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दिमागी बुखार से पीड़ित तीन बच्चे भर्ती, एक रेफर
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अंबेडकरनगर। जिले में बुखार पांव पसारने लगा है। 36 घंटे के भीतर जिला अस्पताल में भीटी तहसील क्षेत्र के तीन मासूम भर्ती हुए। परिवारीजनों का कहना था कि बच्चों को तेज बुखार है। शरीर का तापमान अधिक बढ़ने के चलते दौरा पड़ने जैसे लक्षण दिख रहे हैं। एक बच्चे की हालत ज्यादा खराब होने के चलते उसे ट्रामा सेंटर, रेफर कर दिया गया, जबकि दो बच्चों का उपचार चल रहा है। रेफर बच्चे के परिजनों को एंबुलेंस के लिए करीब एक घंटे तक इंतजार करने को विवश होना पड़ा।
डायरिया व अन्य संक्रामक बीमारियों के बीच जिले में अब बच्चों में बुखार का खतरा भी बढ़ने लगा है। सोमवार को जिला अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, 36 घंटे के भीतर तीन बच्चे ऐसे भर्ती हुए जो तेज बुखार से पीड़ित थे। भीटी तहसील क्षेत्र के भीटी बाजार निवासी लक्ष्मी तिवारी के मुताबिक, उनकी दो वर्षीय पुत्री कोमल को शनिवार शाम तेज बुखार हो गया। वह स्थानीय स्तर पर दिखाए तो चिकित्सकों ने जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी। वह शाम को ही पुत्री को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे और भर्ती कराया।
उपचार के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। चिकित्सकों ने कहा कि सीटी स्कैन की जरूरत है, लेकिन रविवार के चलते यह सुविधा नहीं मिल सकी। उनका आरोप है कि सोमवार को अस्पताल खुला तो सीटी स्कैन करने के बजाए उनकी पुत्री को रेफर कर दिया गया। इसके बाद उन्हें एक घंटे से अधिक देर तक एंबुलेंस के लिए इंतजार करना पड़ा। उन्होंने अस्पताल प्रशासन की मनमानी पर नाराजगी जतायी।
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इसके अलावा इसी तहसील क्षेत्र के खजुरी निवासी इशहाक अली के आठ माह के पुत्र मोहम्मद शाही सोमवार सुबह दिमागी बुखार से पीड़ित हो गया। परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार चल रहा है। इसी तहसील क्षेत्र के मदारभारी निवासी रमेश की पांच माह की पुत्री मानसी रविवार देर शाम बुखार की चपेट में आ गई। परिवारीजन उसे तत्काल जिला अस्पताल पहुंचे। उसका भी उपचार चल रहा है।
दिमागी बुखार फैलने जैसी कोई बात नहीं है। जो बच्चे भर्ती हो रहे हैं उनका बेहतर उपचार किया जा रहा है। मरीजों व उनके तीमारदारों को अस्पताल से मिलने वाली सभी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
- डॉ. एसपी गौतम, सीएमएस, जिला अस्पताल
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डायरिया व अन्य संक्रामक बीमारियों के बीच जिले में अब बच्चों में बुखार का खतरा भी बढ़ने लगा है। सोमवार को जिला अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, 36 घंटे के भीतर तीन बच्चे ऐसे भर्ती हुए जो तेज बुखार से पीड़ित थे। भीटी तहसील क्षेत्र के भीटी बाजार निवासी लक्ष्मी तिवारी के मुताबिक, उनकी दो वर्षीय पुत्री कोमल को शनिवार शाम तेज बुखार हो गया। वह स्थानीय स्तर पर दिखाए तो चिकित्सकों ने जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी। वह शाम को ही पुत्री को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे और भर्ती कराया।
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उपचार के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। चिकित्सकों ने कहा कि सीटी स्कैन की जरूरत है, लेकिन रविवार के चलते यह सुविधा नहीं मिल सकी। उनका आरोप है कि सोमवार को अस्पताल खुला तो सीटी स्कैन करने के बजाए उनकी पुत्री को रेफर कर दिया गया। इसके बाद उन्हें एक घंटे से अधिक देर तक एंबुलेंस के लिए इंतजार करना पड़ा। उन्होंने अस्पताल प्रशासन की मनमानी पर नाराजगी जतायी।
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इसके अलावा इसी तहसील क्षेत्र के खजुरी निवासी इशहाक अली के आठ माह के पुत्र मोहम्मद शाही सोमवार सुबह दिमागी बुखार से पीड़ित हो गया। परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार चल रहा है। इसी तहसील क्षेत्र के मदारभारी निवासी रमेश की पांच माह की पुत्री मानसी रविवार देर शाम बुखार की चपेट में आ गई। परिवारीजन उसे तत्काल जिला अस्पताल पहुंचे। उसका भी उपचार चल रहा है।
दिमागी बुखार फैलने जैसी कोई बात नहीं है। जो बच्चे भर्ती हो रहे हैं उनका बेहतर उपचार किया जा रहा है। मरीजों व उनके तीमारदारों को अस्पताल से मिलने वाली सभी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
- डॉ. एसपी गौतम, सीएमएस, जिला अस्पताल