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Ambedkar Nagar News: रात में वाहन गुजरते ही घरों से बाहर आ जाते हैं ग्रामीण
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अकबरपुर के बरियावन में ढहाए गए मकान व दुकान के सामने आपस में बातचीत करते ग्रामीण। संवाद
अंबेडकरनगर/हजपुरा। अकबरपुर के बरियावन गांव में पांच मकान और छह दुकानों को ध्वस्त किए जाने के बाद ग्रामीणों में दहशत है। गांव के लोग इस कदर सहमे हैं कि रात में एक साथ कई वाहन गुजरने पर वे घरों से बाहर निकलकर देखने लगते हैं। उन्हें डर रहता है कि कहीं दबंग दोबारा बचे मकानों को गिराने तो नहीं आए हैं।
रविवार रात 50 से अधिक नकाबपोश बदमाश हथियारों से लैस होकर गांव पहुंचे थे। आरोप है कि लोगों को डराने-धमकाने और बंधक बनाने के बाद तीन जेसीबी से करीब एक घंटे में मकान और दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया। सोमवार सुबह करीब 11 बजे घटनास्थल पर सन्नाटा पसरा था। पक्के निर्माण का मलबा जस का तस पड़ा था। कुछ दूरी पर ग्रामीण घटना को लेकर चर्चा कर रहे थे। लोगों ने बताया कि वारदात के बाद से रात में घर से बाहर निकलने में भी डर लग रहा है।
घटनास्थल के पास ब्यूटी पार्लर के बाहर झाड़ू लगा रही पूनम घटना का जिक्र करते ही बिलखने लगीं। उन्होंने बताया कि उनके पति राजेश कुमार का वर्ष 2019 में निधन हो चुका है। दो बेटियां अनामिका और खुशी तथा बेटा आदर्श इसी दुकान की कमाई से परिवार चलाते हैं। आसपास की दुकानों के ध्वस्त होने के बाद उन्हें डर सता रहा है कि कहीं रात में उनका मकान भी न ढहा दिया जाए। परिवार की आय का दूसरा कोई साधन नहीं है।
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इसके बाद सविता सोनी भी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने बताया कि रविवार रात का मंजर अब भी आंखों के सामने घूम रहा है। घटना को याद करते ही डर लगने लगता है। पूजा बुक डिपो के मालिक विजय प्रकाश ने बताया कि गांव के लोग दिन-रात दहशत में हैं। उन्होंने जमीन खरीदने और दुकान बनवाने में लाखों रुपये खर्च किए थे। अब मेहनत की कमाई से बनाए रोजगार के साधन को दोबारा जेसीबी से ढहाए जाने का डर बना हुआ है।
क्या कहते हैं ग्रामीण
असऊवापार मोहरई निवासी कमलेश कुमार ने बताया कि 40 साल पहले उन्होंने मकान बनवाया था। चार दशक की मेहनत की पूंजी इसमें लगाई थी, लेकिन दबंगों ने कुछ ही देर में वर्षों की मेहनत मिट्टी में मिला दी। उन्होंने प्रशासन और पुलिस से आरोपियों पर कार्रवाई के साथ पीड़ितों को मुआवजा दिलाने की मांग की।
बरियावन निवासी रक्षा राम यादव ने बताया कि करीब 40 साल पहले जमीन लेकर दुकान बनवाई थी। इसमें वर्तमान में कंप्यूटर सेंटर चलता है। रविवार रात आसपास की कई दुकानों को जेसीबी से जबरन ढहा दिया गया। उन्होंने बताया कि जमीन रामनाथ के पिता स्वर्गीय राम प्रसाद से खरीदी थी। बिना किसी नोटिस के मकान-दुकान गिराए जाने से वह और उनका परिवार दहशत में है।
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रविवार रात 50 से अधिक नकाबपोश बदमाश हथियारों से लैस होकर गांव पहुंचे थे। आरोप है कि लोगों को डराने-धमकाने और बंधक बनाने के बाद तीन जेसीबी से करीब एक घंटे में मकान और दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया। सोमवार सुबह करीब 11 बजे घटनास्थल पर सन्नाटा पसरा था। पक्के निर्माण का मलबा जस का तस पड़ा था। कुछ दूरी पर ग्रामीण घटना को लेकर चर्चा कर रहे थे। लोगों ने बताया कि वारदात के बाद से रात में घर से बाहर निकलने में भी डर लग रहा है।
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घटनास्थल के पास ब्यूटी पार्लर के बाहर झाड़ू लगा रही पूनम घटना का जिक्र करते ही बिलखने लगीं। उन्होंने बताया कि उनके पति राजेश कुमार का वर्ष 2019 में निधन हो चुका है। दो बेटियां अनामिका और खुशी तथा बेटा आदर्श इसी दुकान की कमाई से परिवार चलाते हैं। आसपास की दुकानों के ध्वस्त होने के बाद उन्हें डर सता रहा है कि कहीं रात में उनका मकान भी न ढहा दिया जाए। परिवार की आय का दूसरा कोई साधन नहीं है।
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इसके बाद सविता सोनी भी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने बताया कि रविवार रात का मंजर अब भी आंखों के सामने घूम रहा है। घटना को याद करते ही डर लगने लगता है। पूजा बुक डिपो के मालिक विजय प्रकाश ने बताया कि गांव के लोग दिन-रात दहशत में हैं। उन्होंने जमीन खरीदने और दुकान बनवाने में लाखों रुपये खर्च किए थे। अब मेहनत की कमाई से बनाए रोजगार के साधन को दोबारा जेसीबी से ढहाए जाने का डर बना हुआ है।
क्या कहते हैं ग्रामीण
असऊवापार मोहरई निवासी कमलेश कुमार ने बताया कि 40 साल पहले उन्होंने मकान बनवाया था। चार दशक की मेहनत की पूंजी इसमें लगाई थी, लेकिन दबंगों ने कुछ ही देर में वर्षों की मेहनत मिट्टी में मिला दी। उन्होंने प्रशासन और पुलिस से आरोपियों पर कार्रवाई के साथ पीड़ितों को मुआवजा दिलाने की मांग की।
बरियावन निवासी रक्षा राम यादव ने बताया कि करीब 40 साल पहले जमीन लेकर दुकान बनवाई थी। इसमें वर्तमान में कंप्यूटर सेंटर चलता है। रविवार रात आसपास की कई दुकानों को जेसीबी से जबरन ढहा दिया गया। उन्होंने बताया कि जमीन रामनाथ के पिता स्वर्गीय राम प्रसाद से खरीदी थी। बिना किसी नोटिस के मकान-दुकान गिराए जाने से वह और उनका परिवार दहशत में है।