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Ambedkar Nagar News: ताजिया जुलूस में गूजीं या हुसैन, या अली की सदाएं
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.किछौछा दरगाह स्थित ताजिया की शुक्रवार रात जियारत करते अकीदतमंद। स्रोत : आयोजक
अंबेडकरनगर। अशरफपुर किछौछा स्थित हजरत सुल्तान सैयद मखदूम अशरफ का दरगाह परिसर शुक्रवार रात या हुसैन और या अली की सदाओं से गूंजता रहा। मुहर्रम में जुलूस के मौके पर हजारों जायरीन दरगाह पहुंचे और ताजिया की जियारत कर अमन, सलामती और खुशहाली की दुआ मांगी। इस दौरान लोगों ने कर्बला के शहीदों की कुर्बानियों को याद किया।
शुक्रवार रात करीब नौ बजे सैयद मखदूम अशरफ के सहन-ए-आस्ताना से पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। जुलूस मंगल गेट और सलामी गेट मार्ग से होते हुए दरगाह मुख्य चौराहे स्थित इमाम चौक पहुंचा। यहां ताजिया करीब बीस मिनट तक रखा गया।
इस दौरान अकीदतमंदों ने फूल चढ़ाए और दुआ की। इसके बाद ताजिया निर्धारित मार्ग से होते हुए वापस अपने स्थान पर पहुंचाया गया। जुलूस के दौरान बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे। पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं की मौजूदगी से धार्मिक माहौल बना रहा।
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मुहर्रम को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए थे। थाना प्रभारी भूपेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात रहा। दरगाह परिसर और जुलूस मार्ग पर पुलिसकर्मी लगातार निगरानी करते रहे। जलालपुर संवाद के अनुसार चौथी मुहर्रम पर नगर क्षेत्र के विभिन्न इमामबाड़ों में मजलिसों का आयोजन किया गया। सोनगांव, जाफराबाद समेत कई स्थानों पर अजादारों ने शामिल होकर कर्बला के शहीदों को याद किया। वक्ताओं ने हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की कुर्बानियों का जिक्र किया।
अंजुमनों की ओर से नौहाख्वानी पेश की गई। छोटे और बड़े इमामबाड़ों में महिलाओं और पुरुषों की भागीदारी रही। कर्बला के संदेशों पर प्रकाश डाला गया। भीखपुर, उफरौली, लखनिया और कादीपुर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में भी मोहर्रम की मजलिसों का आयोजन जारी है।
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शुक्रवार रात करीब नौ बजे सैयद मखदूम अशरफ के सहन-ए-आस्ताना से पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। जुलूस मंगल गेट और सलामी गेट मार्ग से होते हुए दरगाह मुख्य चौराहे स्थित इमाम चौक पहुंचा। यहां ताजिया करीब बीस मिनट तक रखा गया।
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इस दौरान अकीदतमंदों ने फूल चढ़ाए और दुआ की। इसके बाद ताजिया निर्धारित मार्ग से होते हुए वापस अपने स्थान पर पहुंचाया गया। जुलूस के दौरान बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे। पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं की मौजूदगी से धार्मिक माहौल बना रहा।
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मुहर्रम को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए थे। थाना प्रभारी भूपेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात रहा। दरगाह परिसर और जुलूस मार्ग पर पुलिसकर्मी लगातार निगरानी करते रहे। जलालपुर संवाद के अनुसार चौथी मुहर्रम पर नगर क्षेत्र के विभिन्न इमामबाड़ों में मजलिसों का आयोजन किया गया। सोनगांव, जाफराबाद समेत कई स्थानों पर अजादारों ने शामिल होकर कर्बला के शहीदों को याद किया। वक्ताओं ने हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की कुर्बानियों का जिक्र किया।
अंजुमनों की ओर से नौहाख्वानी पेश की गई। छोटे और बड़े इमामबाड़ों में महिलाओं और पुरुषों की भागीदारी रही। कर्बला के संदेशों पर प्रकाश डाला गया। भीखपुर, उफरौली, लखनिया और कादीपुर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में भी मोहर्रम की मजलिसों का आयोजन जारी है।