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हर-हर गंगे के जयकारों के बीच श्रद्घालुओं ने किया कार्तिक पूर्णिमा का स्नान
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फोटो 8, अंबेडकरनगर के आलापुर चहोड़ाघाट पर कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर स्नान पूजन करते श्रद्धालु।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। कार्तिक पूर्णिमा स्नान पर्व के मौके पर क्षेत्र के सरयू तट पर स्थित कई घाटों पर सोमवार को आस्था का सैलाब उमड़ा। हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने स्नान कर पूजन-अर्चन किया। टांडा व आलापुर तहसील क्षेत्र में सरयू नदी के विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं ने हर-हर गंगे के उद्घोष के साथ भोर से ही स्नान पूजन का दौर शुरू कर दिया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हएु सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। कार्तिक पूर्णिमा स्नान पर्व के मौके पर तड़के से ही टांडा तहसील के क्षेत्र के विभिन्न घाटों के अलावा आलापुर तहसील क्षेत्र के चहोड़ाघाट, बिड़हरघाट, रामबाग, नयागांव, चाड़ीपुर, कम्हरियाघाट समेत कई अन्य घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
आलापुर प्रतिनिधि के अनुसार, तहसील क्षेत्र के सरयू नदी का विभिन्न घाट सोमवार को आस्था का बड़ा गवाह बना। भोर से ही सरयू नदी के विभिन्न घाटों पर श्रद्घालुओं की भीड़ पहुंचना शुरु हो गई। श्रद्धालुओं ने नदी में डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया। इसके उपरांत भक्तिपूर्ण महौल में घाटों पर स्थित मठ मंदिरों पर मत्था टेककर मन्नत मांगी। घाटों व मंदिर परिसर में महिलाओं ने पकवान बनाने व चढ़ाने की भी रस्म अदा किया। स्नान पर्व के मौके पर दूरदराज तथा पड़ोसी जनपद आजमगढ़ के कई इलाकों से स्नानार्थी श्रद्धालुओं की भीड़ रविवार को ही घाटों पर पहुंचनी शुरू हो गई थी।
सोमवार को ब्रह्ममुहूर्त में स्नान का लाभ अर्जित करने के लिए इन श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसरों तथा यहां स्थित धर्मशाला व अन्य स्थानों पर डेरा डाल दिया था। सोमवार को दिन भर चले स्नान पूजन के क्रम में इन घाटों पर लगे मेलों का भी श्रद्धालुओं ने लुत्फ उठाया और खरीदारी भी की। एसडीएम धीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव व सीओ जगदीशलाल टम्टा आदि ने चहोड़ाघाट, बिड़हरघाट, रामबाग, नयागांव, चाड़ीपुर व कम्हरियाघाट आदि स्थानों का भ्रमण किया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
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थानाध्यक्षों को सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया। टांडा प्रतिनिधि के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर लोगों ने श्रद्धा के साथ भगवान सत्यनारायण का विधि विधान पूर्वक पूजन कर उनकी कथा सुनी और पवित्र सरयू में स्नान कर दान दिया। मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा पर दिया गया दान कई महायज्ञों के बराबर होता है। कई क्षेत्रों में मेले का भी आयोजन हुआ। टांडा के हनुमानगढ़ी घाट, राजघाट व श्रीतामेश्वरनाथ महादेव डुहिया स्थित पवित्र सरयू तट पर श्रद्धालुओं ने स्नान पूजन किया।
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आलापुर प्रतिनिधि के अनुसार, तहसील क्षेत्र के सरयू नदी का विभिन्न घाट सोमवार को आस्था का बड़ा गवाह बना। भोर से ही सरयू नदी के विभिन्न घाटों पर श्रद्घालुओं की भीड़ पहुंचना शुरु हो गई। श्रद्धालुओं ने नदी में डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया। इसके उपरांत भक्तिपूर्ण महौल में घाटों पर स्थित मठ मंदिरों पर मत्था टेककर मन्नत मांगी। घाटों व मंदिर परिसर में महिलाओं ने पकवान बनाने व चढ़ाने की भी रस्म अदा किया। स्नान पर्व के मौके पर दूरदराज तथा पड़ोसी जनपद आजमगढ़ के कई इलाकों से स्नानार्थी श्रद्धालुओं की भीड़ रविवार को ही घाटों पर पहुंचनी शुरू हो गई थी।
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सोमवार को ब्रह्ममुहूर्त में स्नान का लाभ अर्जित करने के लिए इन श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसरों तथा यहां स्थित धर्मशाला व अन्य स्थानों पर डेरा डाल दिया था। सोमवार को दिन भर चले स्नान पूजन के क्रम में इन घाटों पर लगे मेलों का भी श्रद्धालुओं ने लुत्फ उठाया और खरीदारी भी की। एसडीएम धीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव व सीओ जगदीशलाल टम्टा आदि ने चहोड़ाघाट, बिड़हरघाट, रामबाग, नयागांव, चाड़ीपुर व कम्हरियाघाट आदि स्थानों का भ्रमण किया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
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थानाध्यक्षों को सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया। टांडा प्रतिनिधि के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर लोगों ने श्रद्धा के साथ भगवान सत्यनारायण का विधि विधान पूर्वक पूजन कर उनकी कथा सुनी और पवित्र सरयू में स्नान कर दान दिया। मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा पर दिया गया दान कई महायज्ञों के बराबर होता है। कई क्षेत्रों में मेले का भी आयोजन हुआ। टांडा के हनुमानगढ़ी घाट, राजघाट व श्रीतामेश्वरनाथ महादेव डुहिया स्थित पवित्र सरयू तट पर श्रद्धालुओं ने स्नान पूजन किया।