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हाइटेंशन तार से यहां भी खतरे में है दो हजार बच्चों की जान
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अंबेडकरनगर के प्राथमिक विद्यालय राबीबहाउद्दीनपुर परिसर से खींचा गया बिजली का हाईटेंशन तार।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
अंबेडकरनगर। जिले के 15 परिषदीय विद्यालयों में लगभग दो हजार बच्चों की जान खतरे में है। असल में यहां भी इन विद्यालयों के ऊपर से होकर हाईटेंशन लाइन जा रही है। इनकी सुध लंबे समय से विभागीय अधिकारियों को नहीं हो सकी। नतीजा यह कि प्रतिदिन यहां भी यह बच्चे जान जोखिम डालकर शिक्षा ग्रहण करने को विवश हैं। ऐसे में यहां भी कभी बलरामपुर के नयानगर जैसा हादसा हो जाए तो कोई अचरज नहीं।
बलरामपुर जनपद में एक दिन पहले प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय नयानगर के ऊपर से गुजर रहा हाईटेंशन विद्युत तार टूटकर गिर पड़ा। नतीजा यह हुआ कि उसकी चपेट में आकर कुल 52 बच्चे झुलस गए।
जलालपुर, अकबरपुर, बसखारी, टांडा, जहांगीरगंज व कटेहरी आदि शिक्षा क्षेत्र के कुल 15 ऐसे परिषदीय स्कूल हैं, जिनके ऊपर से होकर हाईटेंशन लाइन जा रही है। इन तारों के चलते बच्चों की जान लगातार जोखिम में है, लेकिन विभाग के अधिकारी इन सबसे बेफिक्र बने हुए हैं।
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विद्यालय प्रधानाचार्यों व अभिभावकों ने लगातार संभावित संकट को लेकर अपनी चिंता भी जताई, लेकिन इसके बाद भी बच्चों के हितों को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग के स्थानीय अधिकारियों की संवेदना नहीं जाग सकी। वह भी तब, जबकि तारों के टूटने आदि से इक्का दुक्का हादसे भी यहां हो चुके हैं।
इन विद्यालयों के ऊपर मंडरा रहा खतरा
जलालपुर विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय गोलपुर के ऊपर से 11 हजार वोल्टेज का विद्युत तार गुजर रहा है, जबकि उच्च प्राथमिक विद्यालय सम्मनपुर के ऊपर से 33 हजार वोल्टेज की लाइन जा रही। जिन अन्य विद्यालयों के ऊपर तार से खतरा मडरा रहा उनमें प्राथमिक विद्यालय बसिया, प्राथमिक विद्यालय रामपुर दुबे, उच्च प्राथमिक विद्यालय भिटौरा, प्राथमिक विद्यालय हाथपाकड़ व रघुनाथपुर, उच्च प्राथमिक विद्यालय मकोइया, प्राथमिक विद्यालय हुसैनपुर सुधाना तथा प्राथमिक विद्यालय लालमनपुर व अछनारा शामिल है। इन सभी विद्यालयों को मिलाकर कुल 2 हजार छात्र-छात्राएं यहां अध्ययनरत हैं।
जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट के ठीक सामने स्थित इस विद्यालय के ऊपर से हाईटेंशन तार गुजरा हुआ है। यहां कुल 112 बच्चे अध्ययनरत हैं। जिला मुख्यालय पर ही यह स्कूल होने के बावजूद यहां से तार हटवाने की चिंता विभागीय अधिकारियों को नहीं हो पाई है, जबकि यहां कार्यरत शिक्षक हर तीसरे चौथे माह अधिकारियों को तार से होने वाले संभावित हादसे की आशंका से अवगत कराते रहते हैं। प्रधानाचार्या वंदना सिंह ने बताया कि वे पिछले तीन वर्ष से लगातार इस बारे में पत्र दे रही हैं, लेकिन कोई अमल नहीं हो सका। ऊपर से गुजर रहे तारों के नीचे जाल लगाने की मांग को भी अनसुना कर दिया गया है।
हादसे के बाद भी बेफिक्री बरकरार
जलालपुर तहसील क्षेत्र के इस प्राथमिक विद्यालय में 152 बच्चों की जिंदगी स्कूल अवधि में खतरे में बनी रहती है। कारण यह कि विद्यालय के ऊपर से हाईटेंशन तार गया हुआ है। अभिभावकों से लेकर शिक्षकों तक ने यहां तार हटाने को लेकर कई बार विभागीय अधिकारियों से संपर्क साधा, लेकिन किसी ने प्रभावी पहल नहीं की। वर्ष 2017 में यहां हाईटेंशन तार टूटकर मैदान में गिर भी चुका है। उसकी चपेट में आकर कक्षा 2 का एक छात्र झुलस गया था, जिसे बड़ी मुश्किल से बचाया जा सका। प्रधानाचार्या सुमन वर्मा ने बताया कि तार हटवाने के लिए लगातार पत्राचार तो किया जा रहा, लेकिन अब तक कोई नतीजा निकल नहीं पाया है।
बलरामपुर में हुए हादसे के बाद शासन की सख्ती पर विभाग के अधिकारी जिले में इस मामले को लेकर सजग हुए। आननफानन में सिर्फ 10 ऐसे विद्यालयों की सूची तैयार की गई, जहां बच्चों का ज्यादा खतरा है। ऐसे विद्यालयों की सूची शासन को भेज दी गई है। माना जा रहा है कि जल्द ही इस पर शासन कोई समुचित निर्णय लेगा। बीएसए अतुल कुमार सिंह ने ने कहा कि 10 विद्यालय ही मिले हैं, उनकी सूची भेज दी गई है।
डीएम राकेश कुमार मिश्र ने बताया कि विद्यालयों के ऊपर से गुजर रहे तारों को हटवाया जाएगा। बच्चों की सुरक्षा हर हाल में तय की जाएगी। संबंधित विद्यालयों के ऊपर से अविलंब तार हट सके, यह इंतजाम किया जा रहा है।
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बलरामपुर जनपद में एक दिन पहले प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय नयानगर के ऊपर से गुजर रहा हाईटेंशन विद्युत तार टूटकर गिर पड़ा। नतीजा यह हुआ कि उसकी चपेट में आकर कुल 52 बच्चे झुलस गए।
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जलालपुर, अकबरपुर, बसखारी, टांडा, जहांगीरगंज व कटेहरी आदि शिक्षा क्षेत्र के कुल 15 ऐसे परिषदीय स्कूल हैं, जिनके ऊपर से होकर हाईटेंशन लाइन जा रही है। इन तारों के चलते बच्चों की जान लगातार जोखिम में है, लेकिन विभाग के अधिकारी इन सबसे बेफिक्र बने हुए हैं।
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विद्यालय प्रधानाचार्यों व अभिभावकों ने लगातार संभावित संकट को लेकर अपनी चिंता भी जताई, लेकिन इसके बाद भी बच्चों के हितों को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग के स्थानीय अधिकारियों की संवेदना नहीं जाग सकी। वह भी तब, जबकि तारों के टूटने आदि से इक्का दुक्का हादसे भी यहां हो चुके हैं।
इन विद्यालयों के ऊपर मंडरा रहा खतरा
जलालपुर विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय गोलपुर के ऊपर से 11 हजार वोल्टेज का विद्युत तार गुजर रहा है, जबकि उच्च प्राथमिक विद्यालय सम्मनपुर के ऊपर से 33 हजार वोल्टेज की लाइन जा रही। जिन अन्य विद्यालयों के ऊपर तार से खतरा मडरा रहा उनमें प्राथमिक विद्यालय बसिया, प्राथमिक विद्यालय रामपुर दुबे, उच्च प्राथमिक विद्यालय भिटौरा, प्राथमिक विद्यालय हाथपाकड़ व रघुनाथपुर, उच्च प्राथमिक विद्यालय मकोइया, प्राथमिक विद्यालय हुसैनपुर सुधाना तथा प्राथमिक विद्यालय लालमनपुर व अछनारा शामिल है। इन सभी विद्यालयों को मिलाकर कुल 2 हजार छात्र-छात्राएं यहां अध्ययनरत हैं।
जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट के ठीक सामने स्थित इस विद्यालय के ऊपर से हाईटेंशन तार गुजरा हुआ है। यहां कुल 112 बच्चे अध्ययनरत हैं। जिला मुख्यालय पर ही यह स्कूल होने के बावजूद यहां से तार हटवाने की चिंता विभागीय अधिकारियों को नहीं हो पाई है, जबकि यहां कार्यरत शिक्षक हर तीसरे चौथे माह अधिकारियों को तार से होने वाले संभावित हादसे की आशंका से अवगत कराते रहते हैं। प्रधानाचार्या वंदना सिंह ने बताया कि वे पिछले तीन वर्ष से लगातार इस बारे में पत्र दे रही हैं, लेकिन कोई अमल नहीं हो सका। ऊपर से गुजर रहे तारों के नीचे जाल लगाने की मांग को भी अनसुना कर दिया गया है।
हादसे के बाद भी बेफिक्री बरकरार
जलालपुर तहसील क्षेत्र के इस प्राथमिक विद्यालय में 152 बच्चों की जिंदगी स्कूल अवधि में खतरे में बनी रहती है। कारण यह कि विद्यालय के ऊपर से हाईटेंशन तार गया हुआ है। अभिभावकों से लेकर शिक्षकों तक ने यहां तार हटाने को लेकर कई बार विभागीय अधिकारियों से संपर्क साधा, लेकिन किसी ने प्रभावी पहल नहीं की। वर्ष 2017 में यहां हाईटेंशन तार टूटकर मैदान में गिर भी चुका है। उसकी चपेट में आकर कक्षा 2 का एक छात्र झुलस गया था, जिसे बड़ी मुश्किल से बचाया जा सका। प्रधानाचार्या सुमन वर्मा ने बताया कि तार हटवाने के लिए लगातार पत्राचार तो किया जा रहा, लेकिन अब तक कोई नतीजा निकल नहीं पाया है।
बलरामपुर में हुए हादसे के बाद शासन की सख्ती पर विभाग के अधिकारी जिले में इस मामले को लेकर सजग हुए। आननफानन में सिर्फ 10 ऐसे विद्यालयों की सूची तैयार की गई, जहां बच्चों का ज्यादा खतरा है। ऐसे विद्यालयों की सूची शासन को भेज दी गई है। माना जा रहा है कि जल्द ही इस पर शासन कोई समुचित निर्णय लेगा। बीएसए अतुल कुमार सिंह ने ने कहा कि 10 विद्यालय ही मिले हैं, उनकी सूची भेज दी गई है।
डीएम राकेश कुमार मिश्र ने बताया कि विद्यालयों के ऊपर से गुजर रहे तारों को हटवाया जाएगा। बच्चों की सुरक्षा हर हाल में तय की जाएगी। संबंधित विद्यालयों के ऊपर से अविलंब तार हट सके, यह इंतजाम किया जा रहा है।