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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   Instructions for Returning to Assistant Center Administrator

सहायक केंद्र व्यवस्थापिका को लौटने का निर्देश

Mon, 12 Feb 2018 10:00 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 12 Feb 2018 10:00 PM IST
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 यूपी बोर्ड परीक्षा की शुचिता से शिक्षा विभाग द्वारा ही खिलवाड़ करने का मामला सामने आया है। सोमवार को जलालपुर तहसील के श्रीशंकर जी इंटर कालेज मठिया की केंद्र व्यवस्थापक को बिना कोई कारण बताए रास्ते से ही वापस लौटा दिया गया। आहत शिक्षिका को जीजीआईसी जलालपुर भेजा गया, जहां से उन्हें डीआईओएस के सचल दल टीम में शामिल कर लिया गया। शिक्षिका के अनुसार वे कॉलेज की परीक्षा में व्यवस्था को पटरी पर लाने का प्रयास कर रही थीं। इस पर विद्यालय प्रबंधन कई दिन से हटवाने की चेतावनी भी दे रहा था।

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शासन एक तरफ तो नकलविहीन परीक्षा कराने पर जोर दे रहा है उधर कॉलेज प्रबंधन शासन की मंशा पर पानी फेर रहे हैं। सोमवार को जलालपुर तहसील के शंकरजी इंटर कालेज मठिया में परीक्षा शुरू होने से पहले ड्यूटी पर जा रहीं सहायक केंद्र व्यवस्थापक प्रमिला यादव को ड्यूटी पर न जाने का हुक्म सुना दिया गया। उन्हें अधिकारियों का यह फरमान जिला मुख्यालय के विभागीय कंट्रोलरूम पर जिम्मेदारी संभाल रहे एक कर्मचारी ने सुनाया।
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कहा गया कि वे केंद्र पर न जाएं और जीजीआईसी जलालपुर पहुंचकर इंतजार करें। यह निर्देश सुन प्रमिला सकते में आ गईं। दरअसल प्रमिला को पहले से ही अपने साथ ऐसा कुछ होने की आशंका थी।  अमर उजाला से प्रमिला ने बताया कि  वहां का प्रबंधन पहले से ही उन्हें हटवाने के प्रयास कर रहा था, क्योंकि वे परीक्षा के दौरान सख्ती बरत रहीं थी। बताया कि जरूर वे गलत करना चाह रहे थे पर वे स्ट्रिक्ट थीं। सबकुछ पटरी पर लाने की कोशिश कर रहीं थीं।  बाहर से टीचर भी ड्यूटी के लिए नहीं मिल पा रहे थे। वे इसके लिए भी दौड़ रही थीं। उनके अपने टीचर थे, अपने केंद्र व्यवस्थापक थे। मैं वहां व्यवस्था सुधार में लगी थी। इसी कारण बिना कारण बताए उन्हें सोमवार को कार्यमुक्त कर दिया गया। 
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सिर्फ सचल दल में शामिल करने के लिए परीक्षा की ड्यूटी पर जा रहीं महिला केंद्र व्यवस्थापक को आधे रास्ते से वापस लौटाने के औचित्य को लेकर डीआईओएस कोई साफ जवाब नहीं दे पाए। यह पूछे जाने पर कि ड्यूटी पर जा रहीं सहायक केंद्र व्यवस्थापक को परीक्षा के बाद भी सचल दल में शामिल किया जा सकता था, उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। जब यह पूछा गया कि सचल दल में महिला शिक्षक की कमीं तो अचानक नहीं हुई होगी, ऐसे में महिला सहायक केंद्र व्यवस्थापक को एक दिन पहले रविवार शाम भी यह सूचना दी जा सकती थी वे मामले को टाल गए। 

 

डीआईओएस विनोद सिंह का कहना है कि सचल दस्ते में महिला शिक्षक की कमीं थी। इसीलिए मैंने प्रमिला यादव को वहां से कार्यमुक्त कराकर अपने नेतृत्व वाले सचलदल में शामिल किया है। उन्हें हटाने के पीछे कोई और कारण नहीं है। यह सामान्य प्रक्रिया है, जिसका निर्वहन किया गया है। महिला शिक्षक ने भी किसी प्रकार की कोई आपत्ति नहीं की है।
 

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