{"_id":"5dc6f6428ebc3e5b4d2e65da","slug":"maulana-reaction-on-aydhya-ambedkar-nagar-news-lko491368916","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुप्रीम कोर्ट के फैसले का मुस्लिम धर्मगुरुओं ने किया प्रमुखता से स्वागत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का मुस्लिम धर्मगुरुओं ने किया प्रमुखता से स्वागत
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का मुस्लिम धर्मगुरुओं ने बढ़ चढ़कर स्वागत किया। किसी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला है, इसलिए इस पर किसी भी प्रकार की अंगुली नहीं उठा सकते तो किसी ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का एहतेराम करते हुए उसे कुबूल करते हैं।
विश्व प्रसिद्ध किछौछा दरगाह के मुतवल्ली व सज्जादानशीन सै. मोहिउद्दीन अशरफ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला दिया है, हम उसका सम्मान करते हैं। हम सभी से अपील करते हैं कि अच्छे नागरिक होने का परिचय देते हुए सभी को इस फैसले का सम्मान करना चाहिए।
वरिष्ठ शिया धर्मगुरु मौलाना मोहम्मद अब्बास ने कहा कि हम सभी ने पहले ही कहा था कि सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला होगा, उसका पूरी तरह सम्मान करेंगे। शनिवार को जो फैसला सामने आया है, वह कुबूल है। सुप्रीम कोर्ट ने मस्जिद के लिए जो पांच एकड़ की भूमि दिए जाने का निर्देश दिया है, वह सराहनीय है। हम सभी को चाहिए कि इस फैसले का एहतेराम करते हुए कुबूल करें और किसी भी प्रकार की नकारात्मक प्रतिक्रिया न दें।
विज्ञापन
बेलाल मस्जिद अब्दुल्लापुर शहजादपुर के पेश इमाम हाफिज मोहम्मद निसार अहमद ने कहा कि वैसे तो फैसला संतोषजनक नहीं है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट का फैसला है, इसलिए हम इसका सम्मान करते हैं।
जिला मुख्यालय के मौलाना गली स्थित मदरसा कादरिया हयातुल उलूम के मौलाना खलीकुज्जमा ने कहा कि हम सभी सुप्रीम कोर्ट के फै सले का एहतेराम करते हैं। साथ ही इसे कुबूल करते हैं। एक बड़े विवाद का संतोषजनक समाधान हुआ। फैसले में मस्जिद के लिए पांच एकड़ भूमि अयोध्या में दिए जाने की बात कही गई है, इसकी कोई आवश्यकता नहीं थी। यहां मस्जिद के लिए अलग से भूमि देने की कोई बात नहीं थी।
वरिष्ठ सुन्नी धर्मगुरु कारी मोहम्मद गुलाम यासीन खान नूरी ने कहा कि फैसला सर्वमान्य है। सभी को आपसी सौहार्द बनाए रखना चाहिए।
विज्ञापन
विश्व प्रसिद्ध किछौछा दरगाह के मुतवल्ली व सज्जादानशीन सै. मोहिउद्दीन अशरफ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला दिया है, हम उसका सम्मान करते हैं। हम सभी से अपील करते हैं कि अच्छे नागरिक होने का परिचय देते हुए सभी को इस फैसले का सम्मान करना चाहिए।
विज्ञापन
वरिष्ठ शिया धर्मगुरु मौलाना मोहम्मद अब्बास ने कहा कि हम सभी ने पहले ही कहा था कि सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला होगा, उसका पूरी तरह सम्मान करेंगे। शनिवार को जो फैसला सामने आया है, वह कुबूल है। सुप्रीम कोर्ट ने मस्जिद के लिए जो पांच एकड़ की भूमि दिए जाने का निर्देश दिया है, वह सराहनीय है। हम सभी को चाहिए कि इस फैसले का एहतेराम करते हुए कुबूल करें और किसी भी प्रकार की नकारात्मक प्रतिक्रिया न दें।
विज्ञापन
बेलाल मस्जिद अब्दुल्लापुर शहजादपुर के पेश इमाम हाफिज मोहम्मद निसार अहमद ने कहा कि वैसे तो फैसला संतोषजनक नहीं है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट का फैसला है, इसलिए हम इसका सम्मान करते हैं।
जिला मुख्यालय के मौलाना गली स्थित मदरसा कादरिया हयातुल उलूम के मौलाना खलीकुज्जमा ने कहा कि हम सभी सुप्रीम कोर्ट के फै सले का एहतेराम करते हैं। साथ ही इसे कुबूल करते हैं। एक बड़े विवाद का संतोषजनक समाधान हुआ। फैसले में मस्जिद के लिए पांच एकड़ भूमि अयोध्या में दिए जाने की बात कही गई है, इसकी कोई आवश्यकता नहीं थी। यहां मस्जिद के लिए अलग से भूमि देने की कोई बात नहीं थी।
वरिष्ठ सुन्नी धर्मगुरु कारी मोहम्मद गुलाम यासीन खान नूरी ने कहा कि फैसला सर्वमान्य है। सभी को आपसी सौहार्द बनाए रखना चाहिए।