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Ambedkar Nagar News: सचिवों की हड़ताल से बढ़ा खाद का संकट, किसान परेशान
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टांडा के बहुउद्देशीय प्राथमिकी ग्रामीण सहकारी समिति अजमेरी बादशाहपुर में लटकता ताला। संवाद
अंबेडकरनगर। रबी की बोआई के अहम समय में सहकारी समितियों के सचिवों की हड़ताल किसानों पर भारी पड़ने लगी है। जिले में लगातार तीसरे दिन भी सहकारी समितियों पर ताले लटके रहे। इससे डीएपी खाद के लिए किसानों की परेशानी बढ़ गई है। खेत तैयार होने के बावजूद खाद नहीं मिलने से सरसों की बोआई प्रभावित होने लगी है। किसान समितियों के चक्कर काटकर लौटने को मजबूर हैं।
सुलेमपुर परसावां निवासी किसान मंजीत वर्मा ने बताया कि वह तीन-चार दिनों से डीएपी खाद के लिए समिति का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हड़ताल के कारण खाद नहीं मिल पा रही है। खेत तैयार हैं और सरसों की बोआई करनी है। खाद के अभाव में काम अटका हुआ है। बोआई में देरी होने से फसल की चिंता सता रही है। समय पर खाद नहीं मिली तो खेती का पूरा कार्यक्रम प्रभावित हो सकता है।
जिले की अन्य सहकारी समितियों पर भी यही स्थिति है। दरजीपुर बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति, अजमेरी बादशाहपुर में भी ताला बंद होने से किसानों को खाद के लिए भटकना पड़ रहा है। किसान देवराज ने बताया कि समिति बंद होने से खाद मिलने में दिक्कत हो रही है। किसानों को उम्मीद थी कि रबी की बोआई के दौरान समितियों से आसानी से खाद मिल जाएगी, लेकिन हड़ताल ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
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उधर, एआर कोऑपरेटिव राघवेंद्र प्रताप शुक्ला ने बताया कि सचिवों से वार्ता की जा रही है। कई सचिव लखनऊ भी गए हैं।
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सुलेमपुर परसावां निवासी किसान मंजीत वर्मा ने बताया कि वह तीन-चार दिनों से डीएपी खाद के लिए समिति का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हड़ताल के कारण खाद नहीं मिल पा रही है। खेत तैयार हैं और सरसों की बोआई करनी है। खाद के अभाव में काम अटका हुआ है। बोआई में देरी होने से फसल की चिंता सता रही है। समय पर खाद नहीं मिली तो खेती का पूरा कार्यक्रम प्रभावित हो सकता है।
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जिले की अन्य सहकारी समितियों पर भी यही स्थिति है। दरजीपुर बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति, अजमेरी बादशाहपुर में भी ताला बंद होने से किसानों को खाद के लिए भटकना पड़ रहा है। किसान देवराज ने बताया कि समिति बंद होने से खाद मिलने में दिक्कत हो रही है। किसानों को उम्मीद थी कि रबी की बोआई के दौरान समितियों से आसानी से खाद मिल जाएगी, लेकिन हड़ताल ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
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उधर, एआर कोऑपरेटिव राघवेंद्र प्रताप शुक्ला ने बताया कि सचिवों से वार्ता की जा रही है। कई सचिव लखनऊ भी गए हैं।