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बसखारी में जल्द शुरु होगा मातृ शिशु केन्द्र में इलाज
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अंबेडकरनगर। करीब आठ करोड़ की लागत से जलालपुर, भियांव व बसखारी में 30-30 बेड के मातृ शिशु केंद्र बनकर तैयार हो चुके हैं। इनके जल्द ही पूरी तरह से शुरू होने की उम्मीद है। इससे करीब 90 हजार की आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। बता दें कि जलालपुर व भियांव स्थित मातृ शिशु केंद्र की शुरुआत हो चुकी है और जल्द ही मरीजों को यहां उपलब्ध सारी सुविधाए मिलने लगेंगी। वहीं, बसखारी स्थित मातृ शिशु केंद्र अभी शुरू ही नहीं हो पाया है। उम्मीद है कि यहां भी जल्द ही इलाज शुरू हो जाएगा।
मरीजों को इलाज के लिए इधर-उधर न भटकना पड़े, इसके लिए सरकार जगह-जगह अस्पतालों का निर्माण करा रही है। जच्चा व बच्चा के बेहतर इलाज के लिए उन्हें दूसरे जनपद स्थित अस्पताल तक की दौड़ न लगानी पड़े, इसके लिए मातृ शिशु केंद्र की भी स्थापना कराई जा रही है। इसी क्रम में बसखारी विकास खंड में 2 करोड़ 84 लाख, जलालपुर में 2 करोड़ 76 लाख व भियांव में 2 करोड़ 88 लाख रुपये की लागत से 30-30 बेड क्षमता के मातृ-शिशु केंद्र की स्थापना को मंजूरी प्रदान की गई थी। इन तीनों केंद्रों के निर्माण की जिम्मेदारी प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन को सौंपी गई।
कुछ दिन पहले ही इन तीनों केंद्रों का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया था। गत दिवस मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनपद दौरे के दौरान औपचारिक रूप से तीनों केंद्रों का संचालन प्रारंभ कर दिया था। जलालपुर व भियांव में 30-30 बेड की क्षमता वाले मातृ शिशु केंद्र में कुछ काम होने लगा है, लेकिन बसखारी स्थित मातृ शिशु केंद्र का संचालन शुरू नहीं हो सका। सीएमओ कार्यालय के अनुसार, बसखारी में शीघ्र ही मरीजों का इलाज प्रारंभ हो जाएगा। साथ ही तीनों केंद्रों पर कुछ ही दिनों में सारी सुविधाएं मिलने लगेंगी। इन तीनों केंद्रों के संचालन से करीब 90 हजार की आबादी को सीधा लाभ मिलेगा।
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बसखारी विकास खंड के रामअजोर व सीताराम ने कहा कि मातृ शिशु केंद्र के संचालन से जच्चा व बच्चा के बेहतर इलाज के लिए उन्हें भागदौड़ से राहत मिलेगी। अस्पताल में मरीजों को समुचित इलाज की सुविधा मिल सके, इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों को गंभीरता दिखानी होगी। भियांव विकास खंड के इश्तियाक अहमद व रवि कुमार ने कहा कि जब से मातृ शिशु केंद्र में इलाज प्रारंभ हुआ है तब से जच्चा व बच्चा को इलाज के लिए दूसरे जनपद स्थित अस्पतालों तक की दौड़ लगाने से राहत मिल रही है।
जलालपुर व भियांव में निर्मित मातृ-शिशु केंद्र शुरू कर दिए गए हैं। बसखारी में मातृ-शिशु केंद्र बनकर तैयार है। जल्द ही यहां भी इलाज मिलने लगेगा।
- डॉ. अशोक कुमार, सीएमओ
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मरीजों को इलाज के लिए इधर-उधर न भटकना पड़े, इसके लिए सरकार जगह-जगह अस्पतालों का निर्माण करा रही है। जच्चा व बच्चा के बेहतर इलाज के लिए उन्हें दूसरे जनपद स्थित अस्पताल तक की दौड़ न लगानी पड़े, इसके लिए मातृ शिशु केंद्र की भी स्थापना कराई जा रही है। इसी क्रम में बसखारी विकास खंड में 2 करोड़ 84 लाख, जलालपुर में 2 करोड़ 76 लाख व भियांव में 2 करोड़ 88 लाख रुपये की लागत से 30-30 बेड क्षमता के मातृ-शिशु केंद्र की स्थापना को मंजूरी प्रदान की गई थी। इन तीनों केंद्रों के निर्माण की जिम्मेदारी प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन को सौंपी गई।
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कुछ दिन पहले ही इन तीनों केंद्रों का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया था। गत दिवस मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनपद दौरे के दौरान औपचारिक रूप से तीनों केंद्रों का संचालन प्रारंभ कर दिया था। जलालपुर व भियांव में 30-30 बेड की क्षमता वाले मातृ शिशु केंद्र में कुछ काम होने लगा है, लेकिन बसखारी स्थित मातृ शिशु केंद्र का संचालन शुरू नहीं हो सका। सीएमओ कार्यालय के अनुसार, बसखारी में शीघ्र ही मरीजों का इलाज प्रारंभ हो जाएगा। साथ ही तीनों केंद्रों पर कुछ ही दिनों में सारी सुविधाएं मिलने लगेंगी। इन तीनों केंद्रों के संचालन से करीब 90 हजार की आबादी को सीधा लाभ मिलेगा।
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बसखारी विकास खंड के रामअजोर व सीताराम ने कहा कि मातृ शिशु केंद्र के संचालन से जच्चा व बच्चा के बेहतर इलाज के लिए उन्हें भागदौड़ से राहत मिलेगी। अस्पताल में मरीजों को समुचित इलाज की सुविधा मिल सके, इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों को गंभीरता दिखानी होगी। भियांव विकास खंड के इश्तियाक अहमद व रवि कुमार ने कहा कि जब से मातृ शिशु केंद्र में इलाज प्रारंभ हुआ है तब से जच्चा व बच्चा को इलाज के लिए दूसरे जनपद स्थित अस्पतालों तक की दौड़ लगाने से राहत मिल रही है।
जलालपुर व भियांव में निर्मित मातृ-शिशु केंद्र शुरू कर दिए गए हैं। बसखारी में मातृ-शिशु केंद्र बनकर तैयार है। जल्द ही यहां भी इलाज मिलने लगेगा।
- डॉ. अशोक कुमार, सीएमओ