UP Panchayat Election: चौपालों से सोशल मीडिया तक बिछने लगी बिसातें, यहां सरकारी धन गबन की खुली पोल; जांच तेज
UP Panchayat Election 2026: एक तरफ गांवों में चौपालों से लेकर सोशल मीडिया तक बिसातें बिछने लगी हैं। दूसरी तरफ सरकारी धन गबन की पोल खुलने पर जांच भी तेज कर दी गई है। गबन का ताजा मामला अंबेडकरनगर का है। यहां 27 ग्राम पंचायतों में सरकारी धन गबन की जांच की जा रही है।
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यूपी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की आहट ने अंबेडकरनगर के गांवों की फिजाओं में राजनीतिक गर्माहट घोल दी है। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं, गांवों में चर्चा, आरोप-प्रत्यारोप, रणनीति और शिकायतों का दौर लगातार तेज हो रहा है। प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल बढ़ गई है।
जिले की 899 ग्राम पंचायतों में से 27 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं, जहां सरकारी धन के दुरुपयोग, मनरेगा कार्यों में अनियमितता और विकास योजनाओं में गड़बड़ी को लेकर जांच चल रही है। गांव की गलियों में सुबह से लेकर रात तक सिर्फ एक ही चर्चा। कौन होगा नया प्रधान। चाय की दुकानें, खेतों की मेड़, कुएं और पीपल के पेड़ के नीचे हर जगह उम्मीदवारों की लाइनअप पर बहस छिड़ी हुई है।
संभावित प्रत्याशी अपने पक्ष में माहौल बनाने में जुटे
संभावित प्रत्याशी कहीं खामोशी से मतदाताओं के घर दस्तक दे रहे, तो कहीं चौपालों में अपनी भविष्य की योजनाएं गिनवा रहे हैं। इस बार सोशल मीडिया भी चुनावी हथियार बनकर उभर रहा है। फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर वीडियो संदेश, डिजिटल पोस्टर, आकर्षक स्लोगन और लाइव संवाद के माध्यम से प्रत्याशी अपने पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हैं।
चुनाव की सुगबुगाहट बढ़ते ही मौजूदा प्रधानों के खिलाफ शिकायतें अचानक तेज हो गई हैं। ग्राम पंचायत निधि में गड़बड़ी, आधे-अधूरे विकास कार्य, मनरेगा भुगतान में अनियमितता और कार्य योजनाओं में मनमानी के आरोप अब खुलकर सामने आने लगे हैं।
ठोस साक्ष्यों के साथ शिकायत पर की जाएगी जांच
जिला पंचायत राज अधिकारी सर्वेश कुमार पांडेय ने बताया कि पंचायत चुनाव नजदीक आने के कारण शिकायतों की संख्या तेजी से बढ़ी है। प्रतिदिन लगभग चार से पांच शिकायतकर्ता कार्यालय में पहुंच रहे हैं। जो भी शिकायतकर्ता शपथ पत्र और ठोस साक्ष्यों के साथ शिकायत प्रस्तुत करेगा, उसकी जांच सुनिश्चित की जाएगी। प्रमाणित अनियमितता मिलने पर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बिना साक्ष्य वाली शिकायतें राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित मानी जा सकती हैं, इसलिए हर प्रकरण में पारदर्शिता और निष्पक्षता सर्वोपरि रहेगी।