।
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मंगलवार को पुरानी बड़ी नोट जमा करने की बजाए धननिकासी पर अधिक जोर रहा। अकबरपुर फैजाबाद मार्ग स्थित यूनियन बैंक में धनराशि न होने के चलते धननिकासी का कार्य प्रारंभ ही नहीं हो सका।
नई सड़क स्थित यूनियन बैंक, ओरियंटल बैंक व बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में लगभग दो घंटा धननिकासी के बाद धन समाप्त हो गया।
भीटी प्रतिनिधि के अनुसार बैंक ऑफ बड़ौदा की भीटी शाखा में सुबह ही तकनीकी खराबी आ गई। इससे पूरे दिन धननिकासी का कार्य नहीं शुरू हो सका। जलालपुर प्रतिनिधि के अनुसार बैंक ऑफ बड़ौदा व स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखओं में धननिकासी का कार्य शुरू तो हुआ, लेकिन 1 से 2 हजार रुपये की ही निकासी हो रही थी।
टांडा प्रतिनिधि के अनुसार बैंक ऑफ बड़ौदा व स्टेट बैंक की शाखओं से भी 2 हजार से अधिक की धनराशि की निकासी नहीं हो रही थी। आलापुर में बैंक आफ बड़ौदा की शाखा से दोपहर बाद धन समाप्त हो जाने के चलते उपभोक्ताओं को निराश होना पड़ा।
समुचित धननिकासी न होने से नाराज भीटी के उपभोक्ता रामनरेश व शोभावती ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पुरानी नोट बंद करने से पहले आवश्यक व्यवस्था पहले से ही कर लेनी चाहिए थी। धन न उपलब्ध होने से उनके रोजमर्रा के कार्य में समस्या हो रही है।
अकबरपुर के सुनील व राजेश ने कहा कि उन्हें वैवाहिक आयोजन में भाग लेने जाना है। घर का खर्च चलाना भी मुश्किल हो रहा है। कुछ समझ में नहीं आ रहा कि यदि शीघ्र ही धनराशि नहीं मिली, तो किस प्रकार घर का खर्च चलेगा। एलडीएम अरुण कुमार सिंह ने बताया कि नई करेंसी की कमीं है। इससे कुछ समस्या जरूर आ रही है। आगामी दिनों में नई करेंसी आने से समुचित धननिकासी सुनिश्चित कराई जाएगी।
एक दिन के अवकाश के बाद मंगलवार को भी एटीएम सेवा जिले में पूरी तरह ध्वस्त हो गई। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित विभिन्न बैंकों के अधिकांश एटीएम के शटर ही नहीं खुल सके। जिन एटीएम के शटर खुले भी, तो वहां धन न होने का बोर्ड बाहर टांग दिया गया।
नतीजा यह रहा कि धननिकासी की उम्मीद लिए एटीएम का रुख करने वाले उपभोक्ताओं को निराश होकर बैंक शाखाओं की तरफ जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। पुरानी बड़ी नोटों पर प्रतिबंध के बाद से ही जिले में एटीएम सेवा पूरी तरह बेपटरी होकर रह गई है।
जिला मुख्यालय पर तो इक्का दुक्का एटीएम से कुछ देर के लिए ही सही धननिकासी हो जाती है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित एटीएम सेवा पूरी तरह ठप पड़ी है। भीटी बाजार में बैंक आफ बड़ौदा के एटीएम का शटर जब से पुरानी नोट पर प्रतिबंध लगा है खुला ही नहीं।
हजपुरा बाजार में एकमात्र बैंक ऑफ बड़ौदा का एटीएम स्थापित है जो बंद रहा। बरियावन बाजार में लगा बैंक आफ बड़ौदा के एटीएम का भी शटर अब तक नहीं खुल सका है। कुछ ऐसा ही हाल अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित एटीएम का भी है।
भीटी के उपभोक्ता रामअरज तिवारी, जलालपुर के अनिल यादव व हजपुरा के सूर्यभान मिश्र ने नाराजगी जताते हुए कहा कि एटीएम सेवा बहाल करने को लेकर संबंधित अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। इससे तमाम प्रकार की समस्याएं खड़ी हो रही हैं।
देश में 1 हजार व 500 रुपए की नोट बंद होने के बाद पुरानी नोटों के बदलने की व्यवस्था कटेहरी डाकघर में न होने से यहां के उपभोक्ताओं को खासी मुश्किल हो रही है। लोगों को अपनी पुरानी नोट को बदलने के लिए इधर उधर भागदौड़ करनी पड़ रही है। उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन से अविलंब डाकघर में यह व्यवस्था उपलब्ध कराए जाने की मांग की है।
ज्ञात हो कि केन्द्र सरकार ने देश में एक हजार व 500 रुपए के नोट को बंद कर दिया है। इसे बदलने के लिए लोगों को अपने बैंक व डाकघर के खातों में 31 दिसम्बर तक जमा कर बदलने का मौका दिया है। कटेहरी डाकघर में उपभोक्ताओं को यह सुविधा नहीं मिल पा रही है।
इससे इस डाकघर से जुड़े उपभोक्ताओं को खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उपभोक्ता रामसूरत, शिवकुमार, जयराम व माधव प्रसाद आदि ने जिला प्रशासन से अविलंब इस डाकघर में नोट बदलने की सुविधा को बहाल कराए जाने की मांग की है।
प्रदेश सरकार के आदेश के बाद भी साधन सहकारी समितियों पर 500 व 1 हजार की नोट न लिए जाने से किसानों में नाराजगी का माहौल है। किसानों का कहना है कि साधन सहकारी समिति सरकारी विभाग है, ऐसे में उसके द्वारा इन नोटों को क्यों नहीं लिया जा रहा है, जबकि अन्य सभी सरकारी विभागों में यह नोट बेरोक टोक ली जा रही है।
किसानों ने जिला प्रशासन से साधन सहकारी समिति के प्रभारियों पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए समितियों पर इन नोटों के संचालन कराए जाने की मांग की है। बड़ी नोटों पर बैन लगने के बाद किसानों पर सरकारी मशीनरी की मनमानी भी भारी पड़ रही है।
किसानों व आम जनता को कम दिक्कत हो इसलिए कई सरकारी कार्यालयों में पुरानी बड़ी नोट स्वीकार करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि कई जगहों पर इसके बाद भी पुरानी बड़ी नोट न लेने की शिकायत सामने आ रही है। अब साधन सहकारी समितियों में भी 500 व 1 हजार की नोट नहीं ली जा रही है।
किसानों के मुताबिक केन्द्र प्रभारियों द्वारा 500 व 1 हजार रुपए के नोट नहीं लिए जा रहे हैं। इससे किसानों को मजबूर होकर निजी दुकानदारों के यहां जाना पड़ रहा है। साधन सहकारी समिति औरंगनगर में पर्याप्त मात्रा में खाद मौजूद है।
किसान सादिक कुरैशी, मुनिराज वर्मा, ब्रह्मादीन वर्मा, परशुराम वर्मा व दयाशंकर मिश्र आदि ने बताया कि को-ऑपरेटिव बैंक द्वारा पुरानी नोट नहीं ली जा रही है। इससे उनका बकाया राशि जमा नहीं हो पा रही है। उधर अपर जिलाधिकारी रामसूरत पाण्डेय ने कहा कि इस बार में शासन की तरफ से आए दिशा निर्देशों का पालन कराया जाएगा।
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उनका कहना था कि उपभोक्ताओं की समस्या को देखते हुए बैंकों में पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उधर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मियों को भी काफी मशक्कत का सामना करनी पड़ा।
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सोमवार को गुरुनानक जयंती पर अवकाश के बाद मंगलवार को बैंक शाखाएं खुलने पर उम्मीद के अनुसार सुबह से ही धननिकासी के लिए जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित विभिन्न बैंक शाखाओं में उपभोक्ताओं की लंबी लाइन लग गई। वैसे तो बैंक खुलने का समय 10 बजे था, लेकिन इससे काफी पहले ही उपभोक्ता लाइन में लगे थे।
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मंगलवार को पुरानी बड़ी नोट जमा करने की बजाए धननिकासी पर अधिक जोर रहा। अकबरपुर फैजाबाद मार्ग स्थित यूनियन बैंक में धनराशि न होने के चलते धननिकासी का कार्य प्रारंभ ही नहीं हो सका।
नई सड़क स्थित यूनियन बैंक, ओरियंटल बैंक व बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में लगभग दो घंटा धननिकासी के बाद धन समाप्त हो गया।
भीटी प्रतिनिधि के अनुसार बैंक ऑफ बड़ौदा की भीटी शाखा में सुबह ही तकनीकी खराबी आ गई। इससे पूरे दिन धननिकासी का कार्य नहीं शुरू हो सका। जलालपुर प्रतिनिधि के अनुसार बैंक ऑफ बड़ौदा व स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखओं में धननिकासी का कार्य शुरू तो हुआ, लेकिन 1 से 2 हजार रुपये की ही निकासी हो रही थी।
टांडा प्रतिनिधि के अनुसार बैंक ऑफ बड़ौदा व स्टेट बैंक की शाखओं से भी 2 हजार से अधिक की धनराशि की निकासी नहीं हो रही थी। आलापुर में बैंक आफ बड़ौदा की शाखा से दोपहर बाद धन समाप्त हो जाने के चलते उपभोक्ताओं को निराश होना पड़ा।
समुचित धननिकासी न होने से नाराज भीटी के उपभोक्ता रामनरेश व शोभावती ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पुरानी नोट बंद करने से पहले आवश्यक व्यवस्था पहले से ही कर लेनी चाहिए थी। धन न उपलब्ध होने से उनके रोजमर्रा के कार्य में समस्या हो रही है।
अकबरपुर के सुनील व राजेश ने कहा कि उन्हें वैवाहिक आयोजन में भाग लेने जाना है। घर का खर्च चलाना भी मुश्किल हो रहा है। कुछ समझ में नहीं आ रहा कि यदि शीघ्र ही धनराशि नहीं मिली, तो किस प्रकार घर का खर्च चलेगा। एलडीएम अरुण कुमार सिंह ने बताया कि नई करेंसी की कमीं है। इससे कुछ समस्या जरूर आ रही है। आगामी दिनों में नई करेंसी आने से समुचित धननिकासी सुनिश्चित कराई जाएगी।
एक दिन के अवकाश के बाद मंगलवार को भी एटीएम सेवा जिले में पूरी तरह ध्वस्त हो गई। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित विभिन्न बैंकों के अधिकांश एटीएम के शटर ही नहीं खुल सके। जिन एटीएम के शटर खुले भी, तो वहां धन न होने का बोर्ड बाहर टांग दिया गया।
नतीजा यह रहा कि धननिकासी की उम्मीद लिए एटीएम का रुख करने वाले उपभोक्ताओं को निराश होकर बैंक शाखाओं की तरफ जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। पुरानी बड़ी नोटों पर प्रतिबंध के बाद से ही जिले में एटीएम सेवा पूरी तरह बेपटरी होकर रह गई है।
जिला मुख्यालय पर तो इक्का दुक्का एटीएम से कुछ देर के लिए ही सही धननिकासी हो जाती है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित एटीएम सेवा पूरी तरह ठप पड़ी है। भीटी बाजार में बैंक आफ बड़ौदा के एटीएम का शटर जब से पुरानी नोट पर प्रतिबंध लगा है खुला ही नहीं।
हजपुरा बाजार में एकमात्र बैंक ऑफ बड़ौदा का एटीएम स्थापित है जो बंद रहा। बरियावन बाजार में लगा बैंक आफ बड़ौदा के एटीएम का भी शटर अब तक नहीं खुल सका है। कुछ ऐसा ही हाल अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित एटीएम का भी है।
भीटी के उपभोक्ता रामअरज तिवारी, जलालपुर के अनिल यादव व हजपुरा के सूर्यभान मिश्र ने नाराजगी जताते हुए कहा कि एटीएम सेवा बहाल करने को लेकर संबंधित अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। इससे तमाम प्रकार की समस्याएं खड़ी हो रही हैं।
देश में 1 हजार व 500 रुपए की नोट बंद होने के बाद पुरानी नोटों के बदलने की व्यवस्था कटेहरी डाकघर में न होने से यहां के उपभोक्ताओं को खासी मुश्किल हो रही है। लोगों को अपनी पुरानी नोट को बदलने के लिए इधर उधर भागदौड़ करनी पड़ रही है। उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन से अविलंब डाकघर में यह व्यवस्था उपलब्ध कराए जाने की मांग की है।
ज्ञात हो कि केन्द्र सरकार ने देश में एक हजार व 500 रुपए के नोट को बंद कर दिया है। इसे बदलने के लिए लोगों को अपने बैंक व डाकघर के खातों में 31 दिसम्बर तक जमा कर बदलने का मौका दिया है। कटेहरी डाकघर में उपभोक्ताओं को यह सुविधा नहीं मिल पा रही है।
इससे इस डाकघर से जुड़े उपभोक्ताओं को खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उपभोक्ता रामसूरत, शिवकुमार, जयराम व माधव प्रसाद आदि ने जिला प्रशासन से अविलंब इस डाकघर में नोट बदलने की सुविधा को बहाल कराए जाने की मांग की है।
प्रदेश सरकार के आदेश के बाद भी साधन सहकारी समितियों पर 500 व 1 हजार की नोट न लिए जाने से किसानों में नाराजगी का माहौल है। किसानों का कहना है कि साधन सहकारी समिति सरकारी विभाग है, ऐसे में उसके द्वारा इन नोटों को क्यों नहीं लिया जा रहा है, जबकि अन्य सभी सरकारी विभागों में यह नोट बेरोक टोक ली जा रही है।
किसानों ने जिला प्रशासन से साधन सहकारी समिति के प्रभारियों पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए समितियों पर इन नोटों के संचालन कराए जाने की मांग की है। बड़ी नोटों पर बैन लगने के बाद किसानों पर सरकारी मशीनरी की मनमानी भी भारी पड़ रही है।
किसानों व आम जनता को कम दिक्कत हो इसलिए कई सरकारी कार्यालयों में पुरानी बड़ी नोट स्वीकार करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि कई जगहों पर इसके बाद भी पुरानी बड़ी नोट न लेने की शिकायत सामने आ रही है। अब साधन सहकारी समितियों में भी 500 व 1 हजार की नोट नहीं ली जा रही है।
किसानों के मुताबिक केन्द्र प्रभारियों द्वारा 500 व 1 हजार रुपए के नोट नहीं लिए जा रहे हैं। इससे किसानों को मजबूर होकर निजी दुकानदारों के यहां जाना पड़ रहा है। साधन सहकारी समिति औरंगनगर में पर्याप्त मात्रा में खाद मौजूद है।
किसान सादिक कुरैशी, मुनिराज वर्मा, ब्रह्मादीन वर्मा, परशुराम वर्मा व दयाशंकर मिश्र आदि ने बताया कि को-ऑपरेटिव बैंक द्वारा पुरानी नोट नहीं ली जा रही है। इससे उनका बकाया राशि जमा नहीं हो पा रही है। उधर अपर जिलाधिकारी रामसूरत पाण्डेय ने कहा कि इस बार में शासन की तरफ से आए दिशा निर्देशों का पालन कराया जाएगा।