{"_id":"69e26b0faffd7b882e04ab33","slug":"husband-mother-in-law-and-father-in-law-convicted-in-dowry-death-case-ambedkar-nagar-news-c-91-1-abn1007-154550-2026-04-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambedkar Nagar News: दहेज हत्या के मामले में पति, सास और ससुर पर दोष सिद्ध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambedkar Nagar News: दहेज हत्या के मामले में पति, सास और ससुर पर दोष सिद्ध
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश रामविलास सिंह ने दहेज हत्या के मामले में पति, सास और ससुर को दोषी करार दिया है। तीनों आरोपियों, सूरज, सुमित्रा और बाबूराम को अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया गया है। न्यायालय अब 20 अप्रैल को दंड के बिंदु पर सुनवाई करेगा। वहीं, मामले में एक आरोपी ननद प्रतिमा को संदेह का लाभ देते हुए कोर्ट ने बरी कर दिया है।
अकबरपुर के बरवा नासिरपुर निवासी दिलीप कुमार के मुताबिक उन्होंने अपनी बहन ममता (25) का विवाह चार मई 2016 को बनगांव डिहवा निवासी सूरज के साथ किया था। सामर्थ के अनुसार दान दहेज भी दिया था। इसके बाद भी पति सूरज, ससुर बाबूराम व सास सुमित्रा और ननद प्रतिमा दहेज की मांग को लेकर उसका उत्पीड़न करते थे। 26 अप्रैल 2021 की सुबह 11 बजे उनकी बहन ने फोन पर अपने साथ मारपीट की घटना की जानकारी दी थी।
जब वह बहन को देखने जिला अस्पताल पहुंचे तो सूचना मिली कि आरोपियों ने बहन को जलाकर मार डाला है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ दहेज हत्या सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत की थी। ननद प्रतिमा ने कोर्ट के समक्ष अपना बयान दर्ज करते हुआ बताया कि वारदात वाले दिन वह सुबह 10 बजे श्रीराम चिकित्सालय अयोध्या में भर्ती थी। प्रस्तुत किए साक्ष्य के आधार पर कोर्ट ने प्रतिमा को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
अकबरपुर के बरवा नासिरपुर निवासी दिलीप कुमार के मुताबिक उन्होंने अपनी बहन ममता (25) का विवाह चार मई 2016 को बनगांव डिहवा निवासी सूरज के साथ किया था। सामर्थ के अनुसार दान दहेज भी दिया था। इसके बाद भी पति सूरज, ससुर बाबूराम व सास सुमित्रा और ननद प्रतिमा दहेज की मांग को लेकर उसका उत्पीड़न करते थे। 26 अप्रैल 2021 की सुबह 11 बजे उनकी बहन ने फोन पर अपने साथ मारपीट की घटना की जानकारी दी थी।
विज्ञापन
जब वह बहन को देखने जिला अस्पताल पहुंचे तो सूचना मिली कि आरोपियों ने बहन को जलाकर मार डाला है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ दहेज हत्या सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत की थी। ननद प्रतिमा ने कोर्ट के समक्ष अपना बयान दर्ज करते हुआ बताया कि वारदात वाले दिन वह सुबह 10 बजे श्रीराम चिकित्सालय अयोध्या में भर्ती थी। प्रस्तुत किए साक्ष्य के आधार पर कोर्ट ने प्रतिमा को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
विज्ञापन