{"_id":"641c9c9c8ce69921160bc7d4","slug":"interlocking-done-by-husbands-firm-investigation-started-ambedkar-nagar-news-c-13-1-144262-2023-03-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambedkar Nagar News: पति की फर्म से करा दी इंटरलाकिंग, जांच शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambedkar Nagar News: पति की फर्म से करा दी इंटरलाकिंग, जांच शुरू
Fri, 24 Mar 2023 12:08 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Fri, 24 Mar 2023 12:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबेडकरनगर। विकास खंड भियांव की मरहरा ग्राम पंचायत में तत्कालीन प्रधान द्वारा पति की फर्म द्वारा इंटरलाकिंग का काम कराकर पांच लाख रुपये से अधिक का भुगतान किए जाने का मामला सामने आया है। शिकायत के बाद डीपीआरओ ने दो सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी है। जांच टीम को 15 दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
बीते दिनों मरहरा गांव निवासी स्वामीनाथ यादव ने डीपीआरओ को शपथ पत्र देकर बताया कि ग्राम पंचायत में विकास के नाम पर धांधली की गई है। 2016 से 2019 के बीच तत्कालीन ग्राम प्रधान पूनम ने गांव में इंटरलाकिंग का काम कराया था।
इसका टेंडर कराने के बजाय यह काम पति की फर्म से करा दिया गया। इसके बाद भुगतान भी ले लिया गया। डीपीआरओ अवनीश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि शिकायत मिलने पर जांच का निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन
जांच अधिकारी जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी व लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अवर अभियंता को नामित किया गया है। दोनों अधिकारियों से 15 दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए निर्देशित किया गया है।
रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। डीपीआरओ ने बताया कि सभी ग्राम पंचायतों को पारदर्शिता से काम कराने का निर्देश है। यदि कहीं पर कोई मनमानी मिली तो कार्रवाई तय की जाएगी।
विज्ञापन
बीते दिनों मरहरा गांव निवासी स्वामीनाथ यादव ने डीपीआरओ को शपथ पत्र देकर बताया कि ग्राम पंचायत में विकास के नाम पर धांधली की गई है। 2016 से 2019 के बीच तत्कालीन ग्राम प्रधान पूनम ने गांव में इंटरलाकिंग का काम कराया था।
विज्ञापन
इसका टेंडर कराने के बजाय यह काम पति की फर्म से करा दिया गया। इसके बाद भुगतान भी ले लिया गया। डीपीआरओ अवनीश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि शिकायत मिलने पर जांच का निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन
जांच अधिकारी जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी व लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अवर अभियंता को नामित किया गया है। दोनों अधिकारियों से 15 दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए निर्देशित किया गया है।
रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। डीपीआरओ ने बताया कि सभी ग्राम पंचायतों को पारदर्शिता से काम कराने का निर्देश है। यदि कहीं पर कोई मनमानी मिली तो कार्रवाई तय की जाएगी।