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शराब की फर्जी बरामदगी ने छीनी जलालपुर कोतवाल की कुर्सी
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अंबेडकरनगर। अन्याय के विरुद्ध अमर उजाला की खबर फिर रंग लाई है। युवक को राह चलते पकड़ कर 10 लीटर शराब की फर्जी बरामदगी दिखा देने के मामले ने जलालपुर कोतवाली प्रभारी की कुर्सी छीन ली है। लंबे समय से अंडर ट्रांसफर चल रहे कोतवाल मनीष सिंह को अब एसपी आलोक प्रियदर्शी ने सीतापुर जनपद के लिए रिलीव कर दिया है। उधर, सपा विधायक सुभाष राय ने कहा कि सभी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित कराने के लिए वे सोमवार को लखनऊ में अपर मुख्य सचिव गृह और डीजीपी से मिलकर पूरे प्रकरण से लिखित तौर पर अवगत कराएंगे।
अन्याय के विरुद्ध सिर्फ अमर उजाला की ओर से की गई सार्थक पहल के बाद हुई कार्रवाई ने फिर से आम लोगों को सुकून का एहसास कराया है। सिर्फ अमर उजाला ने रविवार के अंक में जलालपुर कोतवाली पुलिस की वह करतूत प्रकाशित की थी, जिसमें एक पीड़ित का आरोप था कि राह चलते उसे पकड़ कर 10 लीटर शराब की फर्जी बरामदगी दिखा दी गई। पीड़ित के परिवारीजन और अन्य ग्रामीण सपा विधायक सुभाष राय के पास पहुंचे, तब पुलिस की कारगुजारी सामने आ सकी।
इस मामले में शनिवार को अमर उजाला ने जानकारी जुटानी शुरू की तो पुलिसकर्मियों की तरफ से पैरवी शुरू हो गई। पुलिसकर्मियों ने स्वीकार भी किया कि गलती तो हो गई है, लेकिन इस बार जाने दिया जाए। बहरहाल इन सबके बीच सिर्फ अमर उजाला ने पुलिस की हैरान कर देने वाली करतूत को अत्यंत प्रमुखता से प्रकाशित किया तो हड़कंप मच गया। सपा विधायक सुभाष राय ने थाना घेराव की चेतावनी तक दी थी।
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इस बीच हुआ यह कि शराब की फर्जी बरामदगी दिखाने की करतूत ने जलालपुर कोतवाली प्रभारी मनीष सिंह की कुर्सी छीन ली। यहां यह उल्लेखनीय है कि मनीष सिंह लंबे समय से अंडर ट्रांसफर चल रहे थे। इसके बावजूद वे निश्चिंत होकर कुर्सी पर डटे थे। शनिवार को जब अमर उजाला टीम खबर की जानकारी जुटा रही थी तो उनके द्वारा यही कोशिश की गई कि सब कुछ सामान्य रहे।
देर शाम तक पुलिसकर्मी प्रयास में जुटे रहे, लेकिन बात नहीं बनी तो मामले के तूल पकड़ने पर गाज गिरने की संभावना देख मनीष सिंह ने रिलीव हो जाने की तरफ ध्यान फोकस कर दिया। इस बीच शनिवार शाम एसपी आलोक प्रियदर्शी ने भी जलालपुर थाने फोन कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इसके बाद एसपी ने कोतवाल जलालपुर को गैर जनपद के लिए रिलीव करने का आदेश जारी कर दिया। एसपी ने इसकी पुष्टि भी की। कहा कि सामान्य प्रक्रिया में रिलीव किया गया है। हालांकि इसके साथ ही यह बड़ा प्रश्न है कि फिर अन्य अंडर ट्रांसफर थाना प्रभारी, दरोगा और इंस्पेक्टर को क्यों नहीं रिलीव किया गया।
आज शासन में शिकायत करेंगे विधायक सुभाष
सपा विधायक सुभाष राय ने कहा है कि वह सोमवार को लखनऊ जाकर शासन में पूरे प्रकरण की शिकायत करेंगे। विधायक ने कहा कि कोतवाल को रिलीव करने से जलालपुर कोतवाली क्षेत्र में मची लूट तो रुक जाएगी, लेकिन कोतवाल को निर्दोष युवक के पास से शराब की फर्जी बरामदगी के मामले में दंड मिलना चाहिए। कोतवाल का डर कर यहां से चले जाना समस्या का समाधान नहीं है। उसके विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए रिलीव होने के बाद भी। यह कार्रवाई अंबेडकरनगर के अधिकारियों की जिम्मेदारी है। दोषी पुलिसकर्मियों और दीवान के विरुद्ध कार्रवाई न होने से नाराज सपा विधायक ने कहा कि वे सोमवार को लखनऊ जा रहे हैं। वहां अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी से मिलकर पूरे प्रकरण से अवगत कराएंगे और बताएंगे कि किस तरह की मनमानी और ज्यादती जलालपुर से लेकर पूरे जिले की पुलिस कर रही है। डीजीपी से भी मुलाकात कर पुलिस की अवैध वसूली और ज्यादती की जानकारी दी जाएगी। यह भी बताया जाएगा कि ऐसे मामलों पर कार्रवाई की बजाय अधिकारी मौन साधे रहते हैं। इससे गलत संदेश जा रहा है। अधिकारियों को लेकर भी जनता में तरह तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।
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अन्याय के विरुद्ध सिर्फ अमर उजाला की ओर से की गई सार्थक पहल के बाद हुई कार्रवाई ने फिर से आम लोगों को सुकून का एहसास कराया है। सिर्फ अमर उजाला ने रविवार के अंक में जलालपुर कोतवाली पुलिस की वह करतूत प्रकाशित की थी, जिसमें एक पीड़ित का आरोप था कि राह चलते उसे पकड़ कर 10 लीटर शराब की फर्जी बरामदगी दिखा दी गई। पीड़ित के परिवारीजन और अन्य ग्रामीण सपा विधायक सुभाष राय के पास पहुंचे, तब पुलिस की कारगुजारी सामने आ सकी।
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इस मामले में शनिवार को अमर उजाला ने जानकारी जुटानी शुरू की तो पुलिसकर्मियों की तरफ से पैरवी शुरू हो गई। पुलिसकर्मियों ने स्वीकार भी किया कि गलती तो हो गई है, लेकिन इस बार जाने दिया जाए। बहरहाल इन सबके बीच सिर्फ अमर उजाला ने पुलिस की हैरान कर देने वाली करतूत को अत्यंत प्रमुखता से प्रकाशित किया तो हड़कंप मच गया। सपा विधायक सुभाष राय ने थाना घेराव की चेतावनी तक दी थी।
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इस बीच हुआ यह कि शराब की फर्जी बरामदगी दिखाने की करतूत ने जलालपुर कोतवाली प्रभारी मनीष सिंह की कुर्सी छीन ली। यहां यह उल्लेखनीय है कि मनीष सिंह लंबे समय से अंडर ट्रांसफर चल रहे थे। इसके बावजूद वे निश्चिंत होकर कुर्सी पर डटे थे। शनिवार को जब अमर उजाला टीम खबर की जानकारी जुटा रही थी तो उनके द्वारा यही कोशिश की गई कि सब कुछ सामान्य रहे।
देर शाम तक पुलिसकर्मी प्रयास में जुटे रहे, लेकिन बात नहीं बनी तो मामले के तूल पकड़ने पर गाज गिरने की संभावना देख मनीष सिंह ने रिलीव हो जाने की तरफ ध्यान फोकस कर दिया। इस बीच शनिवार शाम एसपी आलोक प्रियदर्शी ने भी जलालपुर थाने फोन कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इसके बाद एसपी ने कोतवाल जलालपुर को गैर जनपद के लिए रिलीव करने का आदेश जारी कर दिया। एसपी ने इसकी पुष्टि भी की। कहा कि सामान्य प्रक्रिया में रिलीव किया गया है। हालांकि इसके साथ ही यह बड़ा प्रश्न है कि फिर अन्य अंडर ट्रांसफर थाना प्रभारी, दरोगा और इंस्पेक्टर को क्यों नहीं रिलीव किया गया।
आज शासन में शिकायत करेंगे विधायक सुभाष
सपा विधायक सुभाष राय ने कहा है कि वह सोमवार को लखनऊ जाकर शासन में पूरे प्रकरण की शिकायत करेंगे। विधायक ने कहा कि कोतवाल को रिलीव करने से जलालपुर कोतवाली क्षेत्र में मची लूट तो रुक जाएगी, लेकिन कोतवाल को निर्दोष युवक के पास से शराब की फर्जी बरामदगी के मामले में दंड मिलना चाहिए। कोतवाल का डर कर यहां से चले जाना समस्या का समाधान नहीं है। उसके विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए रिलीव होने के बाद भी। यह कार्रवाई अंबेडकरनगर के अधिकारियों की जिम्मेदारी है। दोषी पुलिसकर्मियों और दीवान के विरुद्ध कार्रवाई न होने से नाराज सपा विधायक ने कहा कि वे सोमवार को लखनऊ जा रहे हैं। वहां अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी से मिलकर पूरे प्रकरण से अवगत कराएंगे और बताएंगे कि किस तरह की मनमानी और ज्यादती जलालपुर से लेकर पूरे जिले की पुलिस कर रही है। डीजीपी से भी मुलाकात कर पुलिस की अवैध वसूली और ज्यादती की जानकारी दी जाएगी। यह भी बताया जाएगा कि ऐसे मामलों पर कार्रवाई की बजाय अधिकारी मौन साधे रहते हैं। इससे गलत संदेश जा रहा है। अधिकारियों को लेकर भी जनता में तरह तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।