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यूपी बोर्ड परीक्षा में नंबर बढ़वाने वाले रैकेट का खुलासा
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अंबेडकरनगर। संयुक्त शिक्षा निदेशक माध्यमिक, अयोध्या के कार्यालय में तैनात वित्त लेखाकार ही यूपी बोर्ड परीक्षा में नंबर बढ़वाने के रैकेट में शामिल पाया गया। जिले की पुलिस ने बुधवार को यूपी बोर्ड परीक्षा में परीक्षार्थियों के अंक बढ़वाने वाले अन्तर जनपदीय गिरोह का खुलासा करते हुए तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार अभियुक्तों में इस लिपिक के अलावा टांडा के एक इंटर कॉलेज का सेवानिवृत्त लिपिक भी शामिल है। पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से 65 हजार रुपए नकद के अलावा कला, अंग्रेजी व विज्ञान विषय के कई परीक्षार्थियों के अनुक्रमांक की सूची बरामद की है। तीनों अभियुक्तों का बुधवार को चालान कर दिया गया, जबकि मुजफ्फरनगर निवासी एक अभियुक्त की तलाश की जा रही है।
पुलिस ने बुधवार को बड़ा खुलासा किया। एक दिन पहले मंगलवार को जहां व्यापारी नेता के घर हुए तांडव मामले में पुलिस ने लखनऊ निवासिनी एसटीएफ की फर्जी महिला एसपी को गिरफ्तार करने का खुलासा किया था। वहीं बुधवार को उसने यूपी बोर्ड परीक्षा में नंबर बढ़वाने के अन्तर जनपदीय रैकेट का पर्दाफाश किया। इसमें कई चौकाने वाले खुलासे हुए। पुलिस ने जो जानकारी उपलब्ध करायी उसमें सबसे हैरतअंगेज यह था कि संयुक्त शिक्षा निदेशक अयोध्या मंडल के कार्यालय में तैनात वित्त लेखाकार प्रमोद श्रीवास्तव ही इस पूरे रैकेट में शामिल था।
प्रमोद जिले के महरुआ थानान्तर्गत तरसावां गांव का मूल निवासी है। पुलिस ने सर्विलांस आदि के आधार पर उसकी संलिप्तता का पता लगाया। इसके बाद उसे धर दबोचा। इससे पहले पुलिस ने नंबर बढ़वाने के रैकेट में शामिल मुख्य एजेंट सहारनपुर जनपद के देवबंद थाना अन्तर्गत ख्वाजावम्स मोहल्ला निवासी मोहम्मद वामिक को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने इसी सिलसिले में टांडा के नैपुरा निवासी कौमी इंटर कॉलेज के सेवानिवृत्त लिपिक मोहम्मद मोबीन को भी हिरासत में ले लिया।
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बुधवार को पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि सीओ टांडा अमर बहादुर के नेतृत्व में चलाए गए विशेष अभियान में यह बड़ी सफलता हाथ लगी है। नंबर बढ़वाने के अन्तर जनपदीय गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार हुए हैं। इनमें एक सरकारी कर्मचारी है, जबकि एक इंटर कॉलेज का सेवानिवृत्त लिपिक है। मुजफ्फरनगर जनपद के खुड्डा छपार का रहने वाला एक अभियुक्त कमर इंतखाब फरार चल रहा है, उसकी सरगर्मी से तलाश करायी जा रही है।
सीओ टांडा अमर बहादुर ने बताया कि मोहम्मद वामिक के कब्जे से अंग्रेजी विषय में नंबर बढ़ाने की दो सूची बरामद हुई है। इसमें परीक्षार्थियों के अनुक्रमांक दर्ज हैं। पीएनबी का तीन एटीएम कार्ड तथा स्टेट बैंक व एचडीएफसी का 1-1 एटीएम कार्ड समेत 700 रुपए नकद भी मिला है। मोबीन के कब्जे से 40 हजार रुपए नकद पाए गए। उसके पास विज्ञान विषय से जुड़े परीक्षार्थियों के अनुक्रमांक की सूची बरामद हुई। प्रमोद श्रीवास्तव के पास से कला विषय के परीक्षार्थियों की अनुक्रमांक सूची तथा 25 हजार रुपए नकद बरामद हुए। सीओ ने बताया कि यह रैकेट प्रदेश के तमाम जिलों में सक्रिय था। संबंधित जिलों में जाकर एक दो व्यक्तियों से संपर्क उन्हें पैसे दे दिए जाते थे। इसके बाद उनकी जिम्मेदारी होती थी कि वे संबंधित परीक्षार्थियों के अंक बढ़वा सकें।
गोरखपुर कोर्ट में पेश किए गए तीनों
गिरफ्तार तीनों अभियुक्तों को गोरखपुर स्थित भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट में पेश किया गया। ऐसा इसलिए क्योंकि गिरफ्तार अभियुक्तों में से एक सरकारी कर्मचारी है। इसी आधार पर केस दर्ज करने के साथ ही तीनों अभियुक्तों को गोरखपुर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
टीम में शामिल रहे ये पुलिसकर्मी
सीओ अमर बहादुर ने बताया कि गिरफ्तारी टीम में अलीगंज के प्रभारी निरीक्षक रामचंद्र सरोज, स्वॉट टीम प्रभारी देवेंद्र पाल सिंह, दरोगा हीरालाल यादव, मनोज कुमार, हेड कांस्टेबल सचींद्र मिश्र, सिपाही कृष्णकांत, विपिन सिंह, उदयनरायण, जावेद खां, अनिमेष सिंह, अमरेश यादव व जितेंद्र गौड़ शामिल रहे।
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पुलिस ने बुधवार को बड़ा खुलासा किया। एक दिन पहले मंगलवार को जहां व्यापारी नेता के घर हुए तांडव मामले में पुलिस ने लखनऊ निवासिनी एसटीएफ की फर्जी महिला एसपी को गिरफ्तार करने का खुलासा किया था। वहीं बुधवार को उसने यूपी बोर्ड परीक्षा में नंबर बढ़वाने के अन्तर जनपदीय रैकेट का पर्दाफाश किया। इसमें कई चौकाने वाले खुलासे हुए। पुलिस ने जो जानकारी उपलब्ध करायी उसमें सबसे हैरतअंगेज यह था कि संयुक्त शिक्षा निदेशक अयोध्या मंडल के कार्यालय में तैनात वित्त लेखाकार प्रमोद श्रीवास्तव ही इस पूरे रैकेट में शामिल था।
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प्रमोद जिले के महरुआ थानान्तर्गत तरसावां गांव का मूल निवासी है। पुलिस ने सर्विलांस आदि के आधार पर उसकी संलिप्तता का पता लगाया। इसके बाद उसे धर दबोचा। इससे पहले पुलिस ने नंबर बढ़वाने के रैकेट में शामिल मुख्य एजेंट सहारनपुर जनपद के देवबंद थाना अन्तर्गत ख्वाजावम्स मोहल्ला निवासी मोहम्मद वामिक को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने इसी सिलसिले में टांडा के नैपुरा निवासी कौमी इंटर कॉलेज के सेवानिवृत्त लिपिक मोहम्मद मोबीन को भी हिरासत में ले लिया।
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बुधवार को पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि सीओ टांडा अमर बहादुर के नेतृत्व में चलाए गए विशेष अभियान में यह बड़ी सफलता हाथ लगी है। नंबर बढ़वाने के अन्तर जनपदीय गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार हुए हैं। इनमें एक सरकारी कर्मचारी है, जबकि एक इंटर कॉलेज का सेवानिवृत्त लिपिक है। मुजफ्फरनगर जनपद के खुड्डा छपार का रहने वाला एक अभियुक्त कमर इंतखाब फरार चल रहा है, उसकी सरगर्मी से तलाश करायी जा रही है।
सीओ टांडा अमर बहादुर ने बताया कि मोहम्मद वामिक के कब्जे से अंग्रेजी विषय में नंबर बढ़ाने की दो सूची बरामद हुई है। इसमें परीक्षार्थियों के अनुक्रमांक दर्ज हैं। पीएनबी का तीन एटीएम कार्ड तथा स्टेट बैंक व एचडीएफसी का 1-1 एटीएम कार्ड समेत 700 रुपए नकद भी मिला है। मोबीन के कब्जे से 40 हजार रुपए नकद पाए गए। उसके पास विज्ञान विषय से जुड़े परीक्षार्थियों के अनुक्रमांक की सूची बरामद हुई। प्रमोद श्रीवास्तव के पास से कला विषय के परीक्षार्थियों की अनुक्रमांक सूची तथा 25 हजार रुपए नकद बरामद हुए। सीओ ने बताया कि यह रैकेट प्रदेश के तमाम जिलों में सक्रिय था। संबंधित जिलों में जाकर एक दो व्यक्तियों से संपर्क उन्हें पैसे दे दिए जाते थे। इसके बाद उनकी जिम्मेदारी होती थी कि वे संबंधित परीक्षार्थियों के अंक बढ़वा सकें।
गोरखपुर कोर्ट में पेश किए गए तीनों
गिरफ्तार तीनों अभियुक्तों को गोरखपुर स्थित भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट में पेश किया गया। ऐसा इसलिए क्योंकि गिरफ्तार अभियुक्तों में से एक सरकारी कर्मचारी है। इसी आधार पर केस दर्ज करने के साथ ही तीनों अभियुक्तों को गोरखपुर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
टीम में शामिल रहे ये पुलिसकर्मी
सीओ अमर बहादुर ने बताया कि गिरफ्तारी टीम में अलीगंज के प्रभारी निरीक्षक रामचंद्र सरोज, स्वॉट टीम प्रभारी देवेंद्र पाल सिंह, दरोगा हीरालाल यादव, मनोज कुमार, हेड कांस्टेबल सचींद्र मिश्र, सिपाही कृष्णकांत, विपिन सिंह, उदयनरायण, जावेद खां, अनिमेष सिंह, अमरेश यादव व जितेंद्र गौड़ शामिल रहे।