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Ambedkar Nagar News: सरकारी आंकड़े खुशनुमा, खेतों में दिख रहे सूखे के आसार

Mon, 22 Jul 2024 10:13 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 22 Jul 2024 10:13 PM IST
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Government figures are encouraging, chances of drought visible in the fields
बारिश न होने खेतों में पड़ी दरारे - संवाद।
अंबेडकरनगर। सरकारी आंकड़ों में भले ही मौसम खुशनुमा हो लेकर इसकी जमीनी हकीकत खेतों में देखी जा सकती है। बारिश न होने से कहीं धान को रोपाई नहीं हो पा रही तो जिन किसानों से जैसे-तैसे धान की रोपाई कर ली है उनकी फसलें सूखने लगी हैं। खेतों में पड़ी दरारों से सूखे के आसार साफ नजर आ रहे हैं। न नहरों से पानी मिल पा रहा न ही बारिश हो रही है। बारिश न होने से पानी का स्तर भी गिर रहा है, जिससे नलकूप भी पानी नहीं दे रहे हैं, ऐसे में किसान बेहद परेशान हैं।
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मौसम के अब तक के मिजाज ने धान किसानों को मुश्किल में डाल दिया है। दरअसल ज्यादातर किसानों ने धान की रोपाई कर दी है। इसके बाद अब समय समय पर सिंचाई की आवश्यकता है। बारिश न होने से किसानों के सामने सिंचाई का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। मालूम हो कि जिले में लगभग एक लाख 19 हजार हेक्टेअर क्षेत्रफल में तीन लाख 85 हजार किसानों ने धान की रोपाई की है।
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प्रशासन की मानें तो 19 जुलाई को सामान्य बारिश 187.6 मिली मीटर होनी थी, जिससे कहीं अधिक 211.4 मिली मीटर बारिश हुई। हालांकि इसी अवधि में गत वर्ष 263.7 मिली मीटर बारिश हुई थी। प्रशासनिक आंकड़ों में तो बारिश सामान्य से अधिक है लेकिन किसानों के बीच सूखे जैसा माहौल है। रोपाई के बाद वाले खेत भी इसकी गवाही दे रहे हैं। बारिश न होने के चलते जिले के कई क्षेत्रों में जलस्तर गिरने लगा है। इससे पंपिंग सेट व नलकूप भी काम नहीं कर रहे हैं। माइनर की साफ-सफाई न होने से टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा है। पानी कम छोड़े जाने से भी माइनर में पानी का बहाव बहुत कम है। नतीजा यह है कि धान की सिंचाई न होने से खेतों में में दरारें पड़ने लगी हैं।
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तहसील क्षेत्र टांडा के दहियावर में सिंचाई न होने से धान के खेत में दरार हो गई हैं। किसान गुरुप्रसादर ने कहा कि एक तो बारिश नहीं हो रही उस पर से नलकूप भी बेहतर ढंग से काम नहीं कर रहे। इससे खेत में दरार पड़ गई है। यदि समय रहते सिंचाई नहीं हुई तो लगभग ढाई बीघे में रोपी गई फसल खराब हो जाएगी। इसी प्रकार महरुआ, भीटी, कटेहरी, घाघूपुर, समेत कई अन्य क्षेत्रों में भी जगह जगह खेतों में दरारें पड़ गई हैं।


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लगातार बढ़ रहा सिंचाई का संकट
तहसील क्षेत्र अकबरपुर के बरधाभिउरा निवासी प्रदीप व पंकज ने कहा कि समुचित बारिश न होने से जलस्तर गिरने लगा है। इससे नलकूप से कम पानी निकल रहा है। पहले एक बीघा खेत की सिंचाई में जहां लगभग एक घंटा लगता था तो वहीं अब दो से ढाई घंटा लग रहा है। यदि समय रहते बारिश नहीं हुई तो यह समस्या और भी बढ़ सकती है। बूढ़नपुर के महेश शर्मा व जमुनीपुर के हर्ष व ईश्वरचंद्र मिश्र ने कहा कि बारिश न होने से सूखे जैसे हालात पैदा हो गए हैं। फसल को बचाने को लेकर चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। माइनर की साफ सफाई न होने से टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा, इससे सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। यदि ऐसा ही रहा तो आने वाले दिनों में फसल को बड़ा नुकसान होगा।
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