{"_id":"5fe77c2f8ebc3e3f5178192f","slug":"kisan-ambedkar-nagar-news-lko556802978","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिंचाई विभाग की लापरवाही से पानी में समाई 70 बीघा फसल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिंचाई विभाग की लापरवाही से पानी में समाई 70 बीघा फसल
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जहांगीरगंज/आलापुर। जहांगीरगंज गांव के निकट नहर कटने से दर्जनों किसानों की करीब 70 बीघा फसल जलमग्न हो गई। नहर कटने की सूचना पर संबंधित किसानों के बीच हड़कंप मच गया। आनन-फानन में मौके पर पहुंचे किसानों ने कटान को बांधने का अथक प्रयास किया, लेकिन पानी का बहाव तेज होने के चलते सफलता नहीं मिल सकी। मौके पर गए एसडीएम धीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने सिंचाई विभाग के कर्मचारियों से वार्ता की। इसके बाद नहर की कटान को रोका जा सका। हालांकि, तब तक तमाम किसानों की करीब 70 बीघा फसल पानी में समा चुकी थी। उधर, विधायक अनीता कमल ने मामले की जांच कराकर प्रभावित किसानों को मुआवजा तथा सिंचाई विभाग के दोषी कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई का निर्देश दिया।
बताते चलें कि जहांगीरगंज गांव के निकट से होकर नहर गुजरी हुई है जो क्षेत्र के सैकड़ों किसानों के लिए सिंचाई का प्रमुख साधन है। बताया जाता है कि जहांगीरगंज गांव के पास नहर का कुछ हिस्सा एक तरफ से क्षतिग्रस्त हो चुका था। ऐसा नहीं कि यह जानकारी सिंचाई विभाग के कर्मचारियों के संज्ञान में नहीं थी, लेकिन लापरवाह कर्मचारियों को नहर की मरम्मत कराने की सुध महसूस नहीं हुई। इस बीच बीते दिनों नहर में पानी भी पहुंच गया। नतीजा यह हुआ कि शुक्रवार को जहांगीरगंज के निकट नहर अचानक कट गई। इससे आसपास के खेतों में पानी भरना शुरू हो गया।
सूचना मिलते ही संबंधित किसानों व स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। आननफानन में पहुंचे किसानों ने कटान को बांधने का अथक प्रयास किया, लेकिन पानी का बहाव तेज होने के चलते सफलता नहीं मिल सकी। इस पर किसानों ने सूचना स्थानीय प्रशासन व सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को दिया। कुछ देर बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम धीरेंद्र श्रीवास्तव ने सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को फौरन जरूरी प्रबंध के निर्देश दिए। इसके बाद कटान को बंद किया जा सका। हालांकि तब तक तमाम किसानों की 70 बीघा फसल पानी में समा गया। ग्रामीणों के अनुसार गांव तक भी पानी पहुंच गया था।
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उधर, ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़ा करते हुए कहा कि नहर पहले से क्षतिग्रस्त थी, लेकिन इस दुरुस्त कराने की सुध महसूस नहीं की गई। अब इसका खामियाजा तमाम किसानों को भुगतना पड़ रहा है। वहीं विधायक अनीता कमल ने लापरवाह कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाने का निर्देश दिया। सपा नेता बाल गोविंद तिवारी ने भी कर्मचारियों की हद दर्जे की लापरवाही पर नाराजगी प्रकट करते हुए किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की।
नहर कटने से प्रभावित किसानों की फसलों का आंकलन कराया जा रहा है। क्षेत्रीय लेखपाल को इसके लिए निर्देशित किया गया है। यह भी तय किया जा रहा है कि किसानों की नुकसान का आंकलन पूरी पारदर्शिता से हो। - धीरेंद्र श्रीवास्तव, एसडीएम, आलापुर
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बताते चलें कि जहांगीरगंज गांव के निकट से होकर नहर गुजरी हुई है जो क्षेत्र के सैकड़ों किसानों के लिए सिंचाई का प्रमुख साधन है। बताया जाता है कि जहांगीरगंज गांव के पास नहर का कुछ हिस्सा एक तरफ से क्षतिग्रस्त हो चुका था। ऐसा नहीं कि यह जानकारी सिंचाई विभाग के कर्मचारियों के संज्ञान में नहीं थी, लेकिन लापरवाह कर्मचारियों को नहर की मरम्मत कराने की सुध महसूस नहीं हुई। इस बीच बीते दिनों नहर में पानी भी पहुंच गया। नतीजा यह हुआ कि शुक्रवार को जहांगीरगंज के निकट नहर अचानक कट गई। इससे आसपास के खेतों में पानी भरना शुरू हो गया।
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सूचना मिलते ही संबंधित किसानों व स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। आननफानन में पहुंचे किसानों ने कटान को बांधने का अथक प्रयास किया, लेकिन पानी का बहाव तेज होने के चलते सफलता नहीं मिल सकी। इस पर किसानों ने सूचना स्थानीय प्रशासन व सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को दिया। कुछ देर बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम धीरेंद्र श्रीवास्तव ने सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को फौरन जरूरी प्रबंध के निर्देश दिए। इसके बाद कटान को बंद किया जा सका। हालांकि तब तक तमाम किसानों की 70 बीघा फसल पानी में समा गया। ग्रामीणों के अनुसार गांव तक भी पानी पहुंच गया था।
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उधर, ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़ा करते हुए कहा कि नहर पहले से क्षतिग्रस्त थी, लेकिन इस दुरुस्त कराने की सुध महसूस नहीं की गई। अब इसका खामियाजा तमाम किसानों को भुगतना पड़ रहा है। वहीं विधायक अनीता कमल ने लापरवाह कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाने का निर्देश दिया। सपा नेता बाल गोविंद तिवारी ने भी कर्मचारियों की हद दर्जे की लापरवाही पर नाराजगी प्रकट करते हुए किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की।
नहर कटने से प्रभावित किसानों की फसलों का आंकलन कराया जा रहा है। क्षेत्रीय लेखपाल को इसके लिए निर्देशित किया गया है। यह भी तय किया जा रहा है कि किसानों की नुकसान का आंकलन पूरी पारदर्शिता से हो। - धीरेंद्र श्रीवास्तव, एसडीएम, आलापुर