फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   More than 26 thousand cases settled in Lok Adalat

लोक अदालत में निपटे 26 हजार से अधिक वाद

Sun, 12 Dec 2021 12:24 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 12 Dec 2021 12:24 AM IST
विज्ञापन
More than 26 thousand cases settled in Lok Adalat
अंबेडकरनगर। जनपद न्यायालय परिसर व पारिवारिक न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। जनपद न्यायाधीश व विधिक सेवा प्राधिकरण केअध्यक्ष पदमनरायण मिश्र ने इसका शुभारंभ करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन वादकारियों के हित में सफल साबित हो कर राहत देते हैं। इस दौरान अलग अलग अदालतों के माध्यम से निस्तारण को लंबित 26996 वादों का निपटारा किया गया। इस दौरान बैंकों ने विभिन्न वादों को निस्तारित कराने के लिए समझौता करते हुए 91.81 लाख रुपये की वसूली भी की ।
विज्ञापन

जनपद न्यायालय परिसर व पारिवारिक न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष पद्मनरायण मिश्र ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीपा जलाकर किया। इसके बाद लोक अदालत के तहत वादों के निस्तारण को 20 अदालतों में सुनवाई शुरू हुई। इस दौरान जनपद न्यायाधीश पद्मनरायण मिश्र ने 2 मामलों का, चंद्रहास राम अध्यक्ष स्थायी लोक अदालत ने एक विद्युत वाद, पारिवारिक न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश अनमोल पाल ने 10 मामलों का निपटारा किया। पारिवारिक कोर्ट में लंबित वाद के निस्तारण में अलग अलग रह रहे चार दंपती सुलह समझौते के बाद साथ साथ रहने को राजी हुए। अपर जिला न्यायाधीश विश्वनाथ ने 51 मामलों का निपटारा कर 43 हजार का अर्थदंड लगाया।
विज्ञापन

सीजेएम पूनम सिंह द्वितीय ने सर्वाधिक 3126 मामलों का निस्तारण करते हुए 2.19 लाख का अर्थदंड निर्धारित किया। उन्होंने 1995 से लंबित चल रहे मामले का निपटारा करते हुए 27 साल पुराने एक विवाद को भी समाप्त कराया। सिविल जज सीनियर डिवीजन अशोक कुमार ने भी 35 वर्ष से लंबित एक मामले को समाप्त किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव प्रियंका सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में राजस्व न्यायालय द्वारा 17622 और अन्य न्यायालयों में 3130 मामलों का निपटारा किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

वाद निपटने से चेहरे पर दिखी खुशी
जनपद न्यायालय में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को लगभग 10 वर्ष पुराना वाद निपटने पर जलालपुर की रीमा देवी ने खुशी जतायी। बताया कि उनके पति का निधन हो चुका है। बाद में उन्हें बैंक द्वारा नोटिस दी गई कि उनके पति के नाम 20 हजार रुपए का ऋण है। ब्याज सहित यह रकम काफी बढ़ गई थी। आर्थिक स्थिति ठीक न होने के चलते वह अदायगी नहीं कर पा रही थीं। मामला न्यायालय में पहुंच गया था। न्यायालय से उन्हें कम भुगतान में ऋण चुकाने की मोहलत मिल जाने से बड़ी राहत मिली। इसी तरह बैंक ऋण लेने के बाद अदायगी न हो पाने से टांडा कोतवाली क्षेत्र के फत्तेपुर निवासी राधेश्याम परेशान थे। बताया कि करीब 6 वर्ष पहले दुकान खोलने के लिए 50 हजार रुपए बैंक से ऋण लिया था। परन्तु समय ने साथ नही दिया, और दुकान नही चल पायी। पैसा भी खर्च हो गया। लगातार ब्याज बढ़ रहा था। लोक अदालत में वाद तय होने के बाद मामले का निस्तारण हो गया। अब उन्हें सिर्फ मूल धन चुका कर ऋण से छुटकारा मिल जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed