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अपात्र हर माह उठा रहे थे डेढ़ करोड़ का अनाज
अमर उजाला /अबेडकरनगर
Updated Mon, 17 Jul 2017 11:07 PM IST
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जिले में जांच के दौरान 38 हजार 310 अपात्र राशनकार्ड धारक पकड़े गए हैं। यह अपात्र कार्डधारक प्रतिमाह करीब साढ़े 7 हजार क्विंतल अनाज ले रहे थे। इससे डेढ़ करोड़ रुपये प्रतिमाह की विभाग को चपत लगती थी। ऐसे सभी लोगों के राशनकार्ड जमा कराए जा चुके हैं।
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संबंधित कोटेदारों को सभी अपात्रों को राशन की सुविधा नहीं देने की हिदायत दी गई है। योगी सरकार ने पूर्व की सरकार में जारी किए गए फोटोयुक्त कवर वाले राशनकार्ड को वापस लेने का निर्देश दिया। इसके बाद ही सरकार ने पात्र गृहस्थी राशनकार्ड के पात्रों का भौतिक सत्यापन करने का निर्देश दिया।
यह बात अलग है कि लेखपालों की हड़ताल के चलते सत्यापन का कार्य तय समय में पूरा नही हो सका, लेकिन मुख्यमंत्री ने इसके लिए दोबारा कड़ी चेतावनी दी। इस पर प्रशासन हरकत में आया और खाद्य विभाग के अधिकारियों के अलावा ग्राम पंचायत अधिकारी, लेखपाल आदि कर्मियों को गंभीरता से कार्य करने का निर्देश दिया।
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टीमों के सत्यापन में पाया गया कि 2 लाख 73 हजार 535 पात्र गृहस्थी राशनकार्ड धारक में 38 हजार 310 अपात्र हैं। संबंधित अपात्रों का राशनकार्ड तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया। संबंधित कोटेदारों को उनकी सूची भी उपलब्ध कराते हुए अपात्रों को राशन का वितरण नहीं करने की हिदायत दी गई।
इसके साथ रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को प्रेषित की गई। विभागीय सूत्रों के मुताबिक अपात्र पाए गए राशनकार्ड धारक प्रतिमाह करीब साढ़े 7 हजार क्विंतल अनाज का लाभ प्राप्त कर रहे थ। दरअसल प्रत्येक यूनिट पर 3 किलो गेहूं 2 रुपये प्रति किलो व 2 किलो चावल 3 रुपये प्रति किलो की दर से दिया जाता था। इससे शासन को करीब डेढ़ करोड़ रुपये प्रतिमाह का चूना लग रहा था।
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