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लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त
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अंबेडकरनगर में लगातार बारिश से इंजीनियरिंग कॉलेज से इल्तिफातगंज रोड पर जाने वाली बदहाल संपर्क म
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। तेज बरसात होने से शनिवार को आम जनजीवन पूरी तरह अस्तव्यस्त हो गया। बारिश से एक तरफ जहां जिले की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई, तो वहीं जलभराव होने से लोगों को आवागमन में दिक्कतें हुईं। विद्युत आपूर्ति व्यवस्था ध्वस्त होने से लगभग 50 हजार उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। शहरी क्षेत्र में तो फिर भी गड़बड़ी दूर कर देर शाम तक आपूर्ति बहाल कर दी गई, लेकिन ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित ही रही। उधर, बारिश के चलते न सिर्फ मेंथा, बल्कि धान की बेरन तैयार करने वाले किसानों की भी मुश्किलें बढ़ गई हैं। दरअसल लगातार हो रही बारिश से जहां मेंथा फसल सड़ने के करीब पहुंच गई है, तो वहीं खेत में पानी भर जाने से बेरन भी गलने लगी है। इससे संबंधित किसानों की चिंता बढ़ने लगी है।
कुछ दिनों से हो रही बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। शुक्रवार को लगभग पूरी रात हुई बारिश का दौर शनिवार को भी जारी रहा। शनिवार को सुबह से ही बरसात का जो सिलसिला शुरू हुआ, वह रुक-रुककर पूरे दिन चलता रहा। लगातार हो रही बारिश से आम जनजीवन पूरी तरह अस्तव्यस्त हो गया।
हालांकि शनिवार को आंशिक कर्फ्यू था, इसके बावजूद किराना, मेडिकल स्टोर व सब्जी की दुकानें तो खुलीं, लेकिन उपभोक्ता नदारद रहे। खराब मौसम के चलते प्रमुख बाजारों व मार्गों पर भी आमतौर पर पूरी तरह से सन्नाटा पसरा रहा। बारिश ने लोगों को घरों में ही कैद रहने को मजबूर कर दिया। जो लोग दिन में निकले भी, तो वह जल्दी-जल्दी काम निपटाकर अपने घर चले गए। नतीजा यह रहा कि शाम होते-होते सड़कें सुनसान हो गईं।
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बिजली गुल होने से पानी को भटके लोग
शुक्रवार देर शाम से शुरू हुई बारिश का सिलसिला शनिवार को भी लगभग पूरे दिन चला। इससे जिला मुख्यालय से लेकर अन्य क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति छिन्न-भिन्न हो गई। अकबरपुर नगर के मीरानपुर मोहल्ले में पुराने तहसील तिराहे के निकट शुक्रवार देर शाम केबल में आग लग गई। बारिश के चलते गड़बड़ी दूर नहीं की जा सकी। नतीजा यह रहा कि शुक्रवार पूरी रात लगभग 5 हजार आबादी को अंधेरे में रहना पड़ा। इसके अलावा मीरानपुर, पंडाटोला, मुरादाबाद व अहिराना मोहल्ले में भी गड़बड़ियों के चलते लगभग 20 हजार आबादी को बदतर विद्युत आपूर्ति का दंश झेलना पड़ा। सबसे अधिक मुश्किल शनिवार को सुबह पेयजल को लेकर हुई। एक-एक बाल्टी पानी के लिए लोगों को इधर-उधर भटकना पड़ा। हालांकि शनिवार शाम तक गड़बड़ी दूर कर विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई। इसके अलावा राजेसुल्तानपुर, महरुआ, भीटी, कटेहरी, जहांगीरगंज समेत कई अन्य क्षेत्रों में भी गड़बड़ियों के चलते लगभग 25 हजार की आबादी प्रभावित हुई। शनिवार को दिनभर हुई बारिश के चलते गड़बड़ी दूर करने में विद्युत कर्मियों को समस्याओं का सामना करना पड़ा। उधर, अधिशाषी अभियंता विद्युत वीके पटेल ने बताया कि गड़बड़ी को दूर कर आपूर्ति बहाल कर दी गई है। खराब मौसम के चलते कुछ समस्या जरूर आ रही है।
जलभराव होने से लोगों को आवागमन में दिक्कतें
शनिवार को पूरे दिन हुई बारिश के चलते जिला मुख्यालय से लेकर जिले के कई अन्य क्षेत्रों में जलभराव की समस्या बढ़ गई है। नाले व नाली का गंदा पानी जहां सड़कों पर बहने लगा, तो वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में गांव की गलियां जलाशय में तब्दील हो गईं। इससे लोगों को आवागमन में मुश्किलें उठानी पड़ीं। अकबरपुर नगर के अकबरपुर अयोध्या मार्ग, सब्जी मंडी, शहजादपुर चौक, बस स्टेशन क्षेत्र, पटेलनगर तिराहा, कोतवाली के निकट, कलेक्ट्रेट के निकट के साथ ही भीटी बाजार, केदारनगर बाजार, बसखारी, किछौछा, रफीगंज, उर्दूबाजार समेत कई अन्य क्षेत्रों में नाले का गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा। इसके अलावा हजपुरा, कजपुरा, खासपुर, मछलीगांव, दहियावर, पदुमपुर, राजेसुल्तानपुर समेत कई अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में गांव की गलियां भी जलमग्न हो गईं। इससे लोगों को आवागमन में दिक्कतें हुईं।
मेंथा किसानों की बढ़ी चिंता, बेरन में लगने लगा रोग
लगातार हो रही बारिश ने धान किसानों की भी चिंता बढ़ा दी है। जिन क्षेत्रों में जलनिकासी की समस्या है, वहां बेरन पूरी तरह जलमग्र हो गई है। इससे उसमें रोग लगने लगा है। किसान महेश कुमार व राजेंद्र ने कहा कि यदि इसी प्रकार से बारिश का सिलसिला जारी रहा, तो इससे बेरन के खराब होने की पूरी संभावना है। यदि ऐसा हुआ, तो इसका सीधा प्रभाव उपज पर पड़ेगा। किसान राम अवतार व घनश्याम ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि बेरन खराब हो जाती है, तो नए सिरे से बेरन तैयार करनी पड़ेगी। यदि ऐसा हुआ, तो इससे न सिर्फ आर्थिक चपत लगेगी, बल्कि आने वाले समय में विभिन्न प्रकार की मुश्किलें भी खड़ी होंगी। उधर बारिश ने मेंथा किसानों को भी मुश्किल में डाल दिया है। मेंथा किसान मेवालाल व रामबख्श सिंह ने कहा कि लगातार हो रही बारिश के चलते खेत में खड़ी मेंथा फसल पूरी तरह से जलमग्र हो गई है। इससे फसल अब लगभग सड़ने लगी है। यदि इसी प्रकार से बारिश का सिलसिला जारी रहा, तो बड़ी आर्थिक चपत लगेगी।
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कुछ दिनों से हो रही बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। शुक्रवार को लगभग पूरी रात हुई बारिश का दौर शनिवार को भी जारी रहा। शनिवार को सुबह से ही बरसात का जो सिलसिला शुरू हुआ, वह रुक-रुककर पूरे दिन चलता रहा। लगातार हो रही बारिश से आम जनजीवन पूरी तरह अस्तव्यस्त हो गया।
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हालांकि शनिवार को आंशिक कर्फ्यू था, इसके बावजूद किराना, मेडिकल स्टोर व सब्जी की दुकानें तो खुलीं, लेकिन उपभोक्ता नदारद रहे। खराब मौसम के चलते प्रमुख बाजारों व मार्गों पर भी आमतौर पर पूरी तरह से सन्नाटा पसरा रहा। बारिश ने लोगों को घरों में ही कैद रहने को मजबूर कर दिया। जो लोग दिन में निकले भी, तो वह जल्दी-जल्दी काम निपटाकर अपने घर चले गए। नतीजा यह रहा कि शाम होते-होते सड़कें सुनसान हो गईं।
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बिजली गुल होने से पानी को भटके लोग
शुक्रवार देर शाम से शुरू हुई बारिश का सिलसिला शनिवार को भी लगभग पूरे दिन चला। इससे जिला मुख्यालय से लेकर अन्य क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति छिन्न-भिन्न हो गई। अकबरपुर नगर के मीरानपुर मोहल्ले में पुराने तहसील तिराहे के निकट शुक्रवार देर शाम केबल में आग लग गई। बारिश के चलते गड़बड़ी दूर नहीं की जा सकी। नतीजा यह रहा कि शुक्रवार पूरी रात लगभग 5 हजार आबादी को अंधेरे में रहना पड़ा। इसके अलावा मीरानपुर, पंडाटोला, मुरादाबाद व अहिराना मोहल्ले में भी गड़बड़ियों के चलते लगभग 20 हजार आबादी को बदतर विद्युत आपूर्ति का दंश झेलना पड़ा। सबसे अधिक मुश्किल शनिवार को सुबह पेयजल को लेकर हुई। एक-एक बाल्टी पानी के लिए लोगों को इधर-उधर भटकना पड़ा। हालांकि शनिवार शाम तक गड़बड़ी दूर कर विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई। इसके अलावा राजेसुल्तानपुर, महरुआ, भीटी, कटेहरी, जहांगीरगंज समेत कई अन्य क्षेत्रों में भी गड़बड़ियों के चलते लगभग 25 हजार की आबादी प्रभावित हुई। शनिवार को दिनभर हुई बारिश के चलते गड़बड़ी दूर करने में विद्युत कर्मियों को समस्याओं का सामना करना पड़ा। उधर, अधिशाषी अभियंता विद्युत वीके पटेल ने बताया कि गड़बड़ी को दूर कर आपूर्ति बहाल कर दी गई है। खराब मौसम के चलते कुछ समस्या जरूर आ रही है।
जलभराव होने से लोगों को आवागमन में दिक्कतें
शनिवार को पूरे दिन हुई बारिश के चलते जिला मुख्यालय से लेकर जिले के कई अन्य क्षेत्रों में जलभराव की समस्या बढ़ गई है। नाले व नाली का गंदा पानी जहां सड़कों पर बहने लगा, तो वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में गांव की गलियां जलाशय में तब्दील हो गईं। इससे लोगों को आवागमन में मुश्किलें उठानी पड़ीं। अकबरपुर नगर के अकबरपुर अयोध्या मार्ग, सब्जी मंडी, शहजादपुर चौक, बस स्टेशन क्षेत्र, पटेलनगर तिराहा, कोतवाली के निकट, कलेक्ट्रेट के निकट के साथ ही भीटी बाजार, केदारनगर बाजार, बसखारी, किछौछा, रफीगंज, उर्दूबाजार समेत कई अन्य क्षेत्रों में नाले का गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा। इसके अलावा हजपुरा, कजपुरा, खासपुर, मछलीगांव, दहियावर, पदुमपुर, राजेसुल्तानपुर समेत कई अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में गांव की गलियां भी जलमग्न हो गईं। इससे लोगों को आवागमन में दिक्कतें हुईं।
मेंथा किसानों की बढ़ी चिंता, बेरन में लगने लगा रोग
लगातार हो रही बारिश ने धान किसानों की भी चिंता बढ़ा दी है। जिन क्षेत्रों में जलनिकासी की समस्या है, वहां बेरन पूरी तरह जलमग्र हो गई है। इससे उसमें रोग लगने लगा है। किसान महेश कुमार व राजेंद्र ने कहा कि यदि इसी प्रकार से बारिश का सिलसिला जारी रहा, तो इससे बेरन के खराब होने की पूरी संभावना है। यदि ऐसा हुआ, तो इसका सीधा प्रभाव उपज पर पड़ेगा। किसान राम अवतार व घनश्याम ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि बेरन खराब हो जाती है, तो नए सिरे से बेरन तैयार करनी पड़ेगी। यदि ऐसा हुआ, तो इससे न सिर्फ आर्थिक चपत लगेगी, बल्कि आने वाले समय में विभिन्न प्रकार की मुश्किलें भी खड़ी होंगी। उधर बारिश ने मेंथा किसानों को भी मुश्किल में डाल दिया है। मेंथा किसान मेवालाल व रामबख्श सिंह ने कहा कि लगातार हो रही बारिश के चलते खेत में खड़ी मेंथा फसल पूरी तरह से जलमग्र हो गई है। इससे फसल अब लगभग सड़ने लगी है। यदि इसी प्रकार से बारिश का सिलसिला जारी रहा, तो बड़ी आर्थिक चपत लगेगी।