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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   FLOOD

माझा क्षेत्र के आधा दर्जन गांव पानी से घिरे

Mon, 13 Jul 2020 10:48 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 13 Jul 2020 10:48 PM IST
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FLOOD
राजेसुलतानपुर। तेजी से बढ़ रहे नदी के जलस्तर के कारण आलापुर तहसील क्षेत्र के माझा कम्हरिया व आराजी देवारा ग्राम पंचायत के लगभग आधा दर्जन मजरे पानी से घिर चुके हैं। इससे ग्रामीणों को नाव के सहारे आवागमन करना पड़ रहा है। कुछ मजरों में अभी तक तहसील प्रशासन द्वारा नाव नहीं चलाया जा सका है। इससे ग्रामीणों को आवागमन करना काफी मुश्किल साबित हो रहा है। वहीं पिछली बार नाव चलाने वाले श्रमिकों को तहसील प्रशासन द्वारा उनका बकाया भुगतान भी नहीं किया जा सका है। इसके चलते कोई भी व्यक्ति बाढ़ ग्रस्त इलाकों में नाव चलाने के लिए अभी तक तैयार नहीं हो रहा है।
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आलापुर तहसील क्षेत्र के बाढ़ ग्रस्त इलाके माझा कम्हरिया व आराजी देवारा के लगभग आधा दर्जन मजरे हैं। सरयू नदी का जल स्तर बढ़ने के साथ ही आराजी देवारा के प्रसाद कुर्मी का पूरा, हंसू का पूरा, करिया लोहिया का पूरा, सिद्धनाथ का पूरा, माझा कम्हरिया के पटपरवा व बद्री का पूरा भी पानी से चारों तरफ घिर चुका है। आराजी देवारा के हंसू का पूरा व प्रसाद कुर्मी का पूरा में ग्रामीणों द्वारा स्वयं व्यवस्था करके नाव चलाई जा रही है, वहीं सिद्धनाथ व अन्य मजरो में प्रशासन द्वारा कोई भी नाव की व्यवस्था नहीं की गई है। नदी के बाढ़ के पानी के कारण किसानों की रोपी गई धान की लगभग 600 बीघा फसल डूब गयी है। वहीं 200 बीघा से अधिक गन्ने की फसल भी जलभराव के चलते नष्ट हो रही है। कम्हरिया घाट के किनारे बने शिवालय व धर्मशाला की सीढ़ियों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है।
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जल स्तर में वृद्धि के साथ ही ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ती जा रही है और ग्रामीणों का दर्द भी ऊभर का सामने आ रहा है। स्थानीय बहाऊ यादव ने बताया कि उन लोगों ने प्रशासन के आश्वासन पर बीते वर्ष बाढ़ प्रभावित गांवों में नाव चलाकर ग्रामीणों को आवागमन की सुविधा प्रदान की थी, परन्तु उसका भुगतान अब तक नही मिल सका। उनके अलावा अच्छेलाल, कंसा व गोविंद आदि ने 62 दिनों तक नाव चलाया था। आश्वासन मिला था कि 316 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से प्रत्येक व्यक्ति का भुगतान होगा, लेकिन अब तक भुगतान नही मिला।
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इसके चलते ही इस बार अब तक नाव चलाने के लिए कोई श्रमिक तैयार नहीं हो रहा है। ग्रामीण स्वयं व्यवस्था कर कुछ मजरों में नाव चला रहे हैं। आराजी देवारा के लल्लन वर्मा, दानबहादुर यादव व सुनील वर्मा आदि का कहना है कि जलस्तर बढ़ने से धान व गन्ने की फसल पर खतरा मंडराने लगा है। प्रशासन को किसानों की मदद भी सुनिश्चित करने की फिक्र नहीं है। इससे ग्रामीण खासे परेशान हैं।

प्रशासन लगातार नदी के जल स्तर पर निगाह बनाए हुए है। पानी से घिरे गांवों की भी देखरेख की जा रही है। ग्रामीणों को परेशान होने की जरूरत नही है। चार नाव की व्यवस्था कर दी गई है। अन्य सुविधाओं भी दी जाएंगी। बकाए भुगतान को लेकर सार्थक प्रयास किया जा रहा है।
-धीरेंद्र श्रीवास्तव, एसडीएम, आलापुर
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