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बच्चों को दें बेहतर तालीम
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अंबेडकरनगर। इस्लाम अमन और इंसानियत का पैगाम देने वाला मजहब है। इस्लाम में सबसे अधिक शिक्षा पर जोर दिया गया है। किसी भी समाज का विकास तभी हो सकेगा, जब शत प्रतिशत साक्षरता हो। यह बातें मौलाना गलजार जाफरी तारागढ़ अजमेरी ने कही। वे लोरपुर स्थित मेहदी इमामबारगाह में आयोजित मजलिस को संबोधित कर रहे थे।
मौलाना जाफरी ने कहा कि इस्लाम ने सदैव अमन व इंसानियत का पैगाम दिया है। कर्बला के मैदान में भी इमाम हुसैन ने इंसानियत व अमन का पैगाम देते हुए अपने 72 साथियों के साथ शहादत दी। 10 मोहर्रम को उन्होंने अपने साथियों के साथ कुर्बानी दे दी।
वरिष्ठ अधिवक्ता रहे आफताब रजा मरहूम की याद में आयोजित हुई मजलिस में मौलाना ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे इस्लाम के बताए आदर्शों पर चलते हुए समाज व देश के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। कर्बला के पैगाम को जन जन तक पहुंचाएं। अपने बच्चों को दीनी व दुनियावी तालीम दिलाएं। इससे पहले मजलिस की शुरुआत इरशाद लोरपुरी के कलाम से हुई, संचालन आरिफ अनवर ने किया। इस दौरान डा. सै. हैदर मेंहदी, महताब रजा, मौलाना इंतेजार मेहदी, अबूजर, मिन्हाल, साहिल, बेलाल, अहमद मेहदी आदि मौजूद रहे।
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मौलाना जाफरी ने कहा कि इस्लाम ने सदैव अमन व इंसानियत का पैगाम दिया है। कर्बला के मैदान में भी इमाम हुसैन ने इंसानियत व अमन का पैगाम देते हुए अपने 72 साथियों के साथ शहादत दी। 10 मोहर्रम को उन्होंने अपने साथियों के साथ कुर्बानी दे दी।
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वरिष्ठ अधिवक्ता रहे आफताब रजा मरहूम की याद में आयोजित हुई मजलिस में मौलाना ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे इस्लाम के बताए आदर्शों पर चलते हुए समाज व देश के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। कर्बला के पैगाम को जन जन तक पहुंचाएं। अपने बच्चों को दीनी व दुनियावी तालीम दिलाएं। इससे पहले मजलिस की शुरुआत इरशाद लोरपुरी के कलाम से हुई, संचालन आरिफ अनवर ने किया। इस दौरान डा. सै. हैदर मेंहदी, महताब रजा, मौलाना इंतेजार मेहदी, अबूजर, मिन्हाल, साहिल, बेलाल, अहमद मेहदी आदि मौजूद रहे।
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