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24 गांवों में घुस गया बाढ़ का पानी
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अंबेडकरनगर के आलापुर तहसील क्षेत्र के माझा क्षेत्र में गांव तक पहुंचा बाढ़ का पानी।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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राजेसुल्तानपुर। सरयू नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर ने दो दर्जन से अधिक गांवों को अपनी चपेट में ले लिया है। क्षेत्र के करीब 24 गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। बाढ़ के चलते लगभग 200 बीघा फसल पूरी तरह से जलमग्र हो गई, वहीं 25 से अधिक ग्रामीणों के घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। उन्हें सुरक्षित स्थान पर जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। चार गांवों में इतना पानी भर गया है कि संबंधित गांव के ग्रामीणों को आवागमन के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। गांव के अंदर तक बाढ़ का पानी घुस जाने से पशुपालकों नेे मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। इस बीच रविवार को एसडीएम आलापुर ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। साथ ही भरोसा दिलाया कि जिनकी फसल का नुकसान हुआ है, उसका आकलन कराकर किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। इस बीच बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य शिविर लगाया गया है। इसका बाढ़ प्रभावितों को बढ़-चढ़कर लाभ भी मिल रहा है।
पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश के चलते सरयू नदी के जलस्तर में बीते कुछ दिनों से वृद्धि हो रही है। नदी का जलस्तर बढ़ने का यह सिलसिला रविवार को भी जारी रहा। इसका प्रतिकूल प्रभाव माझा क्षेत्र के ग्रामीणों पर पड़ रहा है। लगातार बढ़ते जलस्तर से माझा कम्हरिया, अराजी देवारा, सिद्धनाथ, हंसू का पूरा, प्रसादकुर्मी का पूरा, करियालोनी का पूरा, निषाद व दलित बस्ती समेत दो दर्जन से अधिक गांवों के अंदर तक बाढ़ का पानी पहुंच गया। माझा कम्हरिया, अराजी देवारा व सिद्धनाथ गांव की तरफ जाने वाले मार्ग मौजूदा समय में पूरी तरह से जलमग्र हो चुके हैं।
कमर तक पानी भर जाने से संबंधित गांव के ग्रामीणों को आवागमन के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि चार नाव का संचालन मौजूदा समय में हो रहा है। गांव की गलियों तक बाढ़ का पानी पहुंच जाने से संबंधित क्षेत्र के ग्रामीणों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच बाढ़ के पानी से लगभग 200 बीघा फसल भी जलमग्र हो गई है। खेतों में बाढ़ का पानी भर जाने से मवेशियों के समक्ष चारे का भी संकट खड़ा हो गया है।
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25 से अधिक घरों में भरा पानी
नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर का आलम यह है कि बाढ़ प्रभावित गांवों के लगभग 25 घरों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। अराजी देवारा के हंसू का पूरा निवासी जोखन, महेंद्र, सुरेंद्र, रामधनी बहादुर, मंशा, पुरुषोत्तम, अच्छेलाल, धर्मराज, दीपक, सूर्यभान, रामू, मुकेश, लालजी व महावीर के घरों में बाढ़ का पानी पहुंच गया। कुर्मी का पूरा निवासी अनिल, रोहित, राजाराम, गुरुचरन, रामदास, रामदरश, शंभू, ललन, लालता, कोमल, राजेंद्र, धर्मेंद्र, श्यामबहादुर, रामबहादुर के घरों में भी बाढ़ का पानी घुस गया है। इसके अलावा भी कई अन्य ग्रामीणों के घरों में बाढ़ का पानी घुस गया। संबंधित ग्रामीण घर छोड़कर सुरक्षित स्थान पर चले गए हैं।
ग्रामीण सुरक्षित स्थान पर ले जा रहे मवेशी
सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने के बीच माझा क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ का पानी पहुंचने से पशुपालकों को मवेशियों की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। रविवार को पटपरवा, हंसू का पूरा, बद्री का पूरा समेत कई मजरों के पशुपालक अपने मवेशियों को करिया लोना मजरे के निकट स्थित बंधे पर ले जाकर बांध रहे हैं। पशुपालक बसंतलाल, राजवीर व गंगाराम ने कहा कि जहां मवेशियों को बांधते थे, वहां बाढ़ का पानी भर गया है। इसके चलते मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने को मजबूर होना पड़ा है।
एसडीएम ने लिया जायजा
एसडीएम आलापुर धीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने रविवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात की और उन्हें आश्वस्त किया कि उन्हें किसी भी प्रकार की मुश्किल नहीं होने दी जाएगी। बाढ़ से नष्ट हुई फसल का आकलन कराया जा रहा है। किसानों को उचित मुआवजा दिलाया जाएगा।
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पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश के चलते सरयू नदी के जलस्तर में बीते कुछ दिनों से वृद्धि हो रही है। नदी का जलस्तर बढ़ने का यह सिलसिला रविवार को भी जारी रहा। इसका प्रतिकूल प्रभाव माझा क्षेत्र के ग्रामीणों पर पड़ रहा है। लगातार बढ़ते जलस्तर से माझा कम्हरिया, अराजी देवारा, सिद्धनाथ, हंसू का पूरा, प्रसादकुर्मी का पूरा, करियालोनी का पूरा, निषाद व दलित बस्ती समेत दो दर्जन से अधिक गांवों के अंदर तक बाढ़ का पानी पहुंच गया। माझा कम्हरिया, अराजी देवारा व सिद्धनाथ गांव की तरफ जाने वाले मार्ग मौजूदा समय में पूरी तरह से जलमग्र हो चुके हैं।
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कमर तक पानी भर जाने से संबंधित गांव के ग्रामीणों को आवागमन के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि चार नाव का संचालन मौजूदा समय में हो रहा है। गांव की गलियों तक बाढ़ का पानी पहुंच जाने से संबंधित क्षेत्र के ग्रामीणों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच बाढ़ के पानी से लगभग 200 बीघा फसल भी जलमग्र हो गई है। खेतों में बाढ़ का पानी भर जाने से मवेशियों के समक्ष चारे का भी संकट खड़ा हो गया है।
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25 से अधिक घरों में भरा पानी
नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर का आलम यह है कि बाढ़ प्रभावित गांवों के लगभग 25 घरों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। अराजी देवारा के हंसू का पूरा निवासी जोखन, महेंद्र, सुरेंद्र, रामधनी बहादुर, मंशा, पुरुषोत्तम, अच्छेलाल, धर्मराज, दीपक, सूर्यभान, रामू, मुकेश, लालजी व महावीर के घरों में बाढ़ का पानी पहुंच गया। कुर्मी का पूरा निवासी अनिल, रोहित, राजाराम, गुरुचरन, रामदास, रामदरश, शंभू, ललन, लालता, कोमल, राजेंद्र, धर्मेंद्र, श्यामबहादुर, रामबहादुर के घरों में भी बाढ़ का पानी घुस गया है। इसके अलावा भी कई अन्य ग्रामीणों के घरों में बाढ़ का पानी घुस गया। संबंधित ग्रामीण घर छोड़कर सुरक्षित स्थान पर चले गए हैं।
ग्रामीण सुरक्षित स्थान पर ले जा रहे मवेशी
सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने के बीच माझा क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ का पानी पहुंचने से पशुपालकों को मवेशियों की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। रविवार को पटपरवा, हंसू का पूरा, बद्री का पूरा समेत कई मजरों के पशुपालक अपने मवेशियों को करिया लोना मजरे के निकट स्थित बंधे पर ले जाकर बांध रहे हैं। पशुपालक बसंतलाल, राजवीर व गंगाराम ने कहा कि जहां मवेशियों को बांधते थे, वहां बाढ़ का पानी भर गया है। इसके चलते मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने को मजबूर होना पड़ा है।
एसडीएम ने लिया जायजा
एसडीएम आलापुर धीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने रविवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात की और उन्हें आश्वस्त किया कि उन्हें किसी भी प्रकार की मुश्किल नहीं होने दी जाएगी। बाढ़ से नष्ट हुई फसल का आकलन कराया जा रहा है। किसानों को उचित मुआवजा दिलाया जाएगा।