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बस स्टेशन पर थर्मल स्क्रीनिंग के साथ जांच ठप
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अंबेडकरनगर। अनलॉक होने के बाद जहां एक तरफ अकबरपुर बस स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ बढ़ी है। इसके बावजूद कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर बस स्टेशन पर पूरी तरह लापरवाही बरती जा रही है। इसके चलते बस स्टेशन पर आने व जाने वाले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग से लेकर कोरोना जांच तक का कार्य ठप पड़ा है। हालाकि यात्रियों को राहत पहुंचाने के नाम पर बेड़े में शामिल 61 बसों में से 45 बसों का संचालन प्रतिदिन शुरू हो जाने से गंतव्य तक पहुंचने वाले यात्रियों को कुछ राहत भी मिली है।
कोरोना संकट के बीच अकबरपुर बस स्टेशन परिसर में व्याप्त अव्यवस्थाओं का बोलबाला खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। न तो यहां यात्रियों को सैनिटाइज किए जाने की व्यवस्था है और न ही उनकी थर्मल स्क्रीनिंग ही हो रही है। इससे दूसरे जिले व प्रांत से आने वाले यात्रियों से जिले में कोरोना संक्रमण का प्रकोप फिर खतरनाक होने की आशंका बनी हुई है।
कोरोना संकट के दौरान जारी लॉक डाउन में अकबरपुर बस स्टेशन बेड़े में शामिल 61 बसों की तुलना में बमुश्किल डेढ़ दर्जन बसें ही सड़क पर उतर रहीं थीं। इससे गंतव्य तक जाने के लिए यात्रियों को विभिन्न प्रकार की मुश्किलें उठानी पड़ रही थी। अनलॉक के बाद प्रतिदिन अकबरपुर बस स्टेशन से 45 बसें सड़क पर उतरने लगीं। शेष बसें फिटनेस पूरी न हो पाने के कारण अभी भी सड़क पर नहीं उतर सकी हैं।
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इसके चलते प्रतिदिन दिल्ली के लिए ही आधा दर्जन बसों का संचालन हो रहा है। यात्रियों के लिए बसों की समस्या तो कुछ हद तक दूर हुई है लेकिन बस स्टेशन में साफ सफाई के साथ कोरोना की रोकथाम को लेकर कोई कार्रवाई न हो पाने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। बस स्टेशन परिसर में आने वाले यात्रियों की न तो थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था है और न ही सैनिटाइजेशन की। इस कारण कोविड प्रोटोकाल को दर किनार कर यात्री बस स्टेशन में आवागमन कर रहे हैं।
इस संबंध में एआरएम सत्यनरायन चौधरी ने बताया कि यात्रियों के हित को लेकर सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। यात्रियों को गंतव्य तक जाने में किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए 45 बसें सड़क पर उतर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि कोरोना संकट को देखते हुए बस स्टेशन परिसर में न सिर्फ थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था है, बल्कि एंटीजन जांच भी की जाती है। प्रतिदिन औसतन 25 यात्रियों की एंटीजन जांच और 65 की थर्मल स्क्रीनिंग की जाती है।
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कोरोना संकट के बीच अकबरपुर बस स्टेशन परिसर में व्याप्त अव्यवस्थाओं का बोलबाला खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। न तो यहां यात्रियों को सैनिटाइज किए जाने की व्यवस्था है और न ही उनकी थर्मल स्क्रीनिंग ही हो रही है। इससे दूसरे जिले व प्रांत से आने वाले यात्रियों से जिले में कोरोना संक्रमण का प्रकोप फिर खतरनाक होने की आशंका बनी हुई है।
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कोरोना संकट के दौरान जारी लॉक डाउन में अकबरपुर बस स्टेशन बेड़े में शामिल 61 बसों की तुलना में बमुश्किल डेढ़ दर्जन बसें ही सड़क पर उतर रहीं थीं। इससे गंतव्य तक जाने के लिए यात्रियों को विभिन्न प्रकार की मुश्किलें उठानी पड़ रही थी। अनलॉक के बाद प्रतिदिन अकबरपुर बस स्टेशन से 45 बसें सड़क पर उतरने लगीं। शेष बसें फिटनेस पूरी न हो पाने के कारण अभी भी सड़क पर नहीं उतर सकी हैं।
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इसके चलते प्रतिदिन दिल्ली के लिए ही आधा दर्जन बसों का संचालन हो रहा है। यात्रियों के लिए बसों की समस्या तो कुछ हद तक दूर हुई है लेकिन बस स्टेशन में साफ सफाई के साथ कोरोना की रोकथाम को लेकर कोई कार्रवाई न हो पाने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। बस स्टेशन परिसर में आने वाले यात्रियों की न तो थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था है और न ही सैनिटाइजेशन की। इस कारण कोविड प्रोटोकाल को दर किनार कर यात्री बस स्टेशन में आवागमन कर रहे हैं।
इस संबंध में एआरएम सत्यनरायन चौधरी ने बताया कि यात्रियों के हित को लेकर सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। यात्रियों को गंतव्य तक जाने में किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए 45 बसें सड़क पर उतर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि कोरोना संकट को देखते हुए बस स्टेशन परिसर में न सिर्फ थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था है, बल्कि एंटीजन जांच भी की जाती है। प्रतिदिन औसतन 25 यात्रियों की एंटीजन जांच और 65 की थर्मल स्क्रीनिंग की जाती है।