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अंबेडकरनगर: आसिम अली की मुठभेड़ में मौत की मजिस्ट्रियल जांच शुरू, एक लाख का था इनामी
Thu, 03 Sep 2026 07:35 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला नेटवर्क, अंबेडकरनगर
अमर उजाला नेटवर्क, अंबेडकरनगर
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Thu, 03 Sep 2026 07:35 PM IST
सार
सात जुलाई को बेवाना क्षेत्र में एसटीएफ और आसिम अली के बीच मुठभेड़ हुई थी। क्रॉस फायरिंग में कानपुर जिले के बिल्हौर थाना क्षेत्र के मकनपुर गांव निवासी आसिम अली मारा गया था। मुठभेड़ के दौरान एसटीएफ का एक सिपाही भी गोली लगने से घायल हुआ था।
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- फोटो : संवाद
विस्तार
अंबेडकरनगर जिले के बेवाना क्षेत्र में सात जुलाई को एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में मारे गए एक लाख रुपये के इनामी बदमाश आसिम अली उर्फ विक्की उर्फ नक्शे हसन उर्फ पेंदा की मौत के मामले में मजिस्ट्रियल जांच शुरू हो गई है। डीएम ईशा प्रिया ने जांच के लिए अकबरपुर की उपजिलाधिकारी प्रतीक्षा सिंह को जांच अधिकारी नामित किया है।
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जांच अधिकारी ने आमजन से प्रकरण से संबंधित साक्ष्य, अभिलेख और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की है। एसडीएम ने बताया कि 16 सितंबर 2026 तक किसी भी कार्यदिवस में उनके न्यायालय या कार्यालय में उपस्थित होकर बयान अथवा साक्ष्य दर्ज कराया जा सकता है। मुठभेड़ और आसिम अली की मौत से जुड़ी जानकारी या अभिलेख रखने वाला कोई भी व्यक्ति निर्धारित अवधि में जांच अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है। इसके लिए किसी विशेष अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी।
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गौरतलब है कि सात जुलाई को बेवाना क्षेत्र में एसटीएफ और आसिम अली के बीच मुठभेड़ हुई थी। क्रॉस फायरिंग में कानपुर जिले के बिल्हौर थाना क्षेत्र के मकनपुर गांव निवासी आसिम अली मारा गया था। मुठभेड़ के दौरान एसटीएफ का एक सिपाही भी गोली लगने से घायल हुआ था।
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पुलिस के अनुसार, आसिम अली अंतरराज्यीय छैमार गिरोह का कुख्यात सदस्य था। उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश के नौ जिलों और हरियाणा में हत्या, लूट व डकैती समेत गंभीर अपराधों के 21 मुकदमे दर्ज थे। वह लंबे समय से पुलिस का वांछित था। जांच में बयान और साक्ष्य दर्ज कराने की अंतिम तिथि 16 सितंबर निर्धारित की गई है।