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Ambedkar Nagar News: नहीं मिल रही जमीन, अधर में लटके दो बड़े प्रोजेक्ट
Sat, 14 Oct 2023 11:08 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Sat, 14 Oct 2023 11:08 PM IST
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अकबरपुर में जगह की कमी का संकट झेल रहा बस स्टेशन परिसर। -संवाद
अत्याधुनिक बस स्टेशन का नहीं हो पा रहा निर्माण
केंद्रीय विद्यालय की उम्मीद भी नहीं हो रही पूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबेडकरनगर। जिले में जमीन नहीं मिल पाने की वजह से दो बड़े प्रोजेक्ट अधर में लटके हैं। इसमें नए अत्याधुनिक बस स्टेशन निर्माण के साथ ही केंद्रीय विद्यालय की स्थापना शामिल है। आगामी दिनों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जनपद दौरा प्रस्तावित है। लोगों को उम्मीद है कि उनके दौरे से पहले इन दोनों प्रोजेक्ट के लिए भूमि मिल जाए तो शिलान्यास की सौगात मिल सकती है।
जिले में जब विकास कार्यों को लेकर पिछले एक वर्ष में तेजी आई है लेकिन समुचित भूमि न मिल पाने की वजह से दो बड़े प्रोजेक्ट धरातल पर नहीं उतर पा रहे हैं। जब ज्यादातर जिलों में एक एक औद्योगिक कॉरिडोर के लिए भूमि चिह्नित हुई है तब यहां दो कॉरिडोर के लिए प्रशासन को जमीन मिलने में सफलता हाथ लगी है। इसके साथ ही औद्योगिक विकास प्राधिकरण के लिए भी बड़े भूखंड का निर्धारण हो गया है।
इन सबके बीच अकबरपुर नगर में स्थानाभाव झेल रहे दशकों पुराने बस स्टेशन के नवनिर्माण के लिए उपयुक्त भूमि नहीं मिल पा रही। मौजूदा बस स्टेशन के सामने रिटेनिंग वॉल का निर्माण हो गया है। इससे बसों के आवागमन में खासी असुविधा होती है। अकबरपुर नगर के करीब बाहरी इलाकों में भूमि खोजने की कोशिशें तो कई बार हुईं लेकिन सफलता नहीं मिल पाई।
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यही हाल केंद्रीय विद्यालय की स्थापना का भी है। करीब चार वर्ष पहले यहां तत्कालीन सांसद हरिओम पांडेय के प्रयासों से केंद्र सरकार ने केंद्रीय विद्यालय स्थापित करने की घोषणा की थी। अकबरपुर तहसील से दूर भीटी में इसके लिए जमीन मिली लेकिन उसे केंद्रीय विद्यालय टीम ने अनुपयुक्त करार दे दिया। इसके बाद कई और स्थानों पर तलाश के बीच बात नहीं बनी तो बेवाना स्थित प्राथमिक विद्यालय के खाली पड़े भूखंड को चिन्हित किया गया।
उसे केंद्रीय विद्यालय की टीम ने निरीक्षण के बाद उपयुक्त करार दिया। इस पर संबंधित भूमि पर निर्माण के लिए बेसिक शिक्षा विभाग से एनओसी हासिल करने का पत्र अभी तक शासन में धूल फांक रहा है। बीते एक वर्ष से इस पर कोई निर्णय नहीं हो पाया है।
सीएम के दौरे से पहले पूरी हो प्रक्रिया
व्यापारी नेता रमेश सेठ व जयराम संगवानी ने कहा कि सीएम के दौरे से पहले बस स्टेशन के लिए प्रशासन को भूमि चिन्हित कर लेनी चाहिए। विशेष कोशिशों के तहत यह कार्य पूरा कराया जाए तो इसका लाभ यात्रियों को अच्छे ढंग से मिल सकेगा। सेवानिवृत्त शिक्षक रामआसरे विश्वकर्मा व श्यामलाल ने कहा कि केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के लिए एनओसी दिलाने के कार्य को प्राथमिकता पर पूरा करने की जरूरत है।
किए जा रहे हैं सभी जरूरी प्रयास
बस स्टेशन के लिए भूमि उपलब्धता को लेकर टीम बनाई गई है। उससे नियमित फीडबैक लिया जा रहा है। जल्द ही भूमि की तलाश पूरी हो जाएगी। केंद्रीय विद्यालय के लिए फिर से पत्र भेजा जाएगा।
-अविनाश सिंह, डीएम
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केंद्रीय विद्यालय की उम्मीद भी नहीं हो रही पूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबेडकरनगर। जिले में जमीन नहीं मिल पाने की वजह से दो बड़े प्रोजेक्ट अधर में लटके हैं। इसमें नए अत्याधुनिक बस स्टेशन निर्माण के साथ ही केंद्रीय विद्यालय की स्थापना शामिल है। आगामी दिनों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जनपद दौरा प्रस्तावित है। लोगों को उम्मीद है कि उनके दौरे से पहले इन दोनों प्रोजेक्ट के लिए भूमि मिल जाए तो शिलान्यास की सौगात मिल सकती है।
जिले में जब विकास कार्यों को लेकर पिछले एक वर्ष में तेजी आई है लेकिन समुचित भूमि न मिल पाने की वजह से दो बड़े प्रोजेक्ट धरातल पर नहीं उतर पा रहे हैं। जब ज्यादातर जिलों में एक एक औद्योगिक कॉरिडोर के लिए भूमि चिह्नित हुई है तब यहां दो कॉरिडोर के लिए प्रशासन को जमीन मिलने में सफलता हाथ लगी है। इसके साथ ही औद्योगिक विकास प्राधिकरण के लिए भी बड़े भूखंड का निर्धारण हो गया है।
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इन सबके बीच अकबरपुर नगर में स्थानाभाव झेल रहे दशकों पुराने बस स्टेशन के नवनिर्माण के लिए उपयुक्त भूमि नहीं मिल पा रही। मौजूदा बस स्टेशन के सामने रिटेनिंग वॉल का निर्माण हो गया है। इससे बसों के आवागमन में खासी असुविधा होती है। अकबरपुर नगर के करीब बाहरी इलाकों में भूमि खोजने की कोशिशें तो कई बार हुईं लेकिन सफलता नहीं मिल पाई।
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यही हाल केंद्रीय विद्यालय की स्थापना का भी है। करीब चार वर्ष पहले यहां तत्कालीन सांसद हरिओम पांडेय के प्रयासों से केंद्र सरकार ने केंद्रीय विद्यालय स्थापित करने की घोषणा की थी। अकबरपुर तहसील से दूर भीटी में इसके लिए जमीन मिली लेकिन उसे केंद्रीय विद्यालय टीम ने अनुपयुक्त करार दे दिया। इसके बाद कई और स्थानों पर तलाश के बीच बात नहीं बनी तो बेवाना स्थित प्राथमिक विद्यालय के खाली पड़े भूखंड को चिन्हित किया गया।
उसे केंद्रीय विद्यालय की टीम ने निरीक्षण के बाद उपयुक्त करार दिया। इस पर संबंधित भूमि पर निर्माण के लिए बेसिक शिक्षा विभाग से एनओसी हासिल करने का पत्र अभी तक शासन में धूल फांक रहा है। बीते एक वर्ष से इस पर कोई निर्णय नहीं हो पाया है।
सीएम के दौरे से पहले पूरी हो प्रक्रिया
व्यापारी नेता रमेश सेठ व जयराम संगवानी ने कहा कि सीएम के दौरे से पहले बस स्टेशन के लिए प्रशासन को भूमि चिन्हित कर लेनी चाहिए। विशेष कोशिशों के तहत यह कार्य पूरा कराया जाए तो इसका लाभ यात्रियों को अच्छे ढंग से मिल सकेगा। सेवानिवृत्त शिक्षक रामआसरे विश्वकर्मा व श्यामलाल ने कहा कि केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के लिए एनओसी दिलाने के कार्य को प्राथमिकता पर पूरा करने की जरूरत है।
किए जा रहे हैं सभी जरूरी प्रयास
बस स्टेशन के लिए भूमि उपलब्धता को लेकर टीम बनाई गई है। उससे नियमित फीडबैक लिया जा रहा है। जल्द ही भूमि की तलाश पूरी हो जाएगी। केंद्रीय विद्यालय के लिए फिर से पत्र भेजा जाएगा।
-अविनाश सिंह, डीएम