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अमड़ी टोल प्लाजा के चार लेन पर फर्राटा भरते हुए निकले वाहन
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अंबेडकरनगर के अमड़ी टोल प्लाजा पर फास्टैग की शुरूआत पर फास्टैग न होने के बजह से लगा वाहनों का जमा?
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। जिले के एकमात्र अमड़ी टोल प्लाजा पर फास्टैग सिस्टम लागू होते ही चार लेन पर वाहन फर्राटा भरते दिखाई दिए। हालांकि नकद भुगतान से जुड़े दो कैश लेन पर भीड़ लगने के चलते चालकों को मुसीबतों का सामना भी करना पड़ा। यहां दो लेन अभी बंद पड़ी है। टोल प्लाजा संचालकों के अनुसार जरूरत पड़ने पर इन दोनों को भी शुरू किया जाएगा।
जिले में एकमात्र टोल प्लाजा फिलहाल अंबेडकरनगर-आजमगढ़ फोरलेन मार्ग पर अमड़ी गांव के निकट स्थापित है। बीते दिनों ही एनएचएआई ने सभी टोल प्लाजा पर फास्टैग सिस्टम को अनिवार्य कर दिया। पहले इसे एक दिसंबर से लागू होना था लेकिन बाद में इसे एक पखवाड़े के लिए बढ़ा दिया गया। इसके बावजूद रविवार सुबह आठ बजे से जब अमड़ी टोल प्लाजा पर यह सिस्टम लागू हुआ तो भी कैश लेन पर वाहनों की लंबी लाइन देखने को मिली।
अमर उजाला टीम रविवार सुबह दस बजे के करीब टोल प्लाजा पर पहुंची तो वहां कुल चार लेन से वाहन निकलते दिखे। दरअसल ये चारों लेन फास्टैग सिस्टम से जुड़ी हुई थीं। इनमें से दो लेन जाने के लिए जबकि दो लेन आने के लिए थी। इन्हीं चारों लेन से गुजरने वाले वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं थी। सिर्फ ब्रेकर पर ही स्पीड कम हुई। ब्रेकर पार होते ही स्पीड बढ़ती गई।
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फास्टैग सिस्टम का लाभ उठाकर निकल रहे फैजाबाद निवासी दिवाकर त्रिपाठी ने बताया कि उन्हें आजमगढ़ जाना है। इस सिस्टम का लाभ आसानी से मिलना सुखद रहा। अकबरपुर निवासी अमन चालक के साथ वाहन पर आगे बैठे थे। ब्रेकर पार करते ही बोले कि सभी टोल प्लाजाओं पर अब फास्टैग सिस्टम लागू होने से न सिर्फ समय की बचत होगी वरन ईंधन की खपत भी कम होगी। उधर इससे इतर उन वाहन चालकों को मुसीबत का सामना करना पड़ा जिनके पास फास्टैग नहीं था। कैश भुगतान के मामले में एक लेन जाने तथा एक लेन आने के लिए निर्धारित थी।
चालकों का सुझाव, बढ़ाई जाए कैश लेन
लाइन में फंसे बसखारी निवासी राजेंद्र ने कहा कि कैश लेन की संख्या बढ़ाए जाने की जरूरत है। सभी टोल प्लाजाओं पर कम से कम दो-दो लेन कैश की जरूर रखी जाए। ऐसा इसलिए क्योंकि स्थानीय लोगों को भी आवागमन करना होता है। इसलिए फास्टैग आदि बनवाने के बजाए वे कैश भुगतान ही करना चाहेंगे।
आजमगढ़ निवासी ओंकार सिंह ने कहा कि फास्टैग न होने की वजह से जाम में फंसना पड़ा। जल्द ही फास्टैग की सुविधा ले लूंगा जिससे आगे इस तरह की मुश्किल न हो। अंबेडकरनगर के ही फखरूद्दीन ने बताया कि फास्टैग सुविधा मिलने को लेकर दिक्कत थी। इसलिए फास्टैग नहीं मिला। जाम में फंसने को विवश होना पड़ा है। कैश लेन की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए।
फास्टैग पंजीयन में आई अड़चन
अमड़ी टोल प्लाजा पर फास्टैग पंजीयन के लिए रविवार को यहां पहुंचे वाहन मालिकों व चालकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अमेठी निवासी सीताराम ने कहा कि वे फास्टैग पंजीयन के लिए लाइन में लगे थे, लेकिन भीड़ के चलते उनका कार्य नहीं हो सका।
लखनऊ निवासी संजय ने कहा कि फास्टैग की सुविधा उनके पास अभी नहीं है। यहां सोचा कि पंजीयन करा लें लेकिन मशीन ही ठीक से काम नहीं कर रही। बसखारी के सुहेल, आजमगढ़ के जितेंद्र तथा वाराणसी के सरोज कुमार भी फास्टैग पंजीयन के लिए यहां पहुंचे तो जरूर, लेकिन सिस्टम के साथ न देने की वजह से मायूस हो गए।
एनएचएआई के परियोजना अधिकारी नवीन मिश्र ने बताया कि टोल प्लाजा पर फास्टैग सिस्टम ने काम करना शुरू कर दिया है। कुल चार लेन पर यह सुविधा दी गई है। दो लेन कैश के लिए है। दो लेन अभी बंद है। जरूरत हुई तो इन दोनों लेन को भी चालू किया जाएगा।
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जिले में एकमात्र टोल प्लाजा फिलहाल अंबेडकरनगर-आजमगढ़ फोरलेन मार्ग पर अमड़ी गांव के निकट स्थापित है। बीते दिनों ही एनएचएआई ने सभी टोल प्लाजा पर फास्टैग सिस्टम को अनिवार्य कर दिया। पहले इसे एक दिसंबर से लागू होना था लेकिन बाद में इसे एक पखवाड़े के लिए बढ़ा दिया गया। इसके बावजूद रविवार सुबह आठ बजे से जब अमड़ी टोल प्लाजा पर यह सिस्टम लागू हुआ तो भी कैश लेन पर वाहनों की लंबी लाइन देखने को मिली।
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अमर उजाला टीम रविवार सुबह दस बजे के करीब टोल प्लाजा पर पहुंची तो वहां कुल चार लेन से वाहन निकलते दिखे। दरअसल ये चारों लेन फास्टैग सिस्टम से जुड़ी हुई थीं। इनमें से दो लेन जाने के लिए जबकि दो लेन आने के लिए थी। इन्हीं चारों लेन से गुजरने वाले वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं थी। सिर्फ ब्रेकर पर ही स्पीड कम हुई। ब्रेकर पार होते ही स्पीड बढ़ती गई।
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फास्टैग सिस्टम का लाभ उठाकर निकल रहे फैजाबाद निवासी दिवाकर त्रिपाठी ने बताया कि उन्हें आजमगढ़ जाना है। इस सिस्टम का लाभ आसानी से मिलना सुखद रहा। अकबरपुर निवासी अमन चालक के साथ वाहन पर आगे बैठे थे। ब्रेकर पार करते ही बोले कि सभी टोल प्लाजाओं पर अब फास्टैग सिस्टम लागू होने से न सिर्फ समय की बचत होगी वरन ईंधन की खपत भी कम होगी। उधर इससे इतर उन वाहन चालकों को मुसीबत का सामना करना पड़ा जिनके पास फास्टैग नहीं था। कैश भुगतान के मामले में एक लेन जाने तथा एक लेन आने के लिए निर्धारित थी।
चालकों का सुझाव, बढ़ाई जाए कैश लेन
लाइन में फंसे बसखारी निवासी राजेंद्र ने कहा कि कैश लेन की संख्या बढ़ाए जाने की जरूरत है। सभी टोल प्लाजाओं पर कम से कम दो-दो लेन कैश की जरूर रखी जाए। ऐसा इसलिए क्योंकि स्थानीय लोगों को भी आवागमन करना होता है। इसलिए फास्टैग आदि बनवाने के बजाए वे कैश भुगतान ही करना चाहेंगे।
आजमगढ़ निवासी ओंकार सिंह ने कहा कि फास्टैग न होने की वजह से जाम में फंसना पड़ा। जल्द ही फास्टैग की सुविधा ले लूंगा जिससे आगे इस तरह की मुश्किल न हो। अंबेडकरनगर के ही फखरूद्दीन ने बताया कि फास्टैग सुविधा मिलने को लेकर दिक्कत थी। इसलिए फास्टैग नहीं मिला। जाम में फंसने को विवश होना पड़ा है। कैश लेन की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए।
फास्टैग पंजीयन में आई अड़चन
अमड़ी टोल प्लाजा पर फास्टैग पंजीयन के लिए रविवार को यहां पहुंचे वाहन मालिकों व चालकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अमेठी निवासी सीताराम ने कहा कि वे फास्टैग पंजीयन के लिए लाइन में लगे थे, लेकिन भीड़ के चलते उनका कार्य नहीं हो सका।
लखनऊ निवासी संजय ने कहा कि फास्टैग की सुविधा उनके पास अभी नहीं है। यहां सोचा कि पंजीयन करा लें लेकिन मशीन ही ठीक से काम नहीं कर रही। बसखारी के सुहेल, आजमगढ़ के जितेंद्र तथा वाराणसी के सरोज कुमार भी फास्टैग पंजीयन के लिए यहां पहुंचे तो जरूर, लेकिन सिस्टम के साथ न देने की वजह से मायूस हो गए।
एनएचएआई के परियोजना अधिकारी नवीन मिश्र ने बताया कि टोल प्लाजा पर फास्टैग सिस्टम ने काम करना शुरू कर दिया है। कुल चार लेन पर यह सुविधा दी गई है। दो लेन कैश के लिए है। दो लेन अभी बंद है। जरूरत हुई तो इन दोनों लेन को भी चालू किया जाएगा।