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Ambedkar Nagar News: नवीन परती की जमीन पर शव दफनाने पर फिर बवाल
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बसखारी (अंबेडकरनगर)। हंसवर क्षेत्र के लखनपुर ग्राम पंचायत के बकड़ापुर में नवीन परती की भूमि पर शव दफनाने को लेकर चला आ रहा विवाद रविवार को फिर गरमा गया। गांव की रुखसार की मौत के बाद शव दफनाने को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। सूचना पर पहुंची पुलिस और राजस्व टीम की मौजूदगी में शव को उसी स्थान पर दफन करा दिया गया।
राजस्व अभिलेखों में बकड़ापुर की एक गाटा संख्या नवीन परती के रूप में दर्ज है। इसी भूमि पर पानी की टंकी और बरात घर भी बना है। आरोप है कि भूमि के कुछ हिस्से में एक पक्ष लंबे समय से शव दफन कर उसे कब्रिस्तान के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। वहीं, दूसरे पक्ष का कहना है कि राजस्व अभिलेखों में कब्रिस्तान के लिए अलग भूमि दर्ज है और शव उसी जगह दफन किए जाने चाहिए।
पूर्व में विवाद होने पर तत्कालीन एसडीएम टांडा के निर्देश पर राजस्व टीम ने पैमाइश कर कब्रिस्तान की भूमि चिह्नित की थी। शव दफनाने वाली भूमि को नवीन परती बताते हुए सार्वजनिक भूमि संबंधी बोर्ड भी लगाया गया था। शिकायत के बाद बोर्ड हटाए जाने से विवाद बढ़ गया। मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा।
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हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने पानी की टंकी और बरातघर के समीप शव दफन किए जाने पर नाराजगी जताते हुए तत्कालीन जिलाधिकारी से चार सप्ताह में रिपोर्ट मांगी थी। इसके बावजूद स्थायी समाधान नहीं हो सका।
रविवार को तनाव की सूचना पर थानाध्यक्ष अभिनेष कुमार और राजस्व निरीक्षक राम नारायन गौड़ पुलिस व राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव दफन कराया। राजस्व निरीक्षक ने बताया कि संबंधित भूमि अभिलेखों में नवीन परती दर्ज है और मामला प्रशासन के संज्ञान में है।
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राजस्व अभिलेखों में बकड़ापुर की एक गाटा संख्या नवीन परती के रूप में दर्ज है। इसी भूमि पर पानी की टंकी और बरात घर भी बना है। आरोप है कि भूमि के कुछ हिस्से में एक पक्ष लंबे समय से शव दफन कर उसे कब्रिस्तान के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। वहीं, दूसरे पक्ष का कहना है कि राजस्व अभिलेखों में कब्रिस्तान के लिए अलग भूमि दर्ज है और शव उसी जगह दफन किए जाने चाहिए।
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पूर्व में विवाद होने पर तत्कालीन एसडीएम टांडा के निर्देश पर राजस्व टीम ने पैमाइश कर कब्रिस्तान की भूमि चिह्नित की थी। शव दफनाने वाली भूमि को नवीन परती बताते हुए सार्वजनिक भूमि संबंधी बोर्ड भी लगाया गया था। शिकायत के बाद बोर्ड हटाए जाने से विवाद बढ़ गया। मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा।
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हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने पानी की टंकी और बरातघर के समीप शव दफन किए जाने पर नाराजगी जताते हुए तत्कालीन जिलाधिकारी से चार सप्ताह में रिपोर्ट मांगी थी। इसके बावजूद स्थायी समाधान नहीं हो सका।
रविवार को तनाव की सूचना पर थानाध्यक्ष अभिनेष कुमार और राजस्व निरीक्षक राम नारायन गौड़ पुलिस व राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव दफन कराया। राजस्व निरीक्षक ने बताया कि संबंधित भूमि अभिलेखों में नवीन परती दर्ज है और मामला प्रशासन के संज्ञान में है।