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Ambedkar Nagar News: प्रसव के बाद प्रसूता की मौत, लापरवाही का आरोप
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प्रेमलता यादव (फाइल फोटो)। परिजन
कटेहरी/सद्दरपुर। अहिरौली क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में शुक्रवार शाम प्रसव के बाद प्रसूता की हालत बिगड़ गई। जब तक महिला को जिला अस्पताल ले जाया गया तब तक उसकी मौत हो गई। मृतका के ससुर ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अहिरौली थाने में तहरीर देकर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
अहिरौली क्षेत्र के लाखीपुर सोनावां गांव निवासी परशुराम यादव ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी बहू प्रेमलता पत्नी रूपेश यादव को प्रसव के लिए शुक्रवार को क्षेत्र के गौरा बसंतपुर स्थित विदुषी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में प्रसव के बाद बच्चे का जन्म हुआ लेकिन कुछ देर बाद प्रेमलता की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे तेज रक्तस्राव के साथ दर्द शुरू हो गया। परिजनों का आरोप है कि हालत गंभीर होने के बावजूद अस्पताल कर्मियों ने समय रहते समुचित उपचार नहीं किया और उनकी स्थिति को नजरअंदाज करते रहे। बाद में हालत अधिक बिगड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, लेकिन रास्ते में ही प्रसूता की मौत हो गई।
मृतका के ससुर परशुराम यादव ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। थाना प्रभारी दिनेश कुमार सिंह का कहना है कि तहरीर प्राप्त हो गई है। मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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नवजात ने आंखें खोलीं, मां ने दुनिया छोड़ दी
जिस घर में नवजात के जन्म की किलकारियां गूंजनी थीं, वहां मातम पसरा है। प्रसव के कुछ ही देर बाद 33 वर्षीय प्रेमलता यादव की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि प्रेमलता अपने पीछे सात वर्षीय बेटे वीरेश यादव और एक नवजात शिशु को छोड़ गई हैं जिनके सिर से हमेशा के लिए मां का साया उठ गया। महबूबगंज बारा निवासी प्रेमलता यादव की शादी वर्ष 2018 में रूपेश यादव से हुई थी। परिवार सामान्य जीवन बिता रहा था। बड़ा बेटा वीरेश अपनी मां के स्नेह में पल रहा था और परिवार दूसरे बच्चे के आगमन को लेकर खुश था। लेकिन किस्मत ने ऐसा करवट बदली कि खुशियां कुछ ही पलों में मातम में बदल गईं।
वीरेश मां को रहा तलाश
परिजनों के अनुसार प्रेमलता का परिवार अभी बच्चे के जन्म की खुशी मना भी नहीं पाया था कि उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। मां के निधन के बाद सात वर्षीय वीरेश बार-बार अपनी मां के बारे में पूछ रहा है। उसे अभी पूरी तरह समझ भी नहीं है कि उसकी मां अब कभी लौटकर नहीं आएगी। पति रूपेश यादव पर एक साथ पत्नी को खोने का दुख और दोनों मासूम बच्चों की जिम्मेदारी का बोझ आ पड़ा है।
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अहिरौली क्षेत्र के लाखीपुर सोनावां गांव निवासी परशुराम यादव ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी बहू प्रेमलता पत्नी रूपेश यादव को प्रसव के लिए शुक्रवार को क्षेत्र के गौरा बसंतपुर स्थित विदुषी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में प्रसव के बाद बच्चे का जन्म हुआ लेकिन कुछ देर बाद प्रेमलता की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे तेज रक्तस्राव के साथ दर्द शुरू हो गया। परिजनों का आरोप है कि हालत गंभीर होने के बावजूद अस्पताल कर्मियों ने समय रहते समुचित उपचार नहीं किया और उनकी स्थिति को नजरअंदाज करते रहे। बाद में हालत अधिक बिगड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, लेकिन रास्ते में ही प्रसूता की मौत हो गई।
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मृतका के ससुर परशुराम यादव ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। थाना प्रभारी दिनेश कुमार सिंह का कहना है कि तहरीर प्राप्त हो गई है। मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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नवजात ने आंखें खोलीं, मां ने दुनिया छोड़ दी
जिस घर में नवजात के जन्म की किलकारियां गूंजनी थीं, वहां मातम पसरा है। प्रसव के कुछ ही देर बाद 33 वर्षीय प्रेमलता यादव की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि प्रेमलता अपने पीछे सात वर्षीय बेटे वीरेश यादव और एक नवजात शिशु को छोड़ गई हैं जिनके सिर से हमेशा के लिए मां का साया उठ गया। महबूबगंज बारा निवासी प्रेमलता यादव की शादी वर्ष 2018 में रूपेश यादव से हुई थी। परिवार सामान्य जीवन बिता रहा था। बड़ा बेटा वीरेश अपनी मां के स्नेह में पल रहा था और परिवार दूसरे बच्चे के आगमन को लेकर खुश था। लेकिन किस्मत ने ऐसा करवट बदली कि खुशियां कुछ ही पलों में मातम में बदल गईं।
वीरेश मां को रहा तलाश
परिजनों के अनुसार प्रेमलता का परिवार अभी बच्चे के जन्म की खुशी मना भी नहीं पाया था कि उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। मां के निधन के बाद सात वर्षीय वीरेश बार-बार अपनी मां के बारे में पूछ रहा है। उसे अभी पूरी तरह समझ भी नहीं है कि उसकी मां अब कभी लौटकर नहीं आएगी। पति रूपेश यादव पर एक साथ पत्नी को खोने का दुख और दोनों मासूम बच्चों की जिम्मेदारी का बोझ आ पड़ा है।