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Ambedkar Nagar News: पासपोर्ट रिपोर्ट के सत्यापन में अवैध उगाही पर लगेगी रोक
Fri, 17 Jan 2025 10:38 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Fri, 17 Jan 2025 10:38 PM IST
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धर्मेश त्रिवेदी
अंबेडकरनगर। कोई नौकरी तो कोई घूमने-फिरने के लिए विदेश की सैर करना चाहता है। इसके लिए पासपोर्ट की जरूरत होती है। पासपोर्ट बनवाने के दौरान सत्यापन से लेकर कुछ अन्य कार्यों के नाम पर आवेदकों से अवैध धन की उगाही की जाती है। जिले के पुलिस कप्तान केशव कुमार ने अब इस पर सख्ती से रोक लगाने की कवायद शुरू की है। इसके लिए आवेदकों से फीड बैक लेकर पूछा जाएगा कि उनसे पासपोर्ट बनवाने के नाम पर कोई अवैध धन की उगाही तो नहीं हुई।
निर्धारित शुल्क के अतिरिक्त किसी भी तरह का पैसा दिए जाने की बात सामने आने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई तय होगी। इसके लिए एसपी ने अपने कार्यालय में एक निगरानी टीम गठित की है। कमेटी के सदस्य ही पासपोर्ट के लिए आवेदन करने वालों से फीडबैक लेकर अवैध उगाही के मामले का पता लगाएंगे। जिले में बड़े पैमाने पर लोग विदेश जाने के लिए पासपोर्ट बनवाते हैं। इसमें ज्यादा संख्या सऊदी अरब और दुबई जाने वालों की होती है।
पासपोर्ट बनवाने के नाम पर अवैध तरह से धन उगाही की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एसपी केशव कुमार ने अपने कार्यालय में एक टीम गठित की है। इसके माध्यम से पासपोर्ट आवेदकों से फीड बैक लेकर पूछा जाएंगा कि उन्हें पुलिस की सत्यापन रिपोर्ट के दौरान कोई पैसा तो नहीं देना पड़ा। शिकायत मिलने पर पासपोर्ट जारी होने से पहले एसपी द्वारा गठित टीम पूरे मामले की जांच भी करेगी। फीडबैक अच्छा मिलने और सभी जरूरी प्रपत्रों की जांच के बाद ही आवेदक का पासपोर्ट जारी हो सकेगा।
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हर माह जिले में जारी होते हैं तीन हजार पासपोर्ट
अंबेडकरनगर जिले में हर दिन 100 पासपोर्ट जारी किए जाते हैं। इस तरह हर माह तीन हजार पासपोर्ट बनवाए जाते हैं। बड़े पैमाने पर पासपोर्ट बनवाए जाने के कारण पुलिस कर्मियों की ओर से सत्यापन रिपोर्ट के नाम पर आवेदन में कोई न कोई कमी बताकर आवेदकों को दौड़ाते हैं। इससे बचने के लिए अवैध तौर पर पैसे की मांग की जाती है। इसे पूरा करने पर पुलिसकर्मियों द्वारा रिपोर्ट को फाइनल कर भेज दिया जाता है। मांग पूरी न करने पर आवेदक को चक्कर काटने पड़ते हैं। इस पर नकेल कसने के लिए ही एसपी ने फीडबैक लेने के लिए टीम गठित की है।
पुलिस की रिपोर्ट होती है अहम
पासपोर्ट बनवाने में पुलिस की रिपोर्ट अहम होती है। पासपोर्ट जारी करने से पहले आवेदक के संबंध में संबंधित पुलिस थाने जांच कर पूरी जानकारी एकत्र कर अपनी सत्यापन रिपोर्ट लगाना पड़ती है। इसके बाद फाइल पुलिस कार्यालय स्थित अभिसूचना इकाई (एलआईयू) जाती है। एलआईयू भी जांच के बाद अपनी रिपोर्ट लगाती है। इस दौरान अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज होता है तो उसका पासपोर्ट नहीं बनाया जाता है।
पासपोर्ट बनवाने में धन उगाही रोकने के लिए एक टीम गठित की है। यह टीम आवेदकों का फीडबैक लेगी। फीडबैक के दौरान पासपोर्ट जारी करने के नाम पर पैसा लेने की शिकायत मिली तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। -केशव कुमार, पुलिस अधीक्षक
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अंबेडकरनगर। कोई नौकरी तो कोई घूमने-फिरने के लिए विदेश की सैर करना चाहता है। इसके लिए पासपोर्ट की जरूरत होती है। पासपोर्ट बनवाने के दौरान सत्यापन से लेकर कुछ अन्य कार्यों के नाम पर आवेदकों से अवैध धन की उगाही की जाती है। जिले के पुलिस कप्तान केशव कुमार ने अब इस पर सख्ती से रोक लगाने की कवायद शुरू की है। इसके लिए आवेदकों से फीड बैक लेकर पूछा जाएगा कि उनसे पासपोर्ट बनवाने के नाम पर कोई अवैध धन की उगाही तो नहीं हुई।
निर्धारित शुल्क के अतिरिक्त किसी भी तरह का पैसा दिए जाने की बात सामने आने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई तय होगी। इसके लिए एसपी ने अपने कार्यालय में एक निगरानी टीम गठित की है। कमेटी के सदस्य ही पासपोर्ट के लिए आवेदन करने वालों से फीडबैक लेकर अवैध उगाही के मामले का पता लगाएंगे। जिले में बड़े पैमाने पर लोग विदेश जाने के लिए पासपोर्ट बनवाते हैं। इसमें ज्यादा संख्या सऊदी अरब और दुबई जाने वालों की होती है।
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पासपोर्ट बनवाने के नाम पर अवैध तरह से धन उगाही की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एसपी केशव कुमार ने अपने कार्यालय में एक टीम गठित की है। इसके माध्यम से पासपोर्ट आवेदकों से फीड बैक लेकर पूछा जाएंगा कि उन्हें पुलिस की सत्यापन रिपोर्ट के दौरान कोई पैसा तो नहीं देना पड़ा। शिकायत मिलने पर पासपोर्ट जारी होने से पहले एसपी द्वारा गठित टीम पूरे मामले की जांच भी करेगी। फीडबैक अच्छा मिलने और सभी जरूरी प्रपत्रों की जांच के बाद ही आवेदक का पासपोर्ट जारी हो सकेगा।
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हर माह जिले में जारी होते हैं तीन हजार पासपोर्ट
अंबेडकरनगर जिले में हर दिन 100 पासपोर्ट जारी किए जाते हैं। इस तरह हर माह तीन हजार पासपोर्ट बनवाए जाते हैं। बड़े पैमाने पर पासपोर्ट बनवाए जाने के कारण पुलिस कर्मियों की ओर से सत्यापन रिपोर्ट के नाम पर आवेदन में कोई न कोई कमी बताकर आवेदकों को दौड़ाते हैं। इससे बचने के लिए अवैध तौर पर पैसे की मांग की जाती है। इसे पूरा करने पर पुलिसकर्मियों द्वारा रिपोर्ट को फाइनल कर भेज दिया जाता है। मांग पूरी न करने पर आवेदक को चक्कर काटने पड़ते हैं। इस पर नकेल कसने के लिए ही एसपी ने फीडबैक लेने के लिए टीम गठित की है।
पुलिस की रिपोर्ट होती है अहम
पासपोर्ट बनवाने में पुलिस की रिपोर्ट अहम होती है। पासपोर्ट जारी करने से पहले आवेदक के संबंध में संबंधित पुलिस थाने जांच कर पूरी जानकारी एकत्र कर अपनी सत्यापन रिपोर्ट लगाना पड़ती है। इसके बाद फाइल पुलिस कार्यालय स्थित अभिसूचना इकाई (एलआईयू) जाती है। एलआईयू भी जांच के बाद अपनी रिपोर्ट लगाती है। इस दौरान अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज होता है तो उसका पासपोर्ट नहीं बनाया जाता है।
पासपोर्ट बनवाने में धन उगाही रोकने के लिए एक टीम गठित की है। यह टीम आवेदकों का फीडबैक लेगी। फीडबैक के दौरान पासपोर्ट जारी करने के नाम पर पैसा लेने की शिकायत मिली तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। -केशव कुमार, पुलिस अधीक्षक