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छह माह बाद भी पक्के आवास का सपना अधूरा
अबेडकरनगर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 28 Sep 2015 10:51 PM IST
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पक्के आवास में रहने का सपना संजोए पात्रों को इधर उधर भटकने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। धनराशि उपलब्ध कराने को लेकर विभागीय अधिकारी कितना गंभीर हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अब चयनित पात्रों के खाते फ्रीज तक नहीं हो सके है। इसी के चलते पात्रों के खाते में धन नहीं भेजा जा सका है।
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आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के पक्के आवास में रहने का सपना पूरा करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा इंदिरा आवास योजना का संचालन किया जा रहा है। योजना के तहत चयनित पात्रों को 70 हजार रुपये उपलब्ध कराए जाने का प्राविधान है।
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योजना के तहत जिले को चालू वित्तीय वर्षं 5 हजार 226 लक्ष्य दिया गया है। इसमें अकबरपुर विकास खण्ड को 665, कटेहरी को 508, भीटी को 609, टांडा को 968, बसखारी को 743, रामनगर को 426, जहांगीरगंज को 441, जलालपुर को 718 व भियांव विकास खण्ड को 148 आवास का लक्ष्य दिया गया है।
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इसमें अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के 3 हजार 518, अल्पसंख्यक के 1 हजार 5 व सामान्य के 703 पात्र शामिल हैं। शासनादेश के मुताबिक आवास के निर्माण के लिए आवश्यक 70 हजार रुपये की धनराशि पात्रों के खाते में भेजे जाने का प्राविधान है। इसमें प्रथम किस्त के 35 हजार रुपये उपलब्ध कराया जाना है।
पात्रों को योजना का समुचित लाभ दिलाने एवं उनके खाते में प्रथम किस्त की धनराशि भेजने के लिए लाभार्थियों का खाता व अन्य विवरण आवास साफ्टवेयर पर फीड कराने का निर्देश संबंधित अधिकारी द्वारा दिया गया। वित्तीय वर्षृ का छह माह बीतने को है, लेकिन अब तक संबंधित अधिकारियों द्वारा पात्रों का खाता फ्रीज नहीं किया जा सका है, जबकि पात्रों के सत्यापन का कार्य काफी पहले पूर्ण हो चुका है।
खाता फ्रिज न होने के चलते ही आवास के लिए प्रथम किस्त की धनराशि पात्रों के खाते में नहीं भेजी जा सकी है। नतीजा यह है कि पक्के आवास में रहने का सपना संजोए पात्रों को मायूसी हाथ लग रही है। धन उपलब्ध कराने के लिए संबंधित अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों तक का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कोई सुध नहीं ली जा रही है।
नतीजा यह है कि इसका खामियाजा पात्रों को भुगतना पड़ रहा है। खाता कब तक फ्रिज हो जाएगा और प्रथम कस्ति की धनराशि कब उनके खाते में पहुंचेगी, इसका जवाब देने वाला कोई नहीं है।
यह बोले अधिकारी
जिला परियोजना अधिकारी उमाकांत त्रिपाठी ने कहा कि खाता फ्रीज करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। शीघ्र ही पात्रों के खाते में धनराशि भेज दी जाएगी।