{"_id":"625d9be50b87161c9058f3f1","slug":"life-imprisonment-for-two-murder-accused-ambedkar-nagar-news-lko626707983","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो हत्या आरोपियों को आजीवन कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो हत्या आरोपियों को आजीवन कारावास
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबेडकरनगर। राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र में हुई हत्या के दो आरोपियों को विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट रत्नेशमणि त्रिपाठी ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। कहा गया कि जुर्माने की रकम अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
राजेसुल्तानपुर थाने में वर्ष 2015 में करौली लाठौरी गांव निवासी सुरेंद्र कुमार ने प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि एक अज्ञात व्यक्ति का शव प्रेमनाथ तिवारी के खेत में पड़ा है। हत्या करने वाले ने किसी धारदार हथियार से सिर को धड़ से अलग कर दिया है। बाद में वीरखेत निवासी निर्मला देवी ने दर्ज कराए केस में कहा कि हत्या उनके पति वीरेंद्र प्रताप की हुई है। 17 जुलाई को उर्मिला नामक महिला ने उनके पति को बुलाया। इसके बाद धीरेंद्र व चंद्रसेन ने मिल कर वीरेंद्र प्रताप की हत्या कर दी। इस मामले में पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट समेत हत्या की धाराओं में केस दर्ज कर लिया।
आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। अब यह मामला सत्र परीक्षण के लिए पेश हुआ। सुनवाई में पाया गया कि धीरेंद्र व चंद्रसेन ने हत्या की वारदात को अंजाम दिया है। इस पर विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट रत्नेशमणि त्रिपाठी ने दोनों अभियुक्तों को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उन पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। कहा गया कि जुर्माने की रकम न अदा करने पर अभियुक्तों को छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। आदेश में यह भी कहा गया कि मुकदमे के दौरान जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
राजेसुल्तानपुर थाने में वर्ष 2015 में करौली लाठौरी गांव निवासी सुरेंद्र कुमार ने प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि एक अज्ञात व्यक्ति का शव प्रेमनाथ तिवारी के खेत में पड़ा है। हत्या करने वाले ने किसी धारदार हथियार से सिर को धड़ से अलग कर दिया है। बाद में वीरखेत निवासी निर्मला देवी ने दर्ज कराए केस में कहा कि हत्या उनके पति वीरेंद्र प्रताप की हुई है। 17 जुलाई को उर्मिला नामक महिला ने उनके पति को बुलाया। इसके बाद धीरेंद्र व चंद्रसेन ने मिल कर वीरेंद्र प्रताप की हत्या कर दी। इस मामले में पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट समेत हत्या की धाराओं में केस दर्ज कर लिया।
विज्ञापन
आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। अब यह मामला सत्र परीक्षण के लिए पेश हुआ। सुनवाई में पाया गया कि धीरेंद्र व चंद्रसेन ने हत्या की वारदात को अंजाम दिया है। इस पर विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट रत्नेशमणि त्रिपाठी ने दोनों अभियुक्तों को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उन पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। कहा गया कि जुर्माने की रकम न अदा करने पर अभियुक्तों को छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। आदेश में यह भी कहा गया कि मुकदमे के दौरान जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी।
विज्ञापन