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एंटी रैबीज है नहीं, कुत्तों के हमले का भी खतरा
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फोटो 1, अंबेडकरनगर के अकबरपुर सीएचसी के बरामदे में इस तरह घूमते रहते घुमंतू कुत्ते।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। अकबरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर भले ही एंटी रैबीज इंजेक्शन का टोटा है, लेकिन यहां आवारा कुत्तों के हमले का खतरा ज्यादा है। यदि आप सीएचसी अकबरपुर आ रहे हैं तो कुत्तों से सावधान रहिए। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर इंजेक्शन उपलब्ध है या नही इसकी जानकारी कर पाना भी आम नागरिकों के बस की बात नही है। अस्पताल में चहुंओर मनमानी का आलम है।
अकबरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में इन दिनों एंटी रैबीज इंजेक्शन का टोटा है। यह बात अलग है कि अस्पताल पहुंचने पर यहां आपको कुत्तों का भी सामना अलग से करना पड़ सकता है। अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से यहां हमेशा छुट्टा कुत्ते घूमते रहते हैं। ऐसे में वह कई बार अपना आक्रमक रूप भी दिखाते रहते हैं। बुधवार को अमर उजाला टीम अस्पताल पहुंची तो यहां मनमानी का आलम दिखा। साफ सफाई व्यवस्था भी बदहाल दिखी। परिसर में इधर उधर फैली गंदगी कर्मचारियों की मनमानी को बयां कर रही थी। इतना ही नही अस्पताल में कुत्ते भी धमाचौकड़ी मचाते दिखे। टीम ने कुत्तों की इस धमाचौकड़ी देखकर अस्पताल प्रशासन से इस बाबत सवाल किया तो उनके पास कोई जवाब नहीं था।
टीम ने पीड़ित बनकर अस्पताल कर्मियों से एंटी रैबीज इंजेक्शन की उपलब्धता के बारे में जानकारी करने का प्रयास किया तो कई कक्षों का चक्कर लगाना पड़ा। इसके बावजूद यह नहीं पता चल सका कि एंटी रैबीज इंजेक्शन है या नहीं। इसके बाद जब इस बाबत सीएचसी प्रभारी डॉ सुभाष से बात की गई तो उन्होंने अपने दो तीन कर्मचारियों के पास फोन लगाया।
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इसके बाद वह यह बता सके कि अस्पताल में इस समय एंटी रैबीज इंजेक्शन मौजूद नहीं है। अस्पताल में उपचार के लिए आए मीरानपुर निवासी पवरेज व सलीम ने बताया कि यह मनमानी यहां आए दिन की है। कौन चिकित्सक कब आएगा इसका कोई पता नही रहता है। मरीज जो चिकित्सक मिलते हैं, उन्हें ही दिखाते हैं, और दवा लेकर जाते हैं। एंटी रैबीज इंजेक्शन तो काफी दिनों से यहां खत्म बताया जा रहा है।
कोरोना संक्रमण की वजह से इधर थोड़ी व्यवस्तता हो गई है। जल्द ही सीएचसी व पीएचसी के औचक निरीक्षण पर निकलेंगे। अस्पताल में साफ सफाई व चिकित्सकों कर्मचारियों के समय से उपस्थित रहने का सख्त निर्देश है। जिले में एंटी रैबीज इंजेक्शन की कमी नहीं है।
डॉ. अशोक कुमार, सीएमओ
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अकबरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में इन दिनों एंटी रैबीज इंजेक्शन का टोटा है। यह बात अलग है कि अस्पताल पहुंचने पर यहां आपको कुत्तों का भी सामना अलग से करना पड़ सकता है। अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से यहां हमेशा छुट्टा कुत्ते घूमते रहते हैं। ऐसे में वह कई बार अपना आक्रमक रूप भी दिखाते रहते हैं। बुधवार को अमर उजाला टीम अस्पताल पहुंची तो यहां मनमानी का आलम दिखा। साफ सफाई व्यवस्था भी बदहाल दिखी। परिसर में इधर उधर फैली गंदगी कर्मचारियों की मनमानी को बयां कर रही थी। इतना ही नही अस्पताल में कुत्ते भी धमाचौकड़ी मचाते दिखे। टीम ने कुत्तों की इस धमाचौकड़ी देखकर अस्पताल प्रशासन से इस बाबत सवाल किया तो उनके पास कोई जवाब नहीं था।
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टीम ने पीड़ित बनकर अस्पताल कर्मियों से एंटी रैबीज इंजेक्शन की उपलब्धता के बारे में जानकारी करने का प्रयास किया तो कई कक्षों का चक्कर लगाना पड़ा। इसके बावजूद यह नहीं पता चल सका कि एंटी रैबीज इंजेक्शन है या नहीं। इसके बाद जब इस बाबत सीएचसी प्रभारी डॉ सुभाष से बात की गई तो उन्होंने अपने दो तीन कर्मचारियों के पास फोन लगाया।
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इसके बाद वह यह बता सके कि अस्पताल में इस समय एंटी रैबीज इंजेक्शन मौजूद नहीं है। अस्पताल में उपचार के लिए आए मीरानपुर निवासी पवरेज व सलीम ने बताया कि यह मनमानी यहां आए दिन की है। कौन चिकित्सक कब आएगा इसका कोई पता नही रहता है। मरीज जो चिकित्सक मिलते हैं, उन्हें ही दिखाते हैं, और दवा लेकर जाते हैं। एंटी रैबीज इंजेक्शन तो काफी दिनों से यहां खत्म बताया जा रहा है।
कोरोना संक्रमण की वजह से इधर थोड़ी व्यवस्तता हो गई है। जल्द ही सीएचसी व पीएचसी के औचक निरीक्षण पर निकलेंगे। अस्पताल में साफ सफाई व चिकित्सकों कर्मचारियों के समय से उपस्थित रहने का सख्त निर्देश है। जिले में एंटी रैबीज इंजेक्शन की कमी नहीं है।
डॉ. अशोक कुमार, सीएमओ