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सीसीटीवी कैमरे से हो सभी पशु आश्रयस्थलों की निगरानी
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अंबेडकरनगर के बसखारी में पशु आश्रय स्थल का औचक निरीक्षण करते डीएम सैमुअल पॉल एन।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। सभी पशु आश्रय स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से पशुओं की देखरेख सुनिश्चित की जाए। यह निर्देश मंगलवार को डीएम सैमुअल पॉल एन ने अलग-अलग गो आश्रय स्थलों का औचक निरीक्षण करने के दौरान दिया। शासन की प्राथमिकता को ध्यान में रखते हुए डीएम ने गो आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं को चाक चौबंद बनाने के उद्देश्य से औचक निरीक्षण का निर्णय लिया।
इसकी शुरुआत उन्होंने अकबरपुर नगर के गो आश्रय स्थल मिर्जापुर से की। यहां प्रभारी समेत कर्मचारी उपस्थित थे। 79 पशुओं की तुलना में 116 क्विंटल भूसा, 5 क्विंटल पशु आहार व ढाई क्विंटल चूनी मौजूद मिली। पर्याप्त शेड, तिरपाल व पानी की बेहतर व्यवस्था देख डीएम ने प्रसन्नता प्रकट की। यहां से वे बसखारी विकास खंड के उमरापुर मीनापुर का जायजा लेने पहुंचे। आश्रय स्थल तक जाने के लिए डीएम को पगडंडी का सहारा लेना पड़ा। यहां कुल 157 गोवंश पाए गए। सभी की ईयर टैगिंग की गई थी। पर्याप्त पशु आहार व चोकर मौजूद मिला। सीसीटीवी कैमरे से मॉनिटरिंग होती पाई गई।
डीएम ने दो पशु आश्रय स्थलों के निरीक्षण के बाद अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले के सभी आश्रय स्थलों पर पशुओं की निगरानी के लिए जल्द से जल्द सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रत्येक 15 दिन में कुशल डॉक्टरों की टीम के साथ प्रत्येक केंद्र पर विशेष कैंप लगाया जाए। इसमें एक-एक पशु की जांच व उपचार सुनिश्चित करना होगा। इन व्यवस्थाओं में यदि किसी प्रकार की लापरवाही पाई गई, तो वह क्षम्य नहीं होगी।
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पहले पुचकारा, फिर खिलाया हरा चारा
पशु आश्रय स्थलों का जायजा लेने पहुंचे डीएम पशुओं के प्रति अपनी संवेदनशीलता को रोक नहीं पाए। उन्होंने अकबरपुर पशु आश्रय स्थल पहुंचने पर कई गायों को पुचकारा। उनके लिए किए गए पानी के प्रबंध व चारे का अवलोकन किया। पानी की शुद्धता व सफाई देखने के लिए वे पानी के हौज तक गए। हौज के पानी को छूकर यह आकलन भी किया कि पानी ज्यादा ठंडा तो नहीं है या फिर कई दिन से बदला गया है या नहीं। डीएम ने इसके बाद पशुओं को अपने हाथ से हरा चारा भी खिलाया। अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जब भी पशु आश्रय स्थल जाएं तो पशुओं के साथ इसी तरह का रवैया अपनाएं। इससे अधीनस्थों को भी पशुओं से संवेदना के साथ पेश होने की प्रेरणा मिलेगी और इससे सभी पशुओं की बेहतर देखभाल हो सकेगी।
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इसकी शुरुआत उन्होंने अकबरपुर नगर के गो आश्रय स्थल मिर्जापुर से की। यहां प्रभारी समेत कर्मचारी उपस्थित थे। 79 पशुओं की तुलना में 116 क्विंटल भूसा, 5 क्विंटल पशु आहार व ढाई क्विंटल चूनी मौजूद मिली। पर्याप्त शेड, तिरपाल व पानी की बेहतर व्यवस्था देख डीएम ने प्रसन्नता प्रकट की। यहां से वे बसखारी विकास खंड के उमरापुर मीनापुर का जायजा लेने पहुंचे। आश्रय स्थल तक जाने के लिए डीएम को पगडंडी का सहारा लेना पड़ा। यहां कुल 157 गोवंश पाए गए। सभी की ईयर टैगिंग की गई थी। पर्याप्त पशु आहार व चोकर मौजूद मिला। सीसीटीवी कैमरे से मॉनिटरिंग होती पाई गई।
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डीएम ने दो पशु आश्रय स्थलों के निरीक्षण के बाद अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले के सभी आश्रय स्थलों पर पशुओं की निगरानी के लिए जल्द से जल्द सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रत्येक 15 दिन में कुशल डॉक्टरों की टीम के साथ प्रत्येक केंद्र पर विशेष कैंप लगाया जाए। इसमें एक-एक पशु की जांच व उपचार सुनिश्चित करना होगा। इन व्यवस्थाओं में यदि किसी प्रकार की लापरवाही पाई गई, तो वह क्षम्य नहीं होगी।
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पहले पुचकारा, फिर खिलाया हरा चारा
पशु आश्रय स्थलों का जायजा लेने पहुंचे डीएम पशुओं के प्रति अपनी संवेदनशीलता को रोक नहीं पाए। उन्होंने अकबरपुर पशु आश्रय स्थल पहुंचने पर कई गायों को पुचकारा। उनके लिए किए गए पानी के प्रबंध व चारे का अवलोकन किया। पानी की शुद्धता व सफाई देखने के लिए वे पानी के हौज तक गए। हौज के पानी को छूकर यह आकलन भी किया कि पानी ज्यादा ठंडा तो नहीं है या फिर कई दिन से बदला गया है या नहीं। डीएम ने इसके बाद पशुओं को अपने हाथ से हरा चारा भी खिलाया। अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जब भी पशु आश्रय स्थल जाएं तो पशुओं के साथ इसी तरह का रवैया अपनाएं। इससे अधीनस्थों को भी पशुओं से संवेदना के साथ पेश होने की प्रेरणा मिलेगी और इससे सभी पशुओं की बेहतर देखभाल हो सकेगी।