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Ambedkar Nagar News: महिलाओं के लिए आदर्श है फातिमा जहरा की जिंदगी
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अंबेडकरनगर। इस्लाम में मां का दर्जा सबसे बुलंद है। अल्लाह ने मां के पैरों तले जन्नत दी है। हम सभी को अपने बुजुर्गों की इज्जत करनी चाहिए। यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उन्हें किसी भी प्रकार की समस्या न हो। यह बातें बुधवार देर शाम मौलाना अकबर अली वायज ने कहीं। वे अकबरपुर नगर के मीरानपुर स्थित शाही इमामबारगाह में आयोजित मजलिस को संबोधित कर रहे थे।
मौलाना अकबर ने कहा कि आखिरी रसूल हजरत मोहम्मद मुस्तफा अलैह की बेटी जनाब फतिमा जहरा ने बेटी, पत्नी व मां के किरदारों को बेहतर ढंग से निभाते हुए महिलाओं के सामने बेहतर आदर्श प्रस्तुत किया। युवतियों व महिलाओं को चाहिए कि उनके बताए आदर्शों पर चलकर समाज को एक नई दिशा प्रदान करें।
मौलाना ने कहा कि जब अरब में बेटी पैदा होते ही उसे जिंदा गाड़ दिया जाता था तो फातिमा जहरा ने इल्म की रोशनी फैलाई। समाज में फैली इस कुरीति को समाप्त करने का बीड़ा उठाया। इसमें उन्हें कामयाबी भी मिली। बाद में मौलाना ने फातिमा जहरा की शहादत पर प्रकाश डालकर माहौल को भावुक बना दिया।
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आयोजन समिति से जुड़े रेहान जैदी ने बताया कि मजलिस बाद अंजुमन अकवरिया रजिस्टर्ड, अंजुमन गुंचे अकबरिया व अंजुमन गुंचे अकबरिया दहन के सदस्यों ने नौहाख्वानी व सीनाजनी की। इस दौरान यासिर हुसैन, कल्बे आबिद, रजा अनवर, गालिब अब्बास, आरिफ अनवर आदि मौजूद रहे।
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मौलाना अकबर ने कहा कि आखिरी रसूल हजरत मोहम्मद मुस्तफा अलैह की बेटी जनाब फतिमा जहरा ने बेटी, पत्नी व मां के किरदारों को बेहतर ढंग से निभाते हुए महिलाओं के सामने बेहतर आदर्श प्रस्तुत किया। युवतियों व महिलाओं को चाहिए कि उनके बताए आदर्शों पर चलकर समाज को एक नई दिशा प्रदान करें।
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मौलाना ने कहा कि जब अरब में बेटी पैदा होते ही उसे जिंदा गाड़ दिया जाता था तो फातिमा जहरा ने इल्म की रोशनी फैलाई। समाज में फैली इस कुरीति को समाप्त करने का बीड़ा उठाया। इसमें उन्हें कामयाबी भी मिली। बाद में मौलाना ने फातिमा जहरा की शहादत पर प्रकाश डालकर माहौल को भावुक बना दिया।
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आयोजन समिति से जुड़े रेहान जैदी ने बताया कि मजलिस बाद अंजुमन अकवरिया रजिस्टर्ड, अंजुमन गुंचे अकबरिया व अंजुमन गुंचे अकबरिया दहन के सदस्यों ने नौहाख्वानी व सीनाजनी की। इस दौरान यासिर हुसैन, कल्बे आबिद, रजा अनवर, गालिब अब्बास, आरिफ अनवर आदि मौजूद रहे।