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Ambedkar Nagar News: एकाग्रता के बिना कोई भी साधना पूर्ण नहीं हो सकती
Sat, 28 Feb 2026 10:50 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Sat, 28 Feb 2026 10:50 PM IST
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जहांगीरगंज। क्षेत्र के केदरूपुर स्थित काली माता मंदिर में श्रीरामकथा के तीसरे दिन शनिवार को शिव विवाह प्रसंग का वर्णन किया गया। प्रवाचक राकेश ने बताया कि लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास से सफलता प्राप्त की जा सकती है। बिना एकाग्रता के कोई भी साधना या कार्य पूर्ण नहीं होता। पति-पत्नी के संबंध का आधार परस्पर सम्मान और विश्वास है।
अहंकार व्यक्ति के पतन का कारण बनता है और उसके सुख को समाप्त करता है। किसी को नीचा दिखाने का प्रयास अंततः स्वयं के लिए हानिकारक सिद्ध होता है। जीवन में स्थायी सफलता के लिए विनम्र और संतुलित दृष्टिकोण आवश्यक है।माता पार्वती ने बाल्यकाल से ही भगवान शंकर को पति रूप में पाने का संकल्प लिया और कठोर साधना के माध्यम से अपने लक्ष्य को प्राप्त किया। आज के समय में भी व्यक्ति यदि स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर तन-मन से प्रयास करे तो सफलता संभव है। बिना एकाग्रता के कोई भी साधना या प्रयास पूर्ण नहीं होता।कथा के दौरान वैवाहिक जीवन के मूल्यों पर भी चर्चा हुई। परिवार की स्थिरता और सामाजिक संतुलन इसी आधार पर टिका होता है। कथा के अनुसार राजा दक्ष ने भगवान शंकर का अपमान करने का प्रयास किया, जिसके परिणामस्वरूप उनका यज्ञ विध्वंस हो गया।
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अहंकार व्यक्ति के पतन का कारण बनता है और उसके सुख को समाप्त करता है। किसी को नीचा दिखाने का प्रयास अंततः स्वयं के लिए हानिकारक सिद्ध होता है। जीवन में स्थायी सफलता के लिए विनम्र और संतुलित दृष्टिकोण आवश्यक है।माता पार्वती ने बाल्यकाल से ही भगवान शंकर को पति रूप में पाने का संकल्प लिया और कठोर साधना के माध्यम से अपने लक्ष्य को प्राप्त किया। आज के समय में भी व्यक्ति यदि स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर तन-मन से प्रयास करे तो सफलता संभव है। बिना एकाग्रता के कोई भी साधना या प्रयास पूर्ण नहीं होता।कथा के दौरान वैवाहिक जीवन के मूल्यों पर भी चर्चा हुई। परिवार की स्थिरता और सामाजिक संतुलन इसी आधार पर टिका होता है। कथा के अनुसार राजा दक्ष ने भगवान शंकर का अपमान करने का प्रयास किया, जिसके परिणामस्वरूप उनका यज्ञ विध्वंस हो गया।
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