फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   Neither pediatrician nor surgeon, patient in trouble

Ambedkar Nagar News: न बालरोग विशेषज्ञ न सर्जन, मुश्किल में मरीज

Sat, 27 Apr 2024 10:36 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर Updated Sat, 27 Apr 2024 10:36 PM IST
विज्ञापन
Neither pediatrician nor surgeon, patient in trouble
सीएचसी में खली पड़ी चिकित्सक की कुर्सी
ऑपरेशन के लिए जिला अस्पताल तक लगानी पड़ती है दौड़
विज्ञापन

बच्चों व महिलाओं के बेहतर इलाज में हो रही मुश्किल
संवाद न्यूज एजेंसी जलालपुर (अंबेडकरनगर)। स्टाफ की कमी से जूझ रहे सीएचसी नगपुर को खुद ही इलाज की जरूरत है। न तो बालरोग विशेषज्ञ की तैनाती है और न ही किसी सर्जन की। ऐसे में बच्चों के इलाज व किसी भी प्रकार के ऑपरेशन के लिए मरीजों को जिला अस्पताल या फिर निजी अस्पताल का सहारा लेने को मजबूर होना पड़ता है।
मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा बढ़ चढ़कर दावे तो किए जा रहे लेकिन हकीकत कुछ और है। ज्यादातर सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा नहीं मिल रही है। कुछ ऐसा ही हाल सीएचसी नगपुर का है। यहां चिकित्सक के कुल 11 पद सृजित हैं लेकिन सिर्फ पांच पद पर ही तैनाती है।
विज्ञापन

शेष छह पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। जिन पांच पद पर तैनाती है उसमें सीएचसी प्रभारी डॉ. जयप्रकाश, डॉ. सोनम वर्मा, डॉ. प्रीति सिंह, डॉ. अनिल व डॉ. अजय शामिल हैं। आलम यह है कि अस्पताल में बालरोग विशेषज्ञ व किसी भी प्रकार के सर्जन की तैनाती नहीं है। ऐसे में बच्चों के इलाज व किसी भी प्रकार के ऑपरेशन के लिए मरीजों को या तो जिला अस्पताल या फिर निजी अस्पताल तक की दौड़ लगानी पड़ती है। सबसे अधिक समस्या उन प्रसव पीड़िताओं को होती है जिनका ऑपरेशन होना होता है। सर्जन न होने से इधर उधर की दौड़ लगानी पड़ती है। मालूम हो कि यहां प्रतिदिन सौ ओपीडी होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिम्मेदार दिखाएं गंभीरता
शनिवार को टीम सीएचसी नगपुर पहुंची तो वहां इलाज के लिए मरीज व उनके तीमारदार इधर उधर भटकते दिखे। दरअसल सीएचसी प्रभारी डॉ. जयप्रकाश व डॉ. सोनम मौके पर मौजूद नहीं थे। सीएचसी प्रभारी बैठक में भाग लेने के लिए अकबरपुर गए हुए थे। ऐसे में ओपीडी में डॉ. अनिल, डॉ. अजय व डॉ. प्रीति ही मरीजों का इलाज कर रहे थे। छह वर्ष के बेटे अकमल के इलाज के लिए पहुंची नगपुर निवासी शमीमा ने कहा कि बेटे को उल्टी व दस्त हो रही है। यहां कोई बालरोग विशेषज्ञ नहीं है। सीएचसी प्रभारी ही बच्चों का इलाज वैकल्पिक रूप में इलाज करते हैं लेकिन अभी तक नहीं आए। एक घटे से इंतजार कर रहे हैं। नगपुर की ही ममता ने कहा कि उसका पांच वर्षीय पुत्र श्रेयांश को बुखार, उल्टी हो रही है। दो घंटे से चिकित्सक का इंतजार है। अब लगता है कि निजी अस्पताल का सहारा लेना पड़ेगा।



भेजा गया है पत्र
चिकित्सकों की तैनाती के लिए स्वास्थ्य निदेशालय को पत्र भेजा गया है। हालांकि जो भी चिकित्सक हैं उनके माध्यम से बेहतर ढंग से इलाज सुनिश्चित कराया जा रहा है। -डॉ. राजकुमार, सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed