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कैसे मिले पशुओं को बेहतर उपचार, 10 वर्ष से किराए के एक कमरे में चल रहा अस्पताल
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अंबेडकरनगर के जलालपुर में में किराए के कमरे में वर्षों से संचालित पशु अस्पताल।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकनगर। लगभग 10 वर्ष से किराए के भवन में संचालित पशु चिकित्सालय कर्बला कासिमपुर को अपना भवन नसीब नहीं हो पा रहा है। इससे दर्जनों गांव के पशुपालकों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। अपना भवन न होने के कारण अस्पताल की सुविधाओं में विस्तार नहीं हो पा रहा है। ऐसे में यहां पशुओं के उपचार के लिए पहुंचने वाले पशुपालकों को बेहतर सुविधाएं नहीं मिल पातीं। जबकि इस अस्पताल पर 15 हजार से अधिक पशुओं के उपचार की जिम्मेदारी है। पशुपालकों ने शासन प्रशासन से पशु अस्पताल को अपना भवन दिलाए जाने व चिकित्सा सुविधा में विस्तार से किए जाने की मांग की है।
जलालपुर तहसील क्षेत्र के कर्बला कासिमपुर ग्राम पंचायत में करीब एक दशक से सरकारी पशु चिकित्सालय का संचालन हो रहा है। परंतु दुर्भाग्य यह कि इस अस्पताल को अब तक अपना निजी भवन नहीं मिल सका है। अस्पताल किराए के एक कमरे में संचालित होता है। यहां चिकित्सक पद पर मुन्नालाल सोनकर की तैनाती है।
महज एक किराए के कमरे में अस्पताल के संचालित होने के चलते यहां सुविधाओं में भी विस्तार नहीं हो पा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्र में इस अस्पताल को स्थापित करने का मुख्य उद्देश्य था कि ग्रामीणों को अपने पशुओं के उपचार के लिए दूर के अस्पतालों में न भटकना पड़े। इस अस्पताल से गौरा महमदपुर, फत्तेपुर मोहिदपुर, मरहरा, रुकुनपुर, भिटौरा उत्तर, सकरा यूसुफपुर, गोलपुर, गयासपुर, कहरा सुलेमपुर, पंथीपुर, गौसपुर, ककरहिया, करौंदी, बरसाइतपुर, पखरपुर, इंदलपुर, बहादुरपुर, मनिकापुर, जगदीशपुर कपिलेश्वर सहित दर्जनों गांव के पशुपालक अपने पशुओं का उपचार कराते हैं।
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पशुपालक जगदीश यादव, मनीराम वर्मा, शिवनाथ यादव व मंगल आदि का कहना है कि इस अस्पताल के खुलने पर ग्रामीणों में काफी आस जगी थी। उन्हें उम्मीद थी कि शायद अब पशुओं के उपचार के लिए दूर के अस्पतालों का चक्कर लगाने से निजात मिल जाएगी। परन्तु धीरे धीरे कर 10 वर्ष का समय बीत गया, लेकिन अब तक किराए के एक कमरे में संचालित अस्पताल को अपना भवन नहीं मिल पाया।
इसके चलते अस्पताल में कई संसाधनों का अभाव है। चिकित्सक पशुपालकों को महज कुछ दवा उपलब्ध कराकर अपनी जिम्मेदारी निभा देते हैं। पशुपालकों ने शासन प्रशासन से अस्पताल को अविलंब अपना भवन उपलब्ध कराने व सुविधाओं में विस्तार किए जाने की मांग की है।
पशु चिकित्सक डॉ. मुन्नालाल सोनकर ने बताया कि अस्पताल को अपना भवन दिलाने के लिए विभाग को पत्र भेजा गया है। ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित इस अस्पताल की उपयोगिता काफी अधिक है। प्रतिदिन 20 से 30 पशुपालक पहुंचते हैं। यदि अस्पताल को खुद का भवन मिल जाता तो निश्चित रूप से सेवाओं में विस्तार सुनिश्चित होगा।
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जलालपुर तहसील क्षेत्र के कर्बला कासिमपुर ग्राम पंचायत में करीब एक दशक से सरकारी पशु चिकित्सालय का संचालन हो रहा है। परंतु दुर्भाग्य यह कि इस अस्पताल को अब तक अपना निजी भवन नहीं मिल सका है। अस्पताल किराए के एक कमरे में संचालित होता है। यहां चिकित्सक पद पर मुन्नालाल सोनकर की तैनाती है।
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महज एक किराए के कमरे में अस्पताल के संचालित होने के चलते यहां सुविधाओं में भी विस्तार नहीं हो पा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्र में इस अस्पताल को स्थापित करने का मुख्य उद्देश्य था कि ग्रामीणों को अपने पशुओं के उपचार के लिए दूर के अस्पतालों में न भटकना पड़े। इस अस्पताल से गौरा महमदपुर, फत्तेपुर मोहिदपुर, मरहरा, रुकुनपुर, भिटौरा उत्तर, सकरा यूसुफपुर, गोलपुर, गयासपुर, कहरा सुलेमपुर, पंथीपुर, गौसपुर, ककरहिया, करौंदी, बरसाइतपुर, पखरपुर, इंदलपुर, बहादुरपुर, मनिकापुर, जगदीशपुर कपिलेश्वर सहित दर्जनों गांव के पशुपालक अपने पशुओं का उपचार कराते हैं।
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पशुपालक जगदीश यादव, मनीराम वर्मा, शिवनाथ यादव व मंगल आदि का कहना है कि इस अस्पताल के खुलने पर ग्रामीणों में काफी आस जगी थी। उन्हें उम्मीद थी कि शायद अब पशुओं के उपचार के लिए दूर के अस्पतालों का चक्कर लगाने से निजात मिल जाएगी। परन्तु धीरे धीरे कर 10 वर्ष का समय बीत गया, लेकिन अब तक किराए के एक कमरे में संचालित अस्पताल को अपना भवन नहीं मिल पाया।
इसके चलते अस्पताल में कई संसाधनों का अभाव है। चिकित्सक पशुपालकों को महज कुछ दवा उपलब्ध कराकर अपनी जिम्मेदारी निभा देते हैं। पशुपालकों ने शासन प्रशासन से अस्पताल को अविलंब अपना भवन उपलब्ध कराने व सुविधाओं में विस्तार किए जाने की मांग की है।
पशु चिकित्सक डॉ. मुन्नालाल सोनकर ने बताया कि अस्पताल को अपना भवन दिलाने के लिए विभाग को पत्र भेजा गया है। ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित इस अस्पताल की उपयोगिता काफी अधिक है। प्रतिदिन 20 से 30 पशुपालक पहुंचते हैं। यदि अस्पताल को खुद का भवन मिल जाता तो निश्चित रूप से सेवाओं में विस्तार सुनिश्चित होगा।