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गुलदाउदी के फूलों से बनाएं हर्बल कीटनाशक स्प्रे
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अंबेडकरनगर। दो युवा वैज्ञानिकों ने पर्यावरण की बेहतरी के लिए हर्बल कीटनाशक स्प्रे तैयार किया है। खास बात यह है कि गुलदाउदी पौधे के फूलों से यह हर्बल स्प्रे आसानी से घरों में भी बनाया जा सकता है। दोनों दोस्तों ने इसे तैयार करने के साथ ही दावा किया है कि यह स्प्रे गार्डेन में लगे पौधों तथा सब्जियों पर सबसे ज्यादा कारगर होता है। पूरी तरह से इस हर्बल स्प्रे के छिड़काव से पौधे में लगने वाले तमाम कीड़ों से छुटकारा पाया जा सकता है। युवा वैज्ञानिकों ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे पर्यावरण की बेहतरी के लिए नए वर्ष में इस हर्बल स्प्रे को तैयार करने का काम न सिर्फ खुद करें, वरन दूसरों को भी प्रेरित करें।
एक तरफ जहां पर्यावरण की बेहतरी सुनिश्चित करने के लिए केंद्र व राज्य स्तर पर तमाम कोशिशें हो रही हैं, तो वहीं निजी स्तर पर भी चल रहे कुछ प्रयास अत्यंत कारगर बनकर उभरे हैं। इन्हीं में से एक है गुलदाउदी पौधे के फूलों से हर्बल कीटनाशक स्प्रे तैयार करना। यह हर्बल स्प्रे तैयार करने का दावा अंबेडकरनगर जिला निवासी दो युवा वैज्ञानिकों ने किया है। टांडा तहसील क्षेत्र के भड़सारी निवासी डॉ. सौरभ मिश्र एसएल इंस्टीट्यूट मुरादाबाद में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर तैनात हैं।
बायो टेक्नोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ. सौरभ मिश्र ने भड़सारी निवासी अपने मित्र इजराइल के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायो टेक्नोलॉजी विभाग में तैनात डॉ. अंकित वर्मा के साथ मिलकर हर्बल स्प्रे तैयार करने का दावा किया है। बताया कि तमाम शोध पत्रों एवं पुस्तकों के अध्ययन से यह जानकारी मिली थी कि पैराथरीन नामक रसायन से पौधों पर लगने वाले इंसेक्ट को मारा जा सकता है। इसी बीच तमाम अध्ययन व खोज में पाया गया कि गुलदाउदी के पुष्प में पैराथरीन पाया जाता है। इसके बाद दोनों दोस्तों ने तय किया कि क्यों न गुलदाउदी के फूलों से हर्बल स्प्रे तैयार किया जाए। दोनों ने मिलकर गुलदाउदी के फूलों से स्प्रे तैयार कर दिया। इसका प्रयोग सब्जियों, फूलों व अन्य पौधों पर किया गया तो वह कारगर साबित हुआ। सौरभ व अंकित ने कहा कि गुलदाउदी के जो फूल सूख जाते हैं, उन्हें फेंक देने के बजाय हम उनके माध्यम से हर्बल स्प्रे आसानी से तैयार कर सकते हैं।
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यह है स्प्रे बनाने की विधि
डॉ. सौरभ व डॉ. अंकित ने बताया कि 50 ग्राम गुलदाउदी के फूलों को लेकर उन्हें 24 घंटे के लिए सूखने के लिए छोड़ दिया जाए। इसके बाद 350 मिलीलीटर साफ पानी में उसे उबाल लिया जाए। 20 मिनट तक उसे ठंडा होने के लिए छोड़ दिया जाए। इसके बाद उसे छान लिया जाए। 40-40 मिलीलीटर अवशेष को स्प्रे बोतल में भरकर पौधों की पत्तियों के दोनों तरफ, फूल पर व जड़ों पर डाल दिया जाए। ऐसा लगातार तीन दिन तक करना होता है। इसमें खास बात यह है कि इस स्प्रे का प्रयोग यदि सुबह ही किया जाए तो परिणाम अच्छे आते हैं।
यह हैं शोध के नतीजे
डॉ. सौरभ ने बताया कि स्प्रे को तैयार कर टमाटर व बैगन के पौधों पर प्रयोग किया गया। इसमें लगने वाले कीड़े जापनीज बीटल पर पहले 24 घंटे, फिर 48, 72 व 96 घंटे पर क्रमश: 20 प्रतिशत, 30 व 40 प्रतिशत का स्प्रे किया गया। ऐसा करने पर कीटाणु पूरी तरह खत्म हो गए। बताया कि यह स्प्रे नर्वस सिस्टम को बंद कर देता है। इससे कीटाणु की मृत्यु हो जाती है। यह स्प्रे सभी प्रकार की सब्जियों के पौधों पर लगने वाले कीटाणु को खत्म करने में कारगर है। पूरी तरह हर्बल इस स्प्रे का प्रयोग कर सब्जियों तथा पौधों को सुरक्षित रखा जा सकता है। खास बात यह है कि इसके प्रयोग से पर्यावरण को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचता, जबकि रासायनिक कीटनाशकों के प्रयोग से पर्यावरण भी प्रभावित होगा है।
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एक तरफ जहां पर्यावरण की बेहतरी सुनिश्चित करने के लिए केंद्र व राज्य स्तर पर तमाम कोशिशें हो रही हैं, तो वहीं निजी स्तर पर भी चल रहे कुछ प्रयास अत्यंत कारगर बनकर उभरे हैं। इन्हीं में से एक है गुलदाउदी पौधे के फूलों से हर्बल कीटनाशक स्प्रे तैयार करना। यह हर्बल स्प्रे तैयार करने का दावा अंबेडकरनगर जिला निवासी दो युवा वैज्ञानिकों ने किया है। टांडा तहसील क्षेत्र के भड़सारी निवासी डॉ. सौरभ मिश्र एसएल इंस्टीट्यूट मुरादाबाद में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर तैनात हैं।
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बायो टेक्नोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ. सौरभ मिश्र ने भड़सारी निवासी अपने मित्र इजराइल के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायो टेक्नोलॉजी विभाग में तैनात डॉ. अंकित वर्मा के साथ मिलकर हर्बल स्प्रे तैयार करने का दावा किया है। बताया कि तमाम शोध पत्रों एवं पुस्तकों के अध्ययन से यह जानकारी मिली थी कि पैराथरीन नामक रसायन से पौधों पर लगने वाले इंसेक्ट को मारा जा सकता है। इसी बीच तमाम अध्ययन व खोज में पाया गया कि गुलदाउदी के पुष्प में पैराथरीन पाया जाता है। इसके बाद दोनों दोस्तों ने तय किया कि क्यों न गुलदाउदी के फूलों से हर्बल स्प्रे तैयार किया जाए। दोनों ने मिलकर गुलदाउदी के फूलों से स्प्रे तैयार कर दिया। इसका प्रयोग सब्जियों, फूलों व अन्य पौधों पर किया गया तो वह कारगर साबित हुआ। सौरभ व अंकित ने कहा कि गुलदाउदी के जो फूल सूख जाते हैं, उन्हें फेंक देने के बजाय हम उनके माध्यम से हर्बल स्प्रे आसानी से तैयार कर सकते हैं।
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यह है स्प्रे बनाने की विधि
डॉ. सौरभ व डॉ. अंकित ने बताया कि 50 ग्राम गुलदाउदी के फूलों को लेकर उन्हें 24 घंटे के लिए सूखने के लिए छोड़ दिया जाए। इसके बाद 350 मिलीलीटर साफ पानी में उसे उबाल लिया जाए। 20 मिनट तक उसे ठंडा होने के लिए छोड़ दिया जाए। इसके बाद उसे छान लिया जाए। 40-40 मिलीलीटर अवशेष को स्प्रे बोतल में भरकर पौधों की पत्तियों के दोनों तरफ, फूल पर व जड़ों पर डाल दिया जाए। ऐसा लगातार तीन दिन तक करना होता है। इसमें खास बात यह है कि इस स्प्रे का प्रयोग यदि सुबह ही किया जाए तो परिणाम अच्छे आते हैं।
यह हैं शोध के नतीजे
डॉ. सौरभ ने बताया कि स्प्रे को तैयार कर टमाटर व बैगन के पौधों पर प्रयोग किया गया। इसमें लगने वाले कीड़े जापनीज बीटल पर पहले 24 घंटे, फिर 48, 72 व 96 घंटे पर क्रमश: 20 प्रतिशत, 30 व 40 प्रतिशत का स्प्रे किया गया। ऐसा करने पर कीटाणु पूरी तरह खत्म हो गए। बताया कि यह स्प्रे नर्वस सिस्टम को बंद कर देता है। इससे कीटाणु की मृत्यु हो जाती है। यह स्प्रे सभी प्रकार की सब्जियों के पौधों पर लगने वाले कीटाणु को खत्म करने में कारगर है। पूरी तरह हर्बल इस स्प्रे का प्रयोग कर सब्जियों तथा पौधों को सुरक्षित रखा जा सकता है। खास बात यह है कि इसके प्रयोग से पर्यावरण को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचता, जबकि रासायनिक कीटनाशकों के प्रयोग से पर्यावरण भी प्रभावित होगा है।